Hindi News ›   India News ›   Gujarat polls away, but challenges are not less

गुजरात में बीजेपीः चुनाव दूर, पर चुनौतियाँ कम नहीं

बीबीसी हिंदी. कॉम के लिए Updated Fri, 31 Mar 2017 11:36 AM IST
Gujarat polls away, but challenges are not less
विज्ञापन
ख़बर सुनें
बीजेपी ने पाँच राज्यों के विधानसभा चुनावों के फौरन बाद अब अपना ध्यान गुजरात पर लगा दिया है। क्या है इसकी वजह?वरिष्ठ पत्रकार राधिका रामाशेषन का विश्लेषण। बीजेपी इन दिनों पुराने जमाने में जिस तरह कम्युनिस्ट पार्टी काम करती थी उसी तर्ज पर काम कर रही है।
विज्ञापन


एक चुनाव खत्म हुआ नहीं कि वो दूसरे चुनाव में लग गई। उत्तर प्रदेश का चुनाव खत्म होते ही बिना विराम किए बीजेपी ने दिल्ली में एमसीडी चुनाव की तैयारी शुरू कर दी। इसके बाद अमित शाह और नरेंद्र मोदी दोनों तुरंत गुजरात के लिए रवाना हो गए। वहां दो दिनों तक रहे और सोमनाथ ट्रस्ट की मीटिंग की। कार्यकर्ताओं से बातचीत की। वे बिल्कुल सीपीएम के मॉडल जैसा काम कर रहे हैं।

गुजरात की चुनौती

गुजरात में बीजेपी 1995 से सत्ता में है। इसलिए कुछ चुनौतियां जरूर हैं लेकिन अभी चुनाव भी बहुत दूर है। एंटी-इंकम्बेंसी का फैक्टर तो है ही। बीस साल से ऊपर हो गए हैं बीजेपी को सत्ता में रहते हुए। अमित शाह काफी व्यावहारिक आदमी भी हैं। उन्हें मालूम है कि ग्राउंड लेवल पर क्या चुनौतियां हैं। कार्यकर्ताओं को प्रेरित करना है। पिछले साल का मानसून बहुत अच्छा नहीं रहा है इसलिए किसान और खेती से जुड़े हुए भी तमाम मसले हैं। इन सब चुनौतियां का सामना तो उन्हें करना ही है। इसीलिए बीजेपी ने इतने पहले से तैयारियां शुरू कर दी हैं।

वाघेला की वापसी की अटकल

दूसरी तरफ शंकर सिंह वाघेला की बीजेपी में घर वापसी की चर्चा तो जरूर है लेकिन इस पर अभी कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। लेकिन यह बात जरूर है कि शंकर सिंह वाघेला अपने बेटे के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। वो चाह रहे हैं कि उनका बेटा चुनाव लड़े लेकिन कांग्रेस में उनका भविष्य नहीं दिखाई दे रहा है। इसलिए बेटे के भविष्य को लेकर कुछ बातें हो सकती हैं। अमित शाह से मुलाकात भी हुई है।

गुजरात में कांग्रेस चार गुटों में बंटी हुई है इसलिए लगता है कि शंकर सिंह वाघेला को ज्यादा उम्मीदें नजर नहीं आ रही है। इसलिए हो सकता है कि उन्हें अपने बेटे के चिंता हो और खुद भी कही के गवर्नर बनने की ख्वाहिश रखे हुए हो। जैसे कल्याण सिंह राजस्थान के गवर्नर बन कर चले गए। और अब तो उनके पोते भी उत्तर प्रदेश से चुनाव जीत चुके हैं।

पटेलों का प्रभाव

बीजेपी के सामने गुजरात में पटेल आंदोलन और हार्दिक पटेल अभी भी एक चुनौती है। पूरे गुजरात में पटेलों का प्रभाव है। हार्दिक पटेल के इर्द-गिर्द विपक्षी एकता कायम हो सकती है। शिवसेना के उद्धव ठाकरे और जेडी (यू) के नीतिश कुमार ने हार्दिक पटेल के साथ एकजुटता दिखाई है। सालों से पटेल बीजेपी का साथ देते आए हैं। अब देखने वाली बात होगी कि वे बीजेपी को छोड़कर हार्दिक का साथ देते है क्या?

गुजरात में भी जातीय समीकरण

दलितों और आदिवासियों का साथ परंपरागत रूप से कांग्रेस को मिलता है लेकिन फिर भी वो जीत नहीं पाते हैं। इसके लिए उनके एक और मजबूत समुदाय का साथ चाहिए जो कि दरबारी ठाकुरों का हो सकता है। शंकर सिंह वाघेला इसी समुदाय से आते हैं। लेकिन अगर बीजेपी की तरफ चले जाते हैं तब कांग्रेस को नुकसान और बीजेपी को फायदा होगा। हम आम तौर पर मानते हैं कि सिर्फ हिंदी प्रदेशों में ही जाति का फैक्टर काम करता है लेकिन गुजरात में भी इसका बहुत महत्व है।

बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में जो अति पिछड़ों को जोड़ने का फार्मूला अपनाया है वही वो गुजरात में भी पहले अजमा चुके हैं। गुजरात में चालीस अति पिछड़ी जातियां हैं। इसमें यादव भी है। जो सौराष्ट्र में है। इसलिए पटेलों के खिसकने और दलितों का साथ नहीं मिलने की हालत में ये जातियां एक बार फिर से बीजेपी के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती है।

(वरिष्ठ पत्रकार राधिका रामाशेषन से बीबीसी संवाददाता हरिता कांडपाल की बातचीत पर आधारित)
 
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00