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#GujaratRSPolls LIVE: बीजेपी को लगा बड़ा झटका, कांग्रेस के अहमद पटेल चुनाव जीते

amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला Updated Wed, 09 Aug 2017 01:47 AM IST
अहमद पटेल और अमित शाह
अहमद पटेल और अमित शाह - फोटो : Live Mint
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गुजरात राज्य के 3 राज्यसभा सीटों पर वोटिंग के बाद नतीजों के लिए बीजेपी और कांग्रेस की निगाहें चुनाव आयोग पर टिकी हुई हैं। इस चुनाव में कांग्रेस के बड़े नेता और कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल की साख दांव पर लगी है। अहमद को हराने के लिए बीजेपी ने भी पूरा जोर लगाया हुआ है। इन राज्यसभा सीटों के लिए 6.30 बजे नतीजे घोषित किए जाने थे, पर विवाद के चलते नतीजे घोषित नहीं किए जा सके हैं। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह तमाम नेताओं के काउंटिंग वाली जगह डेरा डाले हुए हैं। इस बीच चुनाव आयोग ने कांग्रेस के दोनों बागी विधायकों के वोट रद्द कर दिए और काउंटिंग शुरू करने का आदेश दिया है।
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संविधान के आर्टिकल 324 के तहत चुनाव ने कांग्रेस के विधायकों भोला भाई गोहिल और राघव भाई पटेल के वोट रद्द कर दिए गए हैं और राज्यसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई।

 


इससे पहले, चुनाव आयोग से कांग्रेस ने अपने बागी दो विधायकों के वोट रद्द करने की मांग की थी। जिसे चुनाव आयोग ने मान लिया है। इसके साथ ही राज्यसभा चुनाव की काउंटिंग की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
 

संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप ने कहा था कि चुनाव आयोग को अपना फैसला जल्द सुनाना चाहिए। अगर कोई उससे सहमत नहीं है तो वो कोर्ट की शरण में जाए।
 

 




हालांकि, चुनाव आयोग ने काउंटिंग को लेकर चुनाव आयोग आज रात 11:30 बजे आदेश जारी करेगा।  हालांकि सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग ने कांग्रेस के दोनों बागी विधायकों के वोट रद्द कर दिए हैं। वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, मुख्यमंत्री रुपेश रुपानी, भूपेंद्र यादव सहित बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता काउंटिंग सेटर पहुंच चुके हैं।



कांग्रेस ने इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से की है, तो बीजेपी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल भी चुनाव आयोग पहुंचा। बीजेपी के चुनाव आयोग पहुंचने के बाद कांग्रेस दोबारा चुनाव आयोग पहुंची, तो बीजेपी भी चुनाव आयोग पहुंची। बीजेपी-कांग्रेस जोर आजमाइश के इस खेल में यहीं नहीं रुके, दोनों ही पार्टियों के नुमाइंदे तीसरी बार चुनाव आयोग की दर पर पहुंचे, हालांकि चुनाव आयोग के अधिकारियों ने दोनों ही दलों के प्रतिनिधियों से तीसरी बार मिलने से मना कर दिया।
 


कांग्रेस और बीजेपी के नेता अब तीसरी बार चुनाव आयोग पहुंचे। कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह और रणदीप सुरजेवाला फिर से चुनाव आयोग के सामने अपना पक्ष रखने की कोशिश की, तो  तो बीजेपी की तरफ से रविशंकर प्रसाद पूरे दल-बल के साथ चुनाव आयोग पहुंच गए। हालांकि चुनाव आयोग के अधिकारियों  ने दोनों दलों के नुमाइंदों से मिलने से इनकार कर दिया।
   
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग पर दबाव न डाले। अगर कांग्रेस नेता बार बार चुनाव आयोग आएंगे, तो हम भी आएंगे।
 

 


दूसरी बार चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचे रविशंकर प्रसाद ने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद है। कांग्रेस पार्टी बिखर रही है, इसीलिए वो बार बार चुनाव आयोग पहुंच रही है। वो हार रही है, इसीलिए वो डर रही है। उन्होंने कहा कि वीडियो में चुनाव आयोग ने कुछ भी गलत नहीं पाया है। हमनें चुनाव आयोग से अपील की है कि वो जल्द से जल्द काउंटिंग शुरू करे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने डर की वजह से दोबारा अपने बड़े नेताओं के साथ चुनाव आयोग पहुंची है।
 


कांग्रेसी नेताओं के दूसरी बार चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचने के बाद पी चिदंबरम ने कहा कि चुनाव आयोग को दोनों वोट रद्द करने ही चाहिए, जैसे उसने जून 2016 में किया था।
 

 


इससे पहले, चुनाव आयोग से पहली बार मुलाकात के बाद बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस सुबह से चुनाव करा रही है और हार देखकर वो विवाद खड़ा कर रही है। कांग्रेस को लग रहा है कि वो हार रही है, इसीलिए वो बेबुनियाद आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर बक्से मे ंबंद होने के बाद किसी जांच का कोई मतलब नहीं रह सकता। हमने चुनाव आयोग से कहा है कि वो विवाद खड़ा करने के लिए कांग्रेस को मौका न दे। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस को लड़ना ही है, तो वो कोर्ट जाएं। इस दौरान बीजेपी नेता पीयूष गोयल ने कहा कि वॉर्निंग देने के बाद रिटर्निंग अधिकारी वोट कैंसिल करके साइड रख देता है। पर कांग्रेस ने उस समय कोई शिकायत नहीं की। बाद में कांग्रेस विवाद खड़ा करने के इरादे से वोट खारिज करने की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि साल 2002 से राज्यसभा चुनाव के लिए नियम बदले गए, जिसमें रिटर्निंग अधिकारी और इलेक्शन एजेंट को बताया जाता है कि वो किसे वोट कर रहा है। सुबह से कांग्रेस 45-46 वोटों से जीतते खुद को दिखा रही थी, पर 3 बजे के बाद कांग्रेस ने ऑबजेक्शन उठाना शुरू कर दिया। जो उसकी बौखलाहट को दिखाता है। वो आर्टिकल 324 का दुरुपयोग करना चाहती है। अब इलेक्शन पिटिशन के अलावा कांग्रेस के पास कोई रास्ता नहीं है। 

पीयूष गोयल ने कहा कि 9.20 बजे सुबह वो वोट पड़े, तब से कांग्रेस ने कोई ऑब्जेक्शन नहीं किया। जब कांग्रेस को लगा कि वो हार रही है, तो 3 बजे के बाद विवाद खड़ा करने लगी। 

वहीं, राज्यसभा चुनाव में काग्रेस प्रत्याशी अहमद पटेल ने कहा कि कांग्रेस ने तुरंत शिकायत दर्ज कराई, पर रिटर्निंग अधिकारी ने कुछ नहीं किया।
   


बता दें कि कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला और आरपीएन सिंह ने चुनाव आयोग से मांग की थी कि 2 कांग्रेस विधायकों के वोट रद्द कर दिए जाएं क्योंकि उन्होंने अपना वोट दिखा कर दिया था। वहीं सारी रिपोर्ट्स चुनाव आयोग को भेजी गई। चुनाव आयोग के जवाब के बाद वोटों की गिनती शुरू होगी। बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग में उच्च अधिकारियों की बैठक हो रही है।
गुजरात कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवादिया ने कहा कि कांग्रेस, बीजेपी और प्रेसिटिंग अधिकारी को साथ में वीडियो देखना चाहिए। पर बीजेपी ने वीडियो देखने से मना कर दिया। अब हम इलेक्शन कमीशन के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। 
 
अर्जुन मोढवादिया ने कहा कि हमनें सुबह 9.30 बजे ही आपत्ति जताई थी। पर चुनाव आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया। ये इस बात को दिखाता है कि चुनाव आयोग के अधिकारी भारी दबाव में हैं।
 


इससे पहले, बीजेपी के बड़े नेता भी चुनाव आयोग पहुंच गए हैं। केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, रविशंकर प्रसाद और निर्मला सीतारमन भी चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचे। इनके साथ बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल भी चुनाव आयोग पहुंचा। जिसमें अन्य केंद्रीय मंत्री शामिल रहे।
 

बीजेपी नेताओं के बाद कांग्रेस नेता फिर से चुनाव आयोग पहुंचे थे और अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा था। 
 


बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा था कि चुनाव खत्म होने के बाद कांग्रेस को आयोग की याद आई। बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव ने कहा कि आप 6 घंटे बैठे रहे। 6 घंटे चुनाव कराते रहे। अब आपको याद आ रहा है कि चुनाव आयोग जाना है?
 


इससे पहले. जेडीयू के एक विधायक छोटू भाई ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि उन्होंने कांग्रेस को ही वोट दिया है। हालांकि जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि नीतीश जी ने हमारे गुजरात के MLA छोटू भाई को BJP को वोट करने के लिए कहा और उन्होंने बीजेपी को ही वोट किया है।

वहीं बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में जश्न मनाया गया।  बीजेपी कार्यकर्ता पार्टी ऑफिस में काउंटिंग से पहले ही जश्न मनाना शुरू कर चुके थे।
 

राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के दौरान कांग्रेस के दो विधायकों के वोट बीजेपी के प्रत्याशी के पक्ष में गए थे। कांग्रेस ने इन्हीं दोनों वोटों को रद्द करने की मांग की थी। कांग्रेस अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि दोनों कांग्रेसी विधायकों ने वोटों की गिनती से पहले ही बता कि उन्होंने अमित शाह को वोट दिया है। ऐसे वोट रद्द किए जाने चाहिए। इस बात की वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। शक्तिसिंह ने कहा कि दोनों विधायकों के वीडियो के साथ अगर छेड़छाड़ हुई है, तो हम सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने इसे आपराधिक कृत्य करार दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वोटर अपने वोट को अगर पार्टी के एजेंट के अलावा किसी और को बताता है, तो वो रद्द हो जाता है।
 

 

 


इससे पहले, राज्यसभा चुनाव के लिए बेंगलुरू से गुजरात लौटे कांग्रेस के सभी विधायकों ने वोटिंग की। बताया जा रहा है कि कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि साणंद के एक कांग्रेसी विधायक करमसी पटेल ने बीेजपी के पक्ष में वोट डाल दिया है। हालांकि,  जेडीयू के विधायक छोटू वसावा ने कांग्रेस के समर्थन में वोट दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके अहमद पटेल से अच्छे रिश्ते हैं। इससे पहले कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने बयान दिया था कि जिन-जिन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है उन सभी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गहलोत ने ये भी जाहिर किया कि जेडीयू और एनसीपी के एक-एक विधायकों ने उन्हें वोट दिया है।

वहीं एनसीपी के दो हिस्सों में बंट जाने के बाद पार्टी की ओर वोट देने वाले विधायकों ने खुले तौर कहा कि उन्होंने किसे वोट दिया। विधायक कांधल जडेजा ने मीडिया से कहा कि उन्होंने पहले ही अपनी स्थिति जाहिर कर दी थी, कि वे कांग्रेस को वोट नहीं देंगे।
 

#Gujarat Congress MLAs arrive at state assembly in Gandhinagar from Neejanand resort in Anand #RajyaSabhaPolls pic.twitter.com/Pw8McZWuri

— ANI (@ANI_news) August 8, 2017

इस बीच वोटिंग के बाद कांग्रेस छोड़ चुके शंकर सिंह वाघेला ने कहा कि उन्होंने अहमद पटेल को वोट नहीं दिया। बता दें कि गुजरात में करीब दो दशक बाद हो रहे चुनाव के लिए बीजेपी की ओर से उम्मीदवार बने अमित शाह और स्मृति ईरानी गुजरात विधानसभा पहुंचे।

Gujarat: BJP Candidates Smriti Irani & Amit Shah arrive at State Legislative Assembly; CM Vijay Rupani also reaches #RajyaSabhaPolls pic.twitter.com/RbTffTi3xk

— ANI (@ANI_news) August 8, 2017
  
कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार बने अहमद पटेल अपनी जीत के लिए हर कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी ये राह आसान नहीं लग रही है। दरअसल, यहां से बड़े दलों के अधिकृत प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो जाते थे लेकिन इस बार भाजपा ने पांचवें कार्यकाल के लिए किस्मत आजमा रहे पटेल के सामने अपने उम्मीदवार को उतार दिया है। सत्तारूढ़ भाजपा ने यहां तीन राज्यसभा सीटों के लिए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और बलवंत सिंह राजपूत को उतारा है। राजपूत हाल तक सदन में कांग्रेस के मुख्य सचेतक थे।

शाह और ईरानी का उच्च सदन में पहुंचना तय माना जा रहा है लेकिन राजपूत को जिताने और पटेल को हराने के लिए भाजपा को अतिरिक्त वोट हासिल करने होंगे। पटेल ने आज बेंगलूरू प्रवास से लौटे कांग्रेस विधायकों से मुलाकात की। उन्होंने अपनी जीत का भरोसा जताया।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा  कि यह चुनाव किसी की प्रतिष्ठा से नहीं जुड़ा। मुझे अपने विधायकों पर पूरा भरोसा है। कांग्रेस के इन 44 विधायकों के अलावा राकांपा के दो और जदयू के एक विधायक मेरे लिए वोट देंगे। इन विधायकों को अब आणंद जिले के एक रिसार्ट में रखा गया है। पटेल ने दावा किया कि राकांपा के दो विधायक उन्हें वोट देंगे, लेकिन शरद पवार की पार्टी के एक विधायक ने दावा किया कि दोनों विधायकों को भाजपा के प्रत्याशी बलवंतसिंह राजपूत का समर्थन करने का निर्देश दिया गया है।

इस मुद्दे पर राकांपा बंटी हुई दिखी। पवार की बेटी और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि पार्टी कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देगी। राकांपा विधायक कंधाल जडेजा ने गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा कि वह और एक और पार्टी विधायक जयंत पटेल से राजपूत के समर्थन में वोट देने को कहा गया है।

हालांकि, जब सुप्रिया सूले से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने टेक्स्ट मैसेज के जवाब में कहा, ‘‘मुझे जो जानकारी है वे कांग्रेस को वोट देंगे।’’ करीब डेढ़ दशक से अधिक समय से राज्य की सत्ता से बाहर चल रही कांग्रेस हाल ही में पार्टी के दिग्गज नेता शंकर सिंह वाघेला के पार्टी छोड़ने से स्तब्ध रह गयी थी।

इसके बाद राजपूत समेत छह विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा देकर कांग्रेस को और झटका दे दिया। इनमें से तीन विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गये। राजपूत, वाघेला के रिश्तेदार हैं। गुजरात में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्यसभा की चुनावी जंग ने सियासी सरगर्मियां काफी बढ़ा दी हैं।

अहमद पटेल को जीतने के लिए 45 मत चाहिए। उनकी पार्टी के पास वर्तमान में 44 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। इनमें से कोई भी अगर क्रॉस वोटिंग नहीं करता है या ‘उपयुक्त में से कोई नहीं’ (नोटा) विकल्प का प्रयोग नहीं करता है, उस स्थिति में भी कांग्रेस को पटेल की जीत सुनिश्चित करने के लिए एक अतिरिक्त मत की जरूरत होगी।
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