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Gujarat Result 2022: कितने सफल होंगे सीएम भूपेंद्र के मंत्री, जानें किसे मिली हार और कौन मैदान लेगा मार?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार सम्भव जैन Updated Thu, 08 Dec 2022 01:29 PM IST
सार

गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों में सबसे ज्यादा नजर भूपेंद्र सरकार के उन मंत्रियों पर है, जो चुनावी मैदान में उतरे थे। आइए जानते हैं कि किस मंत्री ने किस विधानसभा सीट पर किस्मत आजमाई?

गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे
गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 के रुझान आने शुरू हो गए हैं। इस दौरान सबसे ज्यादा नजर गुजरात सरकार के उन मंत्रियों पर है, जिन्होंने चुनावी मैदान में ताल ठोंकी। अब देखते हैं कि भूपेंद्र पटेल कैबिनेट में शामिल किस मंत्री का क्या हाल है? 

भूपेंद्र पटेल, मुख्यमंत्री

घटलोडिया विधानसभा सीट से गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल भाजपा के उम्मीदवार हैं। शुरुआती रुझान में वह आगे चल रहे हैं। इससे पहले घटलोडिया से राज्य की पू्र्व मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल विधायक चुनी गई थीं। साल 2012 के गुजरात चुनाव में आनंदीबेन पटेल ने कांग्रेस के रमेशभाई पटेल को एक लाख 10 हजार वोट से हराया था। आनंदीबेन बाद में गुजरात की मुख्यमंत्री बनीं। वहीं, साल 2017 में भूपेंद्र पटेल ने कांग्रेस के शशिकांत भूराभाई को एक लाख 17 हजार मतों के बड़े अंतर से हराया। इसके बाद पटेल को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया। इस बार के चुनाव में बीजेपी ने फिर इस सीट से मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को मैदान में उतारा। उनका मुकाबला कांग्रेस की अमी याज्ञनिक और आम आदमी पार्टी के विजय पटेल से था।

ऋषिकेश पटेल, स्वास्थ्य मंत्री

विसनगर विधानसभा सीट से भाजपा ने गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल को टिकट दिया। ऋषिकेश के खिलाफ कांग्रेस ने किरीटभाई ईश्वरभाई पटेल और आम आदमी पार्टी ने जयंतीलाल मोहनलाल पटेल को प्रत्याशी बनाया। इस सीट पर 33 फीसदी से ज्यादा पाटीदार मतदाता हैं। 24 प्रतिशत ठाकोर, 10 प्रतिशत ओबीसी और 10 प्रतिशत एससी मतदाता हैं। सात प्रतिशत मुस्लिम हैं। अन्य जातियों के वोटर्स 12 प्रतिशत हैं। 2012 और 2017 में इस सीट से ऋषिकेश पटेल ने ही जीत हासिल की थी।

अर्जुन सिंह चौहान, ग्रामीण एवं शहरी विकास मंत्री

महमेदाबाद विधानसभा सीट से भाजपा ने भूपेंद्र पटेल सरकार में ग्रामीण एवं शहरी विकास मंत्री अर्जुन सिंह चौहान को उम्मीदवार बनाया है। अर्जुन ने 2017 में भी इस सीट से जीत हासिल की थी। अर्जुन के खिलाफ कांग्रेस ने जुवानसिंह गांडाभाई चौहान और आम आदमी पार्टी ने प्रमोदभाई चौहान को मैदान में उतारा है।

कीर्ति सिंह वाघेला, शिक्षामंत्री

गुजरात सरकार में शिक्षामंत्री कीर्ति सिंह वाघेला कांकरेज से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े। कीर्ति सिंह ने 2017 में भी इस सीट से जीत हासिल की थी। कीर्ति के खिलाफ कांग्रेस ने अमृतजी मोतीजी ठाकोर और आम आदमी पार्टी ने मुकेश ठक्कर को प्रत्याशी बनाया। 

किरीट सिंह राणा, वन एवं पर्यावरण मंत्री

गुजरात के वन एवं पर्यावरण मंत्री किरीट सिंह राणा ने लिम्बडी विधानसभा सीट से ताल ठोंकी। सुरेंद्र नगर जिले की इस सीट से अभी किरीट ही विधायक हैं। किरीट सिंह राणा गुजरात के सौराष्ट्र से तालुक रखते हैं। क्षत्रिय समाज से आने वाले किरीट सिंह साल 1995 में पहली बार विधायक बने थे। अब तक वह पांच बार चुनाव जीत चुके हैं। किरीट के खिलाफ कांग्रेस ने कल्पनाबेन बीजलभाई धोरिया और आम आदमी पार्टी ने मयूरभाई मेराभाई साकरिया को टिकट दिया था। 
 

राघवजी पटेल, कृषि और पशुपालन मंत्री

जामनगर ग्रामीण से भाजपा ने गुजरात के कृषि और पशुपालन मंत्री राघवजी पटेल को उम्मीदवार बनाया। राघवजी पटेल लेउवा पटेल समाज से आते हैं। राघवजी साल 1990 में पहली बार विधायक बने थे। अब तक वह छह बार विधायक रह चुके हैं। 
 

देवाभाई मलम, पशुपालन राज्य मंत्री

गुजरात सरकार में पशुपालन राज्यमंत्री देवाभाई मलम भाजपा के टिकट पर जूनागढ़ के केशोद सीट से चुनाव लड़े। देवाभाई गुजरात भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 2017 में वह भावनगर पश्चिम सीट से विधायक चुने गए थे, हालांकि इस बार उनका टिकट बदल दिया गया। सौराष्ट्र के देवाभाई लेउवा पटेल समाज से ताल्लुक रखते हैं। 

मुकेश पटेल, कृषि और ऊर्जा राज्यमंत्री

भाजपा ने सूरत के ओलपाड विधानसभा सीट से गुजरात सरकार के कृषि और ऊर्जा राज्यमंत्री मुकेश पटेल को टिकट दिया। मुकेश ने 2017 में भी इसी सीट से चुनाव जीता था। कोली पटेल समाज से ताल्लुक रखने वाले मुकेश 2012 में पहली बार विधायक बने थे। मुकेश ओलपाड के पूर्व विधायक किरीट पटेल के पीए भी रह चुके हैं। 

विनोद (वीनू) मोराडिया, शहरी आवास और विकास राज्यमंत्री

गुजरात सरकार में शहरी आवास और विकास राज्यमंत्री विनोद इस बार भी सूरत के कतारगाम से चुनाव लड़े। 2017 में भी उन्होंने यहां से जीत हासिल की थी। हालांकि, इस बार वह शुरुआती रुझान में पीछे चल रहे हैं। विनोद लेउवा पटेल समाज से हैं और दक्षिण गुजरात क्षेत्र से आते हैं। विधायक चुने जाने से पहले वह नगर निगम में तीन बार पार्षद रह चुके हैं। इस बार के चुनाव में उनका मुकाबला आम आदमी पार्टी  के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया से था। यहां गोपाल इटालिया ने बढ़त बना रखी है।

पूर्णेंश मोदी, सड़क-परिवहन, नागरिक उड्डयन और पर्यटन मंत्री

भाजपा ने सूरत पश्चिम से सड़क-परिवहन, नागरिक उड्डयन और पर्यटन मंत्री पूर्णेंश मोदी को चुनावी मैदान में उतारा। पिछली बार भी इसी सीट से उन्होंने जीत हासिल की थी। पूर्णेश मोधवानिक समाज से हैं। पूर्णेंश मोदी 2013 में पहली बार उपचुनाव में विधायक चुने गए थे। वह सूरत शहर के 2010 से 2016 तक बीजेपी के जिलाध्यक्ष भी रहे हैं।

नरेश पटेल, जनजातीय विकास, खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री

गुजरात सरकार में जनजातीय विकास, खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री नरेश पटेल नवसारी के गणदेवी सीट से चुनाव लड़े। शुरुआती रुझान में वह आगे चल रहे हैं। पटेल आदिवासी ढोडिया पटेल समाज से आते हैं। 2007 में वह पहली बार विधायक बने थे। अब तक वह दो बार विधायक रह चुके हैं। नरेश के खिलाफ कांग्रेस ने अशोकभाई लल्लूभाई पटेल और आम आदमी पार्टी ने पंकजभाई पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया था।

कनुभाई देसाई, वित्त, ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल मंत्री

वलसाड की पारडी सीट से भाजपा ने कनुभाई मोहनलाल देसाई को अपना उम्मीदवार बनाया। कनुभाई गुजरात सरकार में वित्त, ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल मंत्री हैं। ब्राह्मण समाज से ताल्लुक रखने वाले कनुभाई दक्षिण गुजरात के रहने वाले हैं। 2012 में पहली बार विधायक बने थे। कनुभाई के खिलाफ कांग्रेस ने जयश्री पटेल और आम आदमी पार्टी ने केतन पटेल को उतारा था। 

जगदीश विश्वकर्मा, राज्यमंत्री

निकोल विधानसभा सीट से गुजरात सरकार के राज्यमंत्री जगदीश विश्वकर्मा ने चुनाव लड़ा। जगदीश के खिलाफ कांग्रेस ने रणजीत सिंह बारड़ और आम आदमी पार्टी ने अशोक गजेरा को टिकट दिया था। 2017 में इस सीट से जगदीश विश्वकर्मा ने ही जीत हासिल की थी। 

मनीषा वकील, राज्यमंत्री

वडोदरा शहर से मनीषा वकील भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ीं। मनीषा भूपेंद्र पटेल सरकार में राज्यमंत्री हैं। 2017 में भी उन्होंने इस सीट पर जीत हासिल की थी। इस बार मनीषा के खिलाफ कांग्रेस ने गुणवंतराय परमार और आम आदमी पार्टी ने जीगरभाई भानुप्रसाद सोलंकी को अपना प्रत्याशी बनाया।

शंकर चौधरी, राज्यमंत्री

भारतीय जनता पार्टी ने थराद विधानसभा सीट से शंकर चौधरी को उम्मीदवार बनाया। पिछली बार वह वाव विधानसभा सीट से चुनाव हार गए थे, लेकिन इस बार शुरुआती रुझान में वह आगे चल रहे हैं। शंकर चौधरी ने 27 साल की उम्र में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के खिलाफ राधनपुर से पहला चुनाव लड़ा था। हालांकि, वो पहली बार साल 1998 में राधनपुर सीट से विधायक चुने गए थे। शंकर अभी गुजरात सरकार में राज्यमंत्री हैं। इनके खिलाफ कांग्रेस ने गुलाबसिंह पीराभाई राजपूत और आम आदमी पार्टी ने वीरचंदभाई चेलाभाई चावड़ा को मैदान में उतारा। 

निमिषा सुथार, राज्यमंत्री

मोरवा हडफ विधानसभा सीट से गुजरात सरकार की राज्यमंत्री निमिषा सुथार चुनावी मैदान में हैं। पंचमहाल जिले की मोरवा हडफ सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। 2017 में कांग्रेस के टिकट पर सविता खांट विधायक चुनी गईं, लेकिन परिणाम के दिन ही ह्रदयाघात से उनकी मौत हो गई। इसके बाद हुए चुनाव में उनके बेटे भूपेंद्र खांट विधायक चुने गए, लेकिन जाति प्रमाण पत्र के विवाद के चलते काफी समय तक उनकी विधानसभा की सदस्यता रद्द रही। उसी दौरान उनका भी निधन हो गया। अब इसी परिवार की बहू स्नेहलता खांट कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरीं। उनका मुकाबला भाजपा की मंत्री निमीषा बेन सुथार से था। निमिषा को उपचुनाव में जीतने के बाद भूपेंद्र पटेल की सरकार में मंत्री बनाया गया था। आम आदमी पार्टी से इस सीट पर भाणाभाई मनसुखभाई डामोर चुनाव लड़े।

गजेंद्रसिंह उदेसिंह परमार, राज्यमंत्री

गुजरात के साबरकांठा जिले की प्रांतिज विधानसभा सीट से भूपेंद्र पटेल सरकार के राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह उदेसिंह प्रत्याशी हैं। 2017 में प्रांतिज में कुल 47.15 प्रतिशत वोट पड़े थे। तब भी भाजपा के टिकट पर परमार गजेंद्रसिंह उदेसिंह ने इंडियन नेशनल कांग्रेस के बारैया महेन्द्रसिंह कचरसिंह (एडवोकेट) को 2551 वोटों के मार्जिन से हराया था। गजेंद्र के खिलाफ इस बार कांग्रेस ने बहेचरसिंह हरिसिंह राठौड़ और आम आदमी पार्टी ने अल्पेशकुमार नरेशभाई पटेल को टिकट दिया। 

जीतू चौधरी, मत्स्य पालन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

वलसाड की कपराडा विधानसभा से गुजरात सरकार में मत्स्य पालन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  जीतू चौधरी चुनाव लड़े। जीतू अभी इसी सीट से विधायक हैं। 2017 में जीतू यहां से कांग्रेस के टिकट पर 170 वोटों के अंतर से चुनाव जीते थे, जून 2020 में पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद हुए उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर जीते।  2021 में जीतू पहली बार मंत्री बने। वह कुनका आदिवासी समाज से आते हैं। जीतू साल 2002 से लगातार पांच बार विधायक रह चुके हैं। जीतू का मुकाबला कांग्रेस के वसंतभाई बरजुलभाई पटेल और आम आदमी पार्टी के जयेंद्रभाई गावित से था।

हर्ष संघवी, गृह, युवा, खेल, आबकारी और जेल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

भाजपा के मजूरा सीट से गुजरात के गृह, युवा, आबकारी ओर जेल राज्यमंत्री हर्ष संघवी चुनाव लड़े। शुरुआती रुझान में वह आगे चल रहे हैं। हर्ष अभी मजूरा से ही विधायक हैं। वह भाजपा युवा मोर्चे के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। हर्ष जैन समाज से ताल्लुक रखते हैं। वह लगातार दो बार के विधायक हैं। 
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