विज्ञापन
Hindi News ›   India News ›   Gyanvapi Mosque Survey: Muslim side reaches Supreme Court, petition filed, hearing may be held today

Gyanvapi Mosque Survey : सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मुस्लिम पक्ष, दाखिल की याचिका, आज हो सकती है सुनवाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Tue, 17 May 2022 04:56 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने बीती 13 मई को वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वेक्षण को तुरंत रोकने से इनकार कर दिया था। हालांकि शीर्ष कोर्ट ने मामले को सूचीबद्ध करने पर सहमति दी थी। याचिका में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 21 अप्रैल के आदेश की वैधता को चुनौती दी गई थी, जिसने सर्वेक्षण के लिए दीवानी अदालत के आदेश के खिलाफ याचिका खारिज कर दी थी।

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : amar ujala
ख़बर सुनें

विस्तार

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में अदालत के आदेश पर हुए सर्वे का मामला अब एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सर्वे के खिलाफ मस्जिद कमेटी ने याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को इस पर सुनवाई कर सकता है। मुस्लिम पक्ष ने सर्वे पर रोक लगाने से हाईकोर्ट के इनकार के बाद यह याचिका दाखिल की है। समझा जा रहा है कि दोपहर एक बजे शीर्ष कोर्ट में यह सुनवाई होगी। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ इस मामले को सुनेगी। 



इधर, दो दिन से जारी गहमागहमी के बीच ज्ञानवापी परिसर में अभी तक हुए सर्वे को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्षों ने अपने-अपने दावे किए हैं। दरअसल, ज्ञानवापी मस्जिद और विश्वेवश्वर नाथ मंदिर विवाद मामले में सोमवार को भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई जारी रही। मंदिर पक्ष की ओर से कोर्ट को बताया गया कि निचली अदालत के आदेश पर कराए जा रहे सर्वे में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के अंदर शिवलिंग मिला है। 


इसके अलावा मंदिर से जुड़ी कई अन्य चीजें भी सामने आईं हैं। निचली अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद के उस एरिया को सील करा दिया है। करीब एक घंटे तक चली सुनवाई में केवल मंदिर पक्ष की ओर से तथ्य पेश किए गए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 20 मई की तिथि निर्धारित की है। उस दिन याची पक्ष यानी अंजुमन इंतजामिया अपना पक्ष प्रस्तुत करेगी। 

इसके पहले सुनवाई शुरू होते हुए वाराणसी की जिला अदालत के आदेश पर ज्ञानवापी मस्जिद के हो रहे सर्वे और सर्वे को लेकर को हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों से स्थिति जाननी चाही। कोर्ट को बताया गया कि सर्वे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी। जबकि, निचली अदालत के आदेश पर सोमवार को भी सर्वे का काम जारी है।

शीर्ष न्यायालय ने तत्काल रोक से किया था इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने बीती 13 मई को वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वेक्षण को तुरंत रोकने से इनकार कर दिया था। हालांकि शीर्ष कोर्ट ने मामले को सूचीबद्ध करने पर सहमति दी थी। याचिका में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 21 अप्रैल के आदेश की वैधता को चुनौती दी गई थी, जिसने सर्वेक्षण के लिए दीवानी अदालत के आदेश के खिलाफ याचिका खारिज कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह इस मामले में सभी दस्तावेज देखने के बाद ही कोई निर्णय ले सकता है।

हाईकोर्ट की सुनवाई में क्या हुआ
मंदिर पक्ष की ओर से अधिवक्ता विजय शंकर रस्तोगी पेश हुए। उन्होंने बताया कि ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे में एक बड़ा शिवलिंग मिला है। निचली अदालत ने उस एरिया को सील करा दिया है। अधिवक्ता ने तर्क दिया कि  सन 1936 में दीन मोहम्मद, मोहम्मद हुसैन व मोहम्मद जकारिया ने बनारस की अधीनस्थ अदालत में वाद दायर किया था। 

इसमें मौजा शहर खास, परगना देहात अमानत, बनारस गाटा संख्या 9130, एक बीघा नौ बिस्वा छह धूर, चबूतरा, पेड़, पक्का कुआं आदि को वक्फ संपत्ति घोषित करने और अलविदा नमाज पढ़ने अनुमति देने का अनुरोध किया गया था। अधिवक्ता के मुताबिक कोर्ट ने दावा साबित नहीं कर पाने के कारण यह वाद खारिज कर दिया था। 

इसके खिलाफ हाईकोर्ट में प्रथम अपील दायर हुई। उसमें केवल याची को नमाज पढ़ने की राहत मिली थी, जिसका फायदा दूसरा कोई नहीं उठा सकता। वह आदेश सामान्य मुसलमानों के लिए नहीं है। इसलिए वक्फ संपत्ति हिंदुओं के विरुद्ध नहीं हो सकती है। 

उन्होंने कहा कि याची पक्ष सुप्रीम कोर्ट के जिन पांच जजों की पीठ के फैसले पर भरोसा कर रहा है, जबकि राम जन्म भूमि वाले मामले में सात जजों की पीठ का फैसला ज्यादा महत्वपूर्ण है। ज्ञानवापी मस्जिद विवाद में वह अधिक प्रभावी है। 

अगली सुनवाई पर वक्फ बोर्ड रखेगा अपना पक्ष
मंदिर पक्ष की ओर से तर्क दिए जाने के बाद मामले में वक्फ बोर्ड की ओर से भी पेश हुए अधिवक्ता एसएएफ नकवी ने अपना पक्ष रखना चाहा, लेकिन समय की कमी को देखते हुए कोर्ट ने उनकी बहस को नहीं सुना और 20 मई की तिथि तय कर दी। कोर्ट ने कहा कि  मामले में आगे की सुनवाई पर वक्फ बोर्ड केपक्ष को पहले सुना जाएगा। इसके बाद मंदिर पक्ष की बाकी बहस को पूरा सुना जाएगा। 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00