देशभर में बाढ़ का कहर जारी, केरल में 111 की मौत, कर्नाटक में और बिगड़े हालात

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nilesh Kumar Updated Sat, 17 Aug 2019 11:10 AM IST

सार

  • राजस्थान में वर्षाजनित हादसों में पांच मरे, हाड़ौती में बाढ़ के हालात
  • आंध्र प्रदेश में कृष्णा और गोदावरी नदियों में पानी उफनाया, अलर्ट जारी
  • पंजाब में भाखड़ा डैम का जलस्तर बढ़ा, 19000 क्यूसेक पानी छोड़ने का फैसला
  • हरियाणा में 18 तक सक्रिय रह सकता है मानसून, 19 के बाद लगेगा ब्रेक 
Heavy rain
Heavy rain
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

भारी बारिश से एक बार फिर देश के कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। केरल, राजस्थान, हरियाणा, आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में अलर्ट घोषित किया गया है। बीते 10 दिन के अंदर केरल में बाढ़ से 111 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं राजस्थान में पिछले 24 घंटों में वर्षाजनित हादसों में पांच लोगों की मौत हुई है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के बाढ़ प्रभावित जिलों बालंगीर,कालाहांडी, बौद्ध, सोनेपुर जिलों का हवाई दौरान किया। इस मौके पर भाजपा सांसद संगीता सिंह डेव और बसंत कुमार पांडा भी मौजूद हैं।
विज्ञापन


बारिश और बाढ़ की मार झेल रहे केरल में 31 लोग अब भी लापता हैं। हालांकि बारिश थमने से यहां बचाव कार्य में तेजी आई है। इधर, मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान लगाते हुए शुक्रवार को रेड अलर्ट जारी किया है। 


हिमाचल में शुक्रवार को बारिश व भूस्खलन से तीन लोगों की मौत हो गई। राजस्थान में लगातार हो रही बारिश के चलते प्रदेश के हाड़ौती इलाके में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि जोधपुर, नागौर और पाली के लिए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। 

सेना को सक्रिय रहने का निर्देश

राजस्थान के कोटा, बारां, भीलवाड़ा, झालावाड़ और बूंदी जिले में रिकॉर्डतोड़ बारिश के बाद सेना को सतर्क किया गया है। आपदा प्रबंध सचिव आशुतोष एटी पेडणेकर ने बताया कि प्रदेश से निरंतर बहाव के बारे में मध्यप्रदेश सरकार को लगातार जानकारी दी जा रही है।  

मौसम विभाग ने राजस्थान के तीन जिलों जोधपुर, नागौर और पाली में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं सेना को कोटा, बारां, भीलवाड़ा, झलावाड़ और बूंदी में सक्रिय रहने को कहा गया है। इन जिलों में गुरुवार को 160 मिमी बारिश हुई है। राजस्थान में बाढ़ से पांच लोगों की मौत हो गई है। 


कर्नाटक के मुख्यमंत्री पीएम नरेंद्र मोदी से मिले, तीन हजार करोड़ की मदद मांगी 

बाढ़ से बेहाल कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा ने शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और केंद्र से तीन हजार करोड़ रुपये की मदद मांगी। पीएम मोदी ने येदियुरप्पा को भरोसा दिलाया कि बहुत जल्द केंद्र सरकार की एक टीम राज्य में जाकर बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेगी। इसके बाद केंद्र राहत राशि जारी करेगा। येदियुरप्पा ने मोदी को बताया कि 108 सालों में यह सबसे भयानक बाढ़ है। कर्नाटक में अब तक बाढ़ से 65 लोगों की मौत हो चुकी है।

जेडीएस ने केंद्र सरकार पर राहत राशि भेजने में देरी का आरोप लगाते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के दौरे के बाद भी मदद नहीं की गई। जेडीएस ने पांच हजार करोड़ रुपये की राहत राशि की मांग की है। उधर महाराष्ट्र के कोल्हापुर और सांगली में भी हालात में सुधार हुआ है। राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 54 हो गई है और सात लाख लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया। 

आंध्र प्रदेश में 4000 लोगों को सुरक्षित निकाला

आंध्र प्रदेश में शुक्रवार को कृष्णा व गोदावरी नदियों में पानी बढ़ने से आसपास के इलाकों में बाढ़ से हालात हो गए। एनडीआरएफ की टीमों ने 4 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पीछे से पानी छोड़े जाने के कारण विजयवाड़ा में कृष्णा नदी पर बने प्रकाशम बांध में पानी तेजी से बढ़ गया जिसके बाद द्वार खोले गए और कृष्णा उफान पर बहने लगी। में पानी बढ़ गया। अधिकारियों के मुताबिक कृष्णा नदी में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

हरियाणा में ऑरेंज अलर्ट, आज-कल झमाझम बारिश के आसार 

मानसून एक बार फिर हरियाणा, पंजाब समेत उत्तर भारत के राज्यों में पूरी तरह सक्रिय हो गया है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर शनिवार और रविवार को दोनों प्रदेशों के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। 19 अगस्त को भी कहीं-कहीं बारिश के आसार हैं। इसके बाद मानसून ब्रेक ले सकता है। शुक्रवार को रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, जींद, यमुनानगर, हिसार समेत कई जिलों में छिटपुट बारिश हुई। हालांकि किसानों को अच्छी बारिश का अब भी इंतजार है।   

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून सीजन के ढाई माह बीतने के बाद भी हरियाणा में 33 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि दो दिनों की बारिश से कुछ हद तक कमी की भरपाई हो सकती है। बीते 24 घंटे में रोहतक में 47 एमएम बारिश हुई है, फिर भी सामान्य बारिश तभी मानी जाएगी जब जिले में 63 प्रतिशत और बारिश होगी। सावन बीतने के बाद भी प्रदेश के सिर्फ पांच जिलों में सामान्य बारिश हुई है। बाकी जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। धान समेत खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को अच्छी बारिश की दरकार है। 

शुक्रवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। रेवाड़ी, गुरुग्राम, चरखी दादरी समेत कई इलाकों में रिमझिम फुहारों से मौसम खुशनुमा बना रहा। वहीं रोहतक समेत कई जिलों में देर रात तक रूक-रूककर बारिश का सिलसिला जारी रहा। भादो के पहले दिन अंबाला समेत प्रदेश के कई जिलों में हुई बारिश से किसानों को राहत मिली है। अंबाला में शाम आठ एमएम बारिश हुई। भिवानी में करीब 15 तक झमाझम मेघा बरसे।  मौसम ठंडा होने चलते अधिकतम व न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री तक गिरावट दर्ज हुई।  

शुक्रवार को रोहतक मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 17 और 18 अगस्त को हरियाणा के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि 19 अगस्त को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादलवाही के साथ-साथ खंड-खंड में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इससे पूर्व ऑरेंज अलर्ट जारी कर किसी भी हालात से निबटने के लिए तैयार रहने की चेतावनी जारी की है। 

मारकंडा उफनाई, कई गांवों में धान-गन्ने की फसलें डूबीं 

मारकंडा नदी में वीरवार शाम तक 18 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया, इसके चलते निकटवर्ती इलाके बाढ़ में डूब गए। पिछले 2 वर्षों में सबसे अधिक पानी आया है। पानी से कई गांवों में गन्ने के साथ-साथ धान की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। गांव कठवा के सरकारी स्कूल और गांव तंगौर में सरकारी खेल नर्सरी में भी पानी भरा हुआ है। बार-बार पानी आने के कारण किसानों के सामने पशु चारे की भी समस्या पैदा हो गई है।

भाखड़ा डैम के फ्लड गेट खोले, अगले दो दिन भारी बारिश की चेतावनी

भाखड़ा डैम में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए शुक्रवार शाम को इसके फ्लड गेट खोल दिए गए। बीबीएमबी मैनेजमेंट ने 19 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्णय लिया। वहीं मौसम विभाग ने भी अगले दो दिन पंजाब और हिमाचल में भारी बारिश की आशंका जताई है। 

बीबीएमबी के चीफ इंजीनियर अश्वनी कुमार अग्रवाल ने बताया कि 59158 क्यूसेक पानी की आमद के साथ ही भाखड़ा डैम का जलस्तर 1674 फुट तक पहुंच गया है। डैम की क्षमता 1685 फुट तक है लेकिन मौसम विभाग द्वारा 18-19 को भारी बारिश की संभावना के कारण फ्लड गेट खोलने का निर्णय लेना पड़ा। 

कहीं पंजाब में भारी बारिश हो और ऊपर से भाखड़ा डैम से भी पानी छोड़ दिया जाए तो हालात खराब हो सकते हैं। अभी बिजली उत्पादन के लिए टरबाइनों के माध्यम से 36000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था जिससे 331.61 लाख यूनिट बिजली उत्पादन किया गया। अब बदलते हालात को देखते हुए 36 हजार टरबाइनों और 19,000 क्यूसेक पानी फ्लड गेटों के माध्यम से छोड़ा जाएगा। 

उन्होंने कहा कि बीबीएमबी मैनेजमेंट पूरे हालात पर पैनी निगाह बनाए हुए है। अगर पानी की आमद में वृद्धि होती है तो पानी छोड़ने की मात्रा को बढ़ाया भी जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को इस बारे में जानकारी दे दी गई है और लोगों से भी अपील है कि अगले कुछ दिन सतलुज दरिया क्षेत्र में जाने का प्रयास न करें। 

पीएयू के मौसम विभाग के डॉ. प्रभजोत कौर के अनुसार, जून और जुलाई महीने में कमजोर रहने के बाद अब मानसून पूरे उफान पर है। आगामी दो दिनों में पंजाब में भारी बारिश की संभावना है। धान की फसल के लिए तो बारिश ठीक है, पर फल व सब्जियों में ज्यादा पानी खड़ा रहने के कारण यह नुकसानदेह भी है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एवं मानसून के सक्रिय होने के कारण अगस्त में लगातार रिकार्ड तोड़ बारिश हो रही है। अगस्त में अब तक 170 एमएम तक बारिश हो चुकी है।
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00