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Fake Job: म्यांमार में जॉब स्कैम में फंसे सैकड़ों युवा, दी जा रहीं यातनाएं, चंगुल से छूटे आशीष ने सुनाई आपबीती

अमित मिश्रा, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 25 Sep 2022 06:51 AM IST
सार

विदेश मंत्रालय के अनुसार, कोई भी भारतीय वहां फंसा है तो उसके परिवार वाले cons.yangon@mea.gov.in पर जानकारी दे सकते हैं।
 

ऑनलाइन ठगी (सांकेतिक तस्वीर)
ऑनलाइन ठगी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : istock
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विस्तार

नौकरी की तलाश में युवा भारत के एक राज्य से दूसरे राज्य में भटकते हैं लेकिन थाईलैंड में काम की तलाश में गए युवा ऐसी जगह फंस गए हैं, जहां का मंजर दिल दहलाने वाला है। गाजियाबाद के आशीष, चेन्नई के मधुसूदन और मुंबई के सुकुमार तीनों सोशल मीडिया पर नौकरी का ऑफर पाकर रवाना तो थाईलैंड के लिए हुए लेकिन उन्हें धोखे से म्यांमार पहुंचा दिया गया। वहां जब उनसे ऑनलाइन फ्रॉड (ऑनलाइन ठगी) का काम करने को कहा गया तो वे सिहर उठे। आशीष खुश किस्मत थे कि फिरौती देकर किसी तरह छूट गए, माधवन और सुकुमार अब भी यातनाएं झेल रहे हैं। 



आशीष ने बताया, जुलाई में फेसबुक पर थाईलैंड में एक जॉब का ऑफर देखा और पोस्ट पर कमेंट करके नौकरी में रुचि दिखाई। कंपनी ने एयर टिकट भेजा और 22 जुलाई, 2022 को आशीष ने दिल्ली से बैंकॉक की फ्लाइट पकड़ ली। बैंकॉक से कार के जरिये धोखे से मोई नदी पार कराकर म्यांमार के म्यावाड़ी गांव में पहुंचा दिया गया, जहां एक भवन परिसर में रखा गया। 


वहां पर ऑनलाइन फ्रॉड करने की 15 घंटे काम की शिफ्ट दी गई। जब आशीष ने मना किया तो टॉर्चर किया जाने लगा। घरवालों ने 3 लाख 60 हजार रुपये की फिरौती देकर उसे छुड़ाया। यही हाल चेन्नई निवासी मधुसूदन (बदला हुआ नाम) का भी है। मधुसूदन ने बताया कि कंपाउंड के हालात बहुत बुरे हैं। पिटाई करना और सजा के तौर पर धूप में घंटों दौड़ाना आम बात है। सुकुमार के घर वालों की बीस दिन से उससे बात नहीं हुई है, जिससे घबराहट है।

म्यांमार का जामताड़ा फंसे हैं 400 भारतीय
म्यांमार के इस कैंपस में कई एशियाई देशों जैसे मलयेशिया, कंबोडिया, वियतनाम और थाईलैंड के नागरिक भी इनके चंगुल में फंसे हैं। आशीष ने बताया कि म्यांमार के पास मोई नदी के किनारे स्थित शू कोकोट शहर के गांव म्यावाड़ी में कंपाउंड को बनाया गया है। आशीष कहते हैं, यहां घुसने के बाद ही पहला नियम है कि अगर भागने की कोशिश की तो गोली मार दी जाएगी। उनके मुताबिक, यहां पर तकरीबन 400 भारतीय फंसे हैं।

एडवाइजरी: फर्जी नौकरी प्रस्तावों में न फंसें, कंपनी और एजेंट की पूरी जांच करें
म्यांमार में भारतीयों को बंधक बनाए जाने के मामले के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा, हाल में थाईलैंड व म्यांमार में संदिग्ध आईटी फर्मों द्वारा फर्जी नौकरी रैकेट गिरोह का खुलासा हुआ, जो कॉलसेंटर और क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी में शामिल हैं। ऐसे में नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या अन्य स्रोतों के माध्यम से जारी किए जा रहे फर्जी नौकरी प्रस्तावों में न फंसें। 

रोजगार के उद्देश्य से पर्यटक व यात्रा वीजा पर जाने से पहले सभी भारतीय विदेश में संबंधित मिशनों के माध्यम से विदेशी नियोक्ताओं की साख का सत्यापन करें। भर्ती एजेंटों के साथ-साथ कंपनी की पूर्व स्थिति की जांच जरूर करें। 22 सितंबर को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया था कि 32 भारतीय युवकों को म्यांमार से छुड़ाया गया है। वहीं फंसे हुए 60 और लोगों को भी छुड़ाने के प्रयास जारी हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, कोई भी भारतीय वहां फंसा है तो उसके परिवार वाले cons.yangon@mea.gov.in पर जानकारी दे सकते हैं।
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दक्षिण भारत में मची है खलबली
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर इस मुद्दे को उठाया है।  स्टालिन ने म्यांमार में फंसे तकरीबन 300 भारतीयों को बाहर निकालने की गुजारिश की है। उनका कहना है कि हमारे पास 17 तमिल नागरिकों की पुख्ता जानकारी है।

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