भारत-पाकिस्तानः परमाणु युद्ध का खतरा नहीं उठा सकते दोनों देश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिल्पा ठाकुर Updated Thu, 29 Aug 2019 02:31 PM IST

सार

  • भारत-पाकिस्तान अगर एक दूसरे पर परमाणु हमला करते हैं, तो बड़ी तबाही मचेगी।
  • यह हमला हिरोशिमा और नागासाकी से भी अधिक नुकसान पहुंचाएगा।
  • उस समय गिराए गए बमों की क्षमता आज के हिसाब से काफी कम थी।
  • यदि पाकिस्तान में एक हजार किलोटन का परमाणु बम विस्फोट होगा तो उसका असर इस्लामाबाद से श्रीनगर तक होगा।
परमाणु युद्ध हुआ तो क्या होगा
परमाणु युद्ध हुआ तो क्या होगा - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के खंड दो और तीन के हटने के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। ना केवल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान बल्कि वहां के वित्त मंत्री तक परमाणु युद्ध की धमकी दे रहे हैं। दूसरी ओर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी कह चुके हैं कि भारत परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की अपनी नीति को बदल सकता है। लेकिन क्या वाकई दोनों देश परमाणु युद्ध का जोखिम उठाने की स्थिति में हैं?
विज्ञापन


अगर जापान के हिरोशिमा और नागासाकी की बात करें तो आज भी यहां परमाणु हमले का असर बरकरार है। परमाणु हमले के समय यहां बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। हालात नर्क से भी बदतर हो गए थे। परमाणु हमले का असर और उसका खौफ आज भी यहां के लोग महसूस करते हैं। तो अगर पाकिस्तान और भारत के बीच परमाणु युद्ध होता है तो उसका असर भी छोटा-मोटा नहीं होगा।

अगर परमाणु हमला हुआ तो क्या होगा?

अगर भारत-पाकिस्तान एक दूसरे पर परमाणु हमला करते हैं, तो काफी बड़ी तबाही मचेगी। बम जहां गिरेगा वहां से 0.79 किमी तक सबकुछ खाक हो जाएगा। परमाणु वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के अनुसार एयर ब्लास्ट-1 से 3.21 किलोमीटर तक झटके महसूस किए जाएंगे और 10.5 किलोमीटर तक इसका रेडिएशन फैलेगा। इससे 50 से लेकर 90 फीसदी लोग प्रभावित होंगे।

वहीं एयर ब्लास्ट-2 से 14.2 किमी तक फैली इमारतें ध्वस्त हो जाएंगी। थर्मल रेडिएशन का असर 47.9 किमी तक होगा। एयर ब्लास्ट-3 का प्रभाव 93.7 किमी तक फैलेगा और 100 किमी के दायरे में भीषण तबाही मचेगी।

हिरोशिमा-नागासाकी से अधिक तबाही

अगर भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध होता है और 1000 किलोटन तक के बम गिराए जाते हैं, तो इसका असर भी 100 किमी तक होगा। ये हमला हिरोशिमा और नागासाकी से भी अधिक नुकसान पहुंचाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि उस समय गिराए गए बमों की क्षमता आज के हिसाब से काफी कम थी। हिरोशिमा पर गिराया गया परमाणु बम 15 किलोटन का था और नागासाकी पर गिराया गया बम 20 किलोटन का था।

किसके पास कितनी ताकत?

दुनियाभर के देशों के पास आज अधिक क्षमता वाले परमाणु बम हैं। ऐसे में कोई भी देश इसके इस्तेमाल के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकता। क्योंकि इससे उतना नुकसान पहुंच सकता है, जिसकी शायद कोई कल्पना भी ना कर पाए। अगर भारत-पाकिस्तान की बात करें तो दोनों ही देशों के पास अधिक क्षमता वाले परमाणु हथियार हैं। दोनों ही देशों के पास इन हथियारों को ले जाने वाली मिसाइलें भी हैं।
 
दोनों देशों के पास इतनी अधिक क्षमता वाली मिसाइलें हैं कि अगर किसी ने भी परमाणु बम का इस्तेमाल किया तो उससे भारी तबाही हो सकती है। भारत के पास 5200 किमी तक मार करने की क्षमता वाली मिसाइल है, जिससे पाकिस्तान ही नहीं बल्कि उसके बाहर भी तबाही मच सकती है। वहीं पाकिस्तान के पास 2750 किमी की क्षमता वाली मिसाइल है, जिसका अगर इस्तेमाल किया जाए, तो भारत के बड़े हिस्से को नुकसान हो सकता है।

संख्या में कमी पर संकट अधिक

परमाणु हथियारों के जखीरे में बेशक कमी आ रही है लेकिन इसका संकट बढ़ता जा रहा है। बरसों पहले परमाणु बमों की संख्या अधिक थी लेकिन मारक क्षमता कम। आज परमाणु हथियारों की संख्या पहले के मुकाबले कम है लेकिन मारक क्षमता अधिक है। बुलेटिन ऑन द एटॉमिक साइंटिस्ट के आंकड़ों के अनुसार साल 1986 से 2017 तक लगभग हर साल वैश्विक परमाणु हथियारों का जखीरा घट रहा है।

लेकिन फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट (एफएएस) के आंकड़े इससे कुछ अलग ही बात बता रहे हैं। एफएएस के आंकड़ों के अनुसार 1990 के दशक की तुलना में वर्तमान समय में हथियारों को नष्ट करने की गति में कमी आई है। हालांकि शीतयुद्ध के बाद से परमाणु हथियारों की संख्या में काफी कमी देखी गई है।

किसके पास कितने परमाणु?

दुनिया में कई देशों के पास परमाणु हथियार मौजूद हैं। इस रेस में सबसे आगे रूस और अमेरिका हैं। नीचे दिए गए आंकड़े अनुमान के मुताबिक हैं-
  • रूस- 6500 परमाणु हथियार
  • अमेरिका- 6185 परमाणु हथियार
  • फ्रांस- 300 परमाणु हथियार
  • चीन- 290 परमाणु हथियार
  • ब्रिटेन- 215 परमाणु हथियार
  • इस्राइल- 80 परमाणु हथियार
  • पाकिस्तान- 140-150 परमाणु हथियार
  • भारत- 130-140 परमाणु हथियार
  • उत्तर कोरिया- 20-30 परमाणु हथियार
मान लीजिए कि भारत ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बने पाकिस्तान मॉन्युमेंट पर परमाणु बम गिराया, तो इसका असर एबटाबाद, पेशावर, बारामूला, श्रीनगर, पुलवामा और जलालाबाद तक पड़ेगा।

वहीं यदि इंडिया गेट में परमाणु बम से विस्फोट हुआ तो उसका जानलेवा असर मूलचंद, लक्ष्मी नगर, पटेल नगर और आश्रम तक पड़ेगा। वहीं रेवाड़ी, रोहतक, हिसार, सहारनपुर, अलीगढ़, आगरा और अलवर पर इसके दुष्प्रभाव दिखेंगे।

चार देशों में पहले से तैनात हैं हथियार

दुनिया के चार देश ऐसे हैं जहां एटमी हथियारों को मिसाइलों पर पहले से ही लगाया हुआ है। एफएएस के मुताबिक ऐसे 3600 एटमी हथियार मिसाइलों पर तैनात हैं। ये सैन्य बलों के नियंत्रण में हैं। इनमें से 1800 हाई अलर्ट मोड पर रखे गए हैं। जो थोड़े समय के नोटिस पर हमले के लिए तैयार हैं। रूस ने 1600, फ्रांस ने 280, अमेरिका ने भी करीब 1600 और ब्रिटेन ने 120 परमाणु हथियारों को तैनात किया हुआ है।

क्या है एयर ब्लास्ट?

एयर ब्लास्ट का मतलब है हवा में ब्लास्ट होना। ये हवा में विस्फोट होने के बाद उच्च क्षमता का दबाव बनाता है और थर्मल रेडिएशन को बढ़ाता है। हिरोशमा पर गिराया गया बम भी हवा में ही विस्फोट हुआ था। जहां विस्फोट होता है वहां सघन बादल छाए रहते हैं, हवा के दबाव में बदलाव आता है और बेहद तेज हवाएं चलती हैं। हवा के दबाव में बदलाव के बाद इमारतें ध्वस्त हो जाती हैं। इससे लाखों लोगों की जान भी जा सकती है और पेड़-पौधे भी नष्ट हो सकते हैं।
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00