Hindi News ›   India News ›   Live: government will introduce Constitution Amendment bill to provide reservation to general quota

सवर्ण आरक्षण बिल लोकसभा में पास, पीएम मोदी ने कहा- ऐतिहासिक क्षण

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संदीप भट्ट Updated Wed, 09 Jan 2019 12:38 AM IST

सार

  • लोकसभा में विपक्ष सहित लगभग सभी दलों ने संविधान (124 वां संशोधन) , 2019 विधेयक का समर्थन किया।
  • सदन ने 3 के मुकाबले 323 मतों से विधेयक को पारित कर दिया।
  • इसे सरकार की चुनौती के साथ ही चुनाव से पहले का अहम दांव माना जा रहा है। 
नरेंद्र मोदी
नरेंद्र मोदी
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान वाले ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक को मंगलवार को 3 के मुकाबले 323 मतों से लोकसभा की मंजूरी मिल गयी। अब बुधवार को इसके राज्यसभा में जाने की संभावना है जहां उच्च सदन की बैठक एक दिन और बढ़ा दी गई है। 

विज्ञापन

 


लोकसभा में विपक्ष सहित लगभग सभी दलों ने संविधान (124 वां संशोधन) , 2019 विधेयक का समर्थन किया। साथ ही सरकार ने दावा किया कि कानून बनने के बाद यह न्यायिक समीक्षा की अग्निपरीक्षा में भी खरा उतरेगा क्योंकि इसे संविधान संशोधन के जरिए लाया गया है।

लोकसभा में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी सरकार बनने के बाद ही गरीबों की सरकार होने की बात कही थी और इसे अपने हर कदम से उन्होंने साबित भी किया। उनके जवाब के बाद सदन ने 3 के मुकाबले 323 मतों से विधेयक को पारित कर दिया। इसे सरकार की चुनौती के साथ ही चुनाव से पहले का अहम दांव माना जा रहा है। 

पीएम मोदी ने गरीबी सामान्य वर्ग के लोगों के आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पारित होने के बाद सभी पार्टियों के सांसदों को धन्यवाद कहा। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार सबका साथ सबका विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
 



संविधान संशोधन बिल पर वोटिंग- प्रावधान 1, 2 और तीन के पक्ष में बहुमत। 
हां - 323
नहीं - 03 
कुल - 326 
 

सवर्ण आरक्षण: विपक्ष ने नहीं किया फैसले का विरोध

अतीत में कई पार्टियां सवर्ण आरक्षण की मांग कर चुकी हैं। यही वजह है कि सोमवार को कैबिनेट के फैसले का किसी ने जोरदार रूप से विरोध नहीं किया लेकिन चुनाव से पहले सरकार की मंशा पर सवाल जरूर उठाए। कांग्रेस ने सोमवार को ही साफ कर दिया था कि पार्टी इसका समर्थन करेगी। अन्य पार्टियों ने भी सरकार के फैसले का सीधे तौर पर विरोध नहीं किया है। 

बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने का स्वागत करते हुए सरकार को समर्थन दिया। हालांकि उनका कहना है कि यह मोदी सरकार का चुनावी स्टंट है।

उधर, अलग अलग मुद्दों पर सपा सहित विभिन्न दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण मंगलवार को राज्यसभा की बैठक शुरू होने के करीब दस मिनट बाद ही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।हंगामे की वजह से उच्च सदन में आज भी शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं चल पाए।

बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने का स्वागत करते हुए सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया है। हालांकि उनका कहना है कि यह मोदी सरकार का चुनावी स्टंट है।
 

राजनीतिक बयानबाजी, किसने क्या कहा

सामान्य वर्ग के लोगों के लिए एतिहासिक फैसले की जरुरत, इन्हें आरक्षण की जरुरत। हमने जो किया वो आगे भी करेंगे। निजी संस्थानों में भी आरक्षण प्रस्तावित। पीएम ने सबका साथ सबका विकास किया। गरीब सवर्णों को मुख्यधारा में लाने की कोशिश। मुस्लिम-ईसाइयों को भी आरक्षण मिलेगा 
: थावरचंद गहलोत 

पिछली सरकारों ने सही कोशिशें नहीं कीं। सभी दलों ने घोषणापत्र में अनारक्षित आरक्षण की बात की थी। सवर्ण आरक्षण पर अब तक सही प्रयास नहीं हुए
:अरुण जेटली

देश में एससीएसटी से नफरत की जाती है। उन्होंने कहा कि सब चाहते हैं कि देश में शांति रहे। सरकारी नौकरी धीरे-धीरे कम हो रही हैं। लेकिन इसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार नहीं है। प्राइवेट सेक्टर में भी 60 फीसदी आरक्षण होना चाहिए। भारतीय न्यायिक सेवा में भी आरक्षण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सवर्ण को 10 प्रतिशत आरक्षण मिलने से खुशी है।
: रामविलास 

पिछड़ों को 85 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर 85 फीसदी आरक्षण नहीं मिला तो सड़क से संसद तक लड़ेंगे। उन्होंने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह चुनाव के लिए शिकारी की तरह जाल बिछाया है।
: आरजेडी नेता जय प्रकाश यादव 

सवर्ण बिल से बेरोजगारों की समस्या का हल कैसे निकलेगा। उन्होंने कहा कि आरक्षण से समृद्धि नहीं आ सकती है। कुशवाहा ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण मिलना चाहिए। सरकारी विद्यालय के छात्रों को पहले आरक्षण मिलना चाहिए।
:रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा

यह बिल संविधान के साथ धोखा है। बिल आंबेडकर साहेब का अपमान है। समानता के अधिकार का अपमान है। कोर्ट में बिल खारिज हो जाएगा। : 
असदुद्दीन ओवैसी

जीवनभर जिसके लिए लड़ा आज वह पूरा हो गया। सरकार का फैसला सराहनीय। पिछड़ी जाति के पीएम ने अगड़ी जाति के लिए सोचा। सबका साथ सबका विकास किया। मैं इसका समर्थन करता हूं। :हुकुमदेव, भाजपा सांसद   

आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को 10 % आरक्षण देने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के फ़ैसले से समाज की उन्नति होगी। प्रधानमंत्रीजी ने साबित कर दिया कि केंद्र सरकार सबका साथ सबका विकास के मूल मंत्र पर काम कर रही है। प्रधानमंत्रीजी का हृदय से अभिनंदन: नितिन गडकरी

विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00