वसूली कांड: सीबीआई ने अनिल देशमुख के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कई जगहों पर की छापेमारी, भड़के महाविकास आघाड़ी के नेता

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Sun, 25 Apr 2021 02:56 AM IST

सार


अनिल देशमुख के घर छापेमारी पर भड़के महाविकास आघाड़ी के नेता
अनिल देशमुख, पूर्व गृह मंत्री, महाराष्ट्र
अनिल देशमुख, पूर्व गृह मंत्री, महाराष्ट्र - फोटो : ANI
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विस्तार

महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ धन उगाही मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने कथित वसूली कांड को लेकर अनिल देशमुख समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसी के साथ उनके कई ठिकानों पर छापेमारी की गई।
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अनिल देशमुख के घर छापेमारी पर भड़के महाविकास आघाड़ी के नेता
एनसीपी नेता व राज्य के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उनके घर हुई छापेमारी से महाविकास आघाडी के नेता भड़क गए हैं। एनसीपी अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा कि सीबीआई हाईकोर्ट से मिली जांच की अनुमति का इस्तेमाल छापेमारी के लिए कर रही है। यह सब राजनीतिक नजरिए से किया जा रहा है।


पाटिल ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि देशमुख ने अदालत के फैसले का सम्मान करते हुए इस्तीफा दिया था। इस मामले में सीबीआई ने देशमुख का भी बयान दर्ज किया था। सीबीआई ने चार लोगों की जांच की और सभी ने संतोषजनक जवाब दिया। हाईकोर्ट ने इस मामले में केवल प्राथमिक जांच का आदेश दिया था।

इस प्राथमिक जांच में क्या मिला, सीबीआई ने अभी तक इसकी रिपोर्ट अदालत में पेश नहीं किया है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि मोदी सरकार कोरोना संकट संभालने में असफल साबित हो रही है, इसलिए लोगों का ध्यान भटकाने के लिए सीबीआई की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले ही आशंका थी कि सीबीआई अनिल देशमुख के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सकती है।

मैने सीबीआई को पूरा सहयोग किया : देशमुख
सीबीआई की छापेमारी के बाद अनिल देशमुख ने ट्वीट किया कि उन्होंने सीबीआई अफसरों को पूछताछ में पूरा सहयोग किया। सीबीआई की पूछताछ के बाद मैं काटोल और नरखेड़ में बनाए जा रहे नए कोविड सेंटर का निरीक्षण करने जा रहा हूं।

बता दें कि इस मामले में परमबीर सिंह ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था, जिसके बाद हाईकोर्ट ने परमबीर के आरोपों की जांच सीबीआई को करने को कहा था। कोर्ट ने कहा था कि सीबीआई अगले 15 दिन की रिपोर्ट देगी, जिसके बाद यह फैसला होगा कि अनिल देशमुख पर एफआईआर दर्ज की जाए या नहीं। 

पिछले दिनों अनिल देशमुख से पूछताछ करने से पहले रविवार को सीबीआई ने अनिल देशमुख के दो निजी सहायकों से पूछताछ की थी। इसके अलावा एजेंसी ने एनआईए की गिरफ्त में चल रहे मुंबई पुलिस के निलंबित सचिन वाजे के दो ड्राइवरों से भी पूछताछ की थी।



 
मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर जिलेटिन की छड़ों से लदी स्कॉर्पियो मिलने के मामले में हटाए गए मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने एक चिट्ठी लिखकर अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये धन उगाही करने का आरोप लगाया था। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखी चिट्ठी में परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि अनिल देशमुख ने सचिन वाजे से 100 करोड़ रुपये की वसूली कराते थे। इन आरोपों के बाद अनिल देशमुख को महाराष्ट्र के गृह मंत्री की कुर्सी गंवानी पड़ी।

पवार ने किया था देशमुख का बचाव 
परमबीर सिंह की चिट्ठी के बाद महाराष्ट्र में सियासी संकट जोर पकड़ने लगा था। अनिल देशमुख विपक्ष के निशाने पर आ गए थे। शुरुआत में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने देशमुख का बचाव किया था और उनके इस्तीफे से इनकार किया था। उन्होंने देशमुख पर लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया था। हालांकि, विवाद के जोर पकड़ने के बाद देशमुख को इस्तीफा देना पड़ा था।

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