MSP: किसान संगठन क्यों चाहते हैं एमएसपी पर कानून, अब तक सरकारें क्यों हिचकती रहीं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: प्रतिभा ज्योति Updated Mon, 29 Nov 2021 01:45 PM IST

सार

किसान संगठन चाहते हैं कि मोदी सरकार एमएसपी को अनिवार्य दर्जा देने वाला कानून लेकर आए। दूसरी तरफ सरकार ने इसके लिए समिति बनाने की बात कही है।  
नरेंद्र सिंह तोमर ने पेश किया बिल
नरेंद्र सिंह तोमर ने पेश किया बिल - फोटो : ANI
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन सरकार ने विपक्ष के हो-हंगामे के बीच तीन कृषि कानूनों की वापसी वाला विधेयक संसद से पारित करा लिया। लेकिन विपक्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)  पर कानून बनाने की मांग पर अड़ा है। किसान संगठन भी यही मांग कर रहे हैं कि सरकार एमएसपी पर गारंटी कानून बनाए। तीन कृषि कानून वापस लिए जाने के पीएम के फैसले के बाद भी किसानों ने इसी वजह से किसान आंदोलन खत्म नहीं किया है। किसानों ने अब एमएसपी कानून को लेकर सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। 
विज्ञापन


किसान एमएसपी के लिए कानून की मांग क्यों कर रहे हैं?
एमएसपी की घोषणा सबसे पहले 1966-67 में गेहूं के लिए की गई थी। बाद में दूसरी फसलों को बढ़ावा देने के लिए एमएसपी का दायरा बढ़ा दिया गया। मौजूदा समय में 23 फसलों पर एमएसपी मिलता है। जिसमें सात अनाज (धान, गेहूं, मक्का, बाजरा, ज्वार, रागी और जौ), पांच तरह की दालें (चना, अरहर, मूंग, उड़द और मसूर),  सात तिलहन (सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, कुसुम और नाइजरसीड) और चार व्यावसायिक फसलें (गन्ना, कपास, खोपरा और कच्चा जूट) शामिल है। एमएसपी के आधार पर ही केंद्र और राज्य सरकारों की एजेंसियां फसलों की खरीद करती हैं।

 
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00