सरकार बनाम विपक्ष: भाजपा बोली- राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस ने संसद से सड़क तक अराजकता फैलाई, इससे लोकतंत्र शर्मसार हुआ

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 12 Aug 2021 12:24 PM IST

सार

  • संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष में कृषि कानून और पेगासस जैसे मुद्दों पर ठनी रही
  • कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों ने संसद में जमकर हंगामा किया, इस दौरान संसद की मर्यादा का भी उल्लंघन हुआ
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा - फोटो : ANI
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विस्तार

संसद का मानसून सत्र तय समय से दो दिन पहले ही समाप्त कर दिया गया। इसके आखिरी दिन यानी बुधवार को राज्यसभा में जो हुआ, उसे लेकर सरकार और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। भाजपा ने इसके लिए राहुल और कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि  जिस प्रकार का व्यवहार आज कांग्रेस पार्टी और कुछ अन्य विपक्षी पार्टियां सड़क पर उतरकर कर रही हैं। जिस प्रकार अराजकता संसद के अंदर विपक्षी पार्टियों और खासकर राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने दिखाया है उससे पूरा देश और लोकतंत्र शर्मसार हुआ है।
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उन्होंने कहा कि संसद के इतिहास में पहली बार हुआ है कि लॉबी में कांच का गेट तोड़ दिया गया, जिससे एक सुरक्षाकर्मी भी हताहत हुई है। वो भी अस्पताल में है। ये वही विपक्षी हैं, जो कह रहे थे कि संसद का एक विशेष सत्र बुलाना चाहिए। मगर जब सत्र चल रहा था, कोरोना पर एक दिन भी चर्चा नहीं होने दी।


उन्होंने कहा कि सदन में मर्यादा का उल्लंघन किया गया। उसकी गरिमा को चोट पहुंचाई गई। इसके लिए सिर्फ सभापति वेकैंया नायडू की आखों में आंसू नहीं आए, बल्कि उस दिन लोकतंत्र की आंखें भी नम थीं। 

देश को बदनाम करने की साजिश : नकवी
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और कुछ और विपक्ष के लोग तो शुरू से ही कह रहे थे कि हम संसद के सत्र को वाशआउट करने के लिए वाशिंग मशीन लेकर आए हैं। आप सिर्फ संसद को ही बदनाम नहीं कर रहे हैं बल्कि पूरे देश को बदनाम करने की षड़यंत्र और साजिशें कर रहे हैं।

बीते दिन जमकर हुआ था हंगामा

  • दरअसल, बुधवार को विवादास्पद सामान्य बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021 को राज्यसभा में बीच पारित किया गया। विपक्ष विधेयक को एक प्रवर समिति को भेजने की मांग कर रहा था। इस मांग पर पूरा विपक्ष एकजुट था।
  • जब सरकार ने हंगामे के बीच बिल पर चर्चा के लिए दबाव डाला, तो सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम ने रिपोर्टर की मेज पर चढ़ने की कोशिश की। सभापति बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने तुरंत सदन को स्थगित कर दिया।
  • मिनटों के अंदर 10 से अधिक महिला मार्शल और लगभग 50 पुरुष मार्शल ने रिपोर्टर की मेज के चारों ओर खड़े हो गए। उन्होंने विपक्षी सदस्यों के वेल में जाने का रास्ता भी रोक दिया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सदन में महिला सांसदों के साथ अभद्रता की गई और कई सांसदों के साथ मारपीट भी हुई।
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