बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

पर्दाफाश : अवैध फोन एक्सचेंज के जरिए सैन्य दफ्तरों की जासूसी कर रहा पाकिस्तान

एजेंसी, नई दिल्ली/बंगलूरू। Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 11 Jun 2021 04:07 AM IST

सार

खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि इस तरह के और भी एक्सचेंज चल रहे होंगे, जिनके जरिए पड़ोसी मुल्क जासूसी कर रहा है
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर....
सांकेतिक तस्वीर.... - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें

विस्तार

भारत की सैन्य खुफिया एजेंसी ने पाकिस्तान के एक जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पाकिस्तानी जासूस भारत में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज के जरिए सैन्य प्रतिष्ठानों में फोन कर खुफिया जानकारी जुटा रहे हैं। पूर्वी सैन्य कमान के एक दफ्तर में वाया बंगलूरू आए ऐसे ही एक फोन की जांच के बाद पूरा रैकेट सामने आया।
विज्ञापन


सैन्य खुफिया विंग की दक्षिणी कमान ने कुछ हफ्तों पहले पूर्वी क्षेत्र के एक सैन्य दफ्तर में आए फोन कॉल को इंटरसेप्ट किया, तो पता चला कि पाकिस्तानी जासूस ने खुद को फर्जी सैन्य अधिकारी बताकर सामान्य जानकारियां लीं।


जांच में खुफिया एजेंसी ने पाया कि इस तरह के फोन कॉल मूवमेंट कंट्रोल ऑफिस (एमसीओ) के साथ साथ प्रधान रक्षा लेखा नियंत्रक (पीसीडीए) के दफ्तरों में भी आए थे। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने इन कॉल के लिए अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का इस्तेमाल किया ताकि वे भारतीय नागरिकों और सैन्य प्रतिष्ठानों में फोन कर जानकारियां जुटा सकें।

बंगलूरू पुलिस ने ऐसी एक अवैध एक्सचेंज को  पकड़ा है और वहां से 32 सिम बॉक्स जब्त किये हैं जिनमें 960 सिम कार्ड एक बार में इस्तेमाल हो सकते हैं। केरल के मल्लापुरम निवासी इब्राहिम मुलत्ती बिन मोहम्मद कुट्टी और तमिलनाडु के तिरुपुर के गौतम बी विश्वनाथन ने शहर के छह अलग-अलग हिस्सों में ये 32 सिम बॉक्स लगाए थे।

इंटरनेट वॉइस कॉल को मोबाइल कॉल में बदल लगाई सेंध
खुफिया अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तानी एजेंसियाें ने अवैध टेलीफोन एक्सचेंजों में निवेश किया। इनके जरिये वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल को भारतीय मोबाइल कॉल में परिवर्तित कर सैन्य ठिकानों में सेंध लगाने की कोशिश।

इसके लिए सिम बॉक्स के जरिये एक समांतर अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाया जाता है। माइग्रेशन तकनीक के जरिये जिस सिम से फोन किया जाता है वह किसी अन्य जीएसएम मॉड्यूल में चला जाता है। इससे वह कॉल किसी भारतीय नंबर से प्रतीत होती है और सिम को ब्लॉक नहीं किया जा सकता।

साथ ही सरकारी एजेंसियां इसका पता भी नहीं लगा सकती। ‘दुष्मन राष्ट्र्र’ अक्सर इन अवैध सिम बॉक्स का उपयोग संवेदनशील जानकारी प्राप्त करने और दूसरे देशों में अपने एजेंटों के साथ संपर्क बनाए रखने के लिए करते हैं।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us