छलकी पीड़ा: सांसद बोले- गणित और इंग्लिश के पेपर बहुत ‘टफ’ थे, कॉपी जांचने और अंक देने में उदारता बरतना

एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Wed, 08 Dec 2021 05:52 AM IST

सार

सरकार ने लोकसभा में बताया कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा और संसदीय क्षेत्र के लिए परिसीमन का कार्य जल्द से जल्द पूरा होगा। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि परिसीमन आयोग का केंद्र शासित प्रदेश के सभी हितधारको के साथ ताबड़तोड़ विचार-विमर्श हो रहा है।
सांसद एनके प्रेमचंद्रन। (फाइल फोटो)
सांसद एनके प्रेमचंद्रन। (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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विस्तार

केरल की क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी (आरएसपी) के नेता एनके प्रेमचंद्रन ने मंगलवार को लोकसभा में कहा इस बार सीबीएसई ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में इंग्लिश व गणित के पेपर बहुत टफ बनाए थे। इसलिए इस बार कॉपियां जांचते समय उदारता बरती जाए और उदारता से ही अंक दिए जाएं।
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उन्होंने शिक्षा मंत्री से कहा कि ऐसा करना विद्यार्थियों के हित में होगा, वे पहले ही परीक्षा के बाद से बहुत तनाव में हैं। शून्य काल में उन्होंने यह मुद्दा उठाया और कहा कि तीन दिसंबर को हुई इंग्लिश की परीक्षा के पेपर के कई सवाल सिलेबस के बाहर से आए थे। इसी तरह छह दिसंबर को हुई गणित की परीक्षा में पेपर बहुत लंबा और कई प्रश्न सिलेबस के बाहर के थे। 


परीक्षा के बाद से विद्यार्थी तनाव में हैं, उनका भविष्य संकट में है। दूसरी ओर काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने 12वीं बोर्ड की परीक्षा में ‘बहुत आसान’ प्रश्न पूछे थे। चूंकि कक्षा 12 विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होती है, इसलिए शिक्षा मंत्रालय को कॉपियां जांचने व मूल्यांकन में उदारता बरतनी चाहिए। 

सितंबर तक दिवालिया कानून के 421 मामलों का किया निपटारा
सरकार ने बताया कि दिवालिया कानून के तहत देश में सितंबर तक 2.55 लाख करोड़ रुपये के वसूली योग्य 421 मामलों का निपटारा कर दिया है। इसके साथ ही 52,036 करोड़ के तरलता मूल्य के 1149 मामलों का भी निपटारा किया गया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि 30 सितंबर तक दिवालिया कानून के तहत कुल 4708 कॉरपोरेट इंसॉलवेंसी रिजोल्यूशन प्रोसेस शुरू किया जा चुका है।

जम्मू-कश्मीर में जल्द पूरा होगा परिसीमन का काम : नित्यानंद
सरकार ने लोकसभा में बताया कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा और संसदीय क्षेत्र के लिए परिसीमन का कार्य जल्द से जल्द पूरा होगा। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि परिसीमन आयोग का केंद्र शासित प्रदेश के सभी हितधारको के साथ ताबड़तोड़ विचार-विमर्श हो रहा है। सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में इस आयोग का गठन किया है। मंत्री ने कहा कि आयोग के सदस्य लोगों की राय लेने के लिए 6 से 9 जुलाई के दौरान जम्मू-कश्मीर के विभिन्न स्थानों का दौरा किया।

जन्म-मृत्यु पंजीकरण का होगा एकीकृत डाटाबेस
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बताया। एजेंसी नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जन्म व मृत्यु अधिनियम में संशोधन का ड्राफ्ट प्रस्तुत किया है। इसके जरिए वह राज्य स्तर पर नागरिकों के जन्म व मृत्यु पंजीकरण के डाटा को राष्ट्रीय स्तर के डाटा से मिलाएगी। इससे कई दूसरे डाटाबेस भी अपडेट हो पाएंगे। लोकसभा में मंगलवार को यह जानकारी गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने दी। उन्होंने बताया कि 1969 के इस अधिनियम में संशोधन के लिए 18 अक्तूबर से 2 दिसंबर तक नागरिकों व विशेषज्ञों से टिप्पणियां मांगी गई थीं।

चीन-भूटान सीमा पर तीन साल में घुसपैठ की कोई घटना नहीं : केंद्र
केंद्र सरकार ने दावा किया है कि चीन और भूटान से लगती भारत की सीमा पर पिछले तीन साल में घुसपैठ की कोई घटना नहीं हुई है। लोकसभा में मंगलवार को एक सवाल के जवाब में गृह राज्यमंत्री नीशीथ प्रमाणिक ने ये जानकारी दी। सांसद चिराग पासवान ने पूछा था कि तीन साल में देश की सीमाओं पर घुसपैठ की कितनी घटनाएं हुईं और इनपर सरकार ने क्या कदम उठाया। सवाल के लिखित जवाब में प्रामाणिक ने बताया, इस अवधि में पाकिस्तान से लगी सीमा पर घुसपैठ की 128 घटनाएं हुई हैं, बांग्लादेश सीमा पर 1787, नेपाल सीमा पर 25 और म्यांमार सीमा पर ऐसी 133 घटनाएं हुई हैं।

उन्होंने बताया कि इन सीमा की निगरानी करने वाले बल, दूसरी सरकारी एजेंसियों और राज्य सरकारों के साथ करीबी सहयोग के जरिये इन घटनाओं से कानून के अनुसार निपटते हैं। क्या सरकार का घुसपैठ रोकने के लिए विशेष निगरानी टीम का गठन करने का प्रस्ताव है, सवाल पर प्रमाणिक ने कहा कि सरकारी एजेसियां पहले से ही इनकी निगरानी कर रही हैं और घुसपैठ को काबू में रखने के कदम उठाती हैं।

कॉलेजियम प्रणाली की समीक्षा का आग्रह : सुप्रीम कोर्ट जज के बराबर हो हाईकोर्ट जजों की सेवानिवृत्ति उम्र
लोकसभा में सांसदों ने मंगलवार को अदालतों में लंबित मामले और न्यायपालिका में खाली पदों को भरने का मुद्दा उठाया। सांसदों ने कॉलेजियम प्रणाली की समीक्षा करने का भी आग्रह किया है। सदस्यों ने कहा कि उच्च न्यायालय के जजों की सेवानिवृत्ति आयु को सुप्रीम कोर्ट के जजों के समान की जाए।

हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट जजों की सेवा शर्त संशोधन बिल, 2021 पर चर्चा के दौरान शशि थरूर ने लंबे समय से लंबित मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के असंवेदनशील होने के कई उदाहरण हैं, जब उसने कोरोना महामारी के दौरान प्रवासी मजदूरों के कई आवेदनों को नामंजूर कर दिया। इस कानून को संसद में भारी बहुमत से पास कराया गया था, पर सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
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