लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

विज्ञापन
Hindi News ›   India News ›   Rajasthan Crisis: Ashok Gehlot Hit High Command Directly, Supporters Of Chief Minister Spoiled His Image

राजस्थान संकट : अशोक गहलोत की कमान से निकला तीर सीधे आलाकमान को लगा, मुख्यमंत्री के समर्थकों ने बिगाड़ी छवि

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Tue, 27 Sep 2022 06:29 AM IST
सार

Rajasthan Crisis : केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राजस्थान कांग्रेस में संकट पर तंज कसते हुए सोमवार को कहा, मानो भारत जोड़ो यात्रा से हो रहा मनोरंजन कम पड़ रहा हो, अब राजस्थान का राजनीति संकट हमारे सामने है। उन्होंने कहा, हम सभी ने देखा है कि पिछले चार साल में राजस्थान में क्या हुआ है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत। - फोटो : ANI
ख़बर सुनें

विस्तार

Rajasthan Crisis : अशोक गहलोत दो दिन पहले तक कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ, सुलझे हुए और लोकप्रिय नेता माने जा रहे थे और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए गांधी परिवार की पहली पसंद थे। हालांकि सिर्फ एक दिन में उनके समर्थक विधायकों ने उनकी छवि को तार-तार कर दिया है। राजस्थान के दो दिन के घटनाक्रम में ऐसा संदेश गया है कि गहलोत के कमान से निकला तीर सीधे आलाकमान को लगा। 



कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल, गहलोत को लेकर पार्टी के भविष्य के प्रति आश्वस्त दिख रहे थे लेकिन दो दिनों में उनके समर्थकों की गतिविधियां अनुशासनहीनता के दायरे में आ गई हैं। दरअसल, गहलोत की इरादों और उनके प्लान बी को आलाकमान भी भांप नहीं पाया। गहलोत मुख्यमंत्री पद का मोह छोड़कर पार्टी अध्यक्ष बनने को तैयार हो गए थे। 


सार्वजनिक तौर पर नवरात्र में नामांकन कराने की बात भी कबूल कर ली थी लेकिन जैसे ही सचिन पायलट की केरल, दिल्ली की भागदौड़ और सक्रियता बढ़ी, गहलोत ने तय कर लिया कि अगर पायलट को ही मुख्यमंत्री बनाने की बात उठी तो वे खेल बिगाड़ेंगे। गहलोत समर्थक एक वरिष्ठ विधायक का तर्क है कि जब ये तय हो गया कि गहलोत कांग्रेस के अगले अध्यक्ष हो सकते हैं तो क्या राज्य में उनकी पसंद-नापसंद को अनसुना किया जाएगा। 

जिस दौरान पायलट केरल में राहुल, फिर दिल्ली आकर सोनिया और प्रियंका से मिलकर अपना दावा मजबूत कर रहे थे, गहलोत उस दौरान भी राहुल को मनाने में सक्रिय रहे, ताकि उन्हें सीएम पद न छोड़ना पड़े। आखिरकार राहुल ने भी आलाकमान के फैसले के साथ विधायकों की रायशुमारी पर ज्यादा जोर दिया। दरअसल राज्य प्रभारी अजय माकन परंपरागत ढंग से गेंद को केंद्रीय नेतृत्व के पाले में डलवाना चाहते थे। 

यही गहलोत समर्थक विधायकों की लामबंदी का कारण बन गया। गहलोत जान गए थे कि केंद्रीय नेतृत्व को अधिकार वाला प्रस्ताव पास होते ही सचिन पायलट का पक्ष मजबूत हो जाएगा और उन्हें भी फैसला स्वीकार करना होगा। गहलोत भले ही विधायकों के इस्तीफा देने के हठ में सीधे तौर पर शामिल नहीं थे लेकिन संदेश यही गया कि उनकी मंजूरी के बिना विधायक ऐसा कदम उठा ही नहीं सकते थे।

सरकार अल्पमत में, नए चुनाव हों : कांग्रेस विधायक
कभी अशोक गहलोत समर्थक रहे कांग्रेस विधायक गिरिराज सिंह मलिंगा ने राज्य में नए चुनाव कराने की मांग की है। कहा, विधानसभा अध्यक्ष को एक साथ कई विधायकों ने इस्तीफे सौंप दिए हैं। इससे सरकार अल्पमत में है और नया चुनाव ही विकल्प है। मलिंगा के खिलाफ पिछले दिनों एक मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद गहलोत से उनकी निकटता खत्म हो गई है। रविवार को शांति धारीवाल के घर हुई विधायकों की बैठक से भी वह दूर रहे।
  • मलिंगा ने कहा कि रविवार को हुई बैठक में 30 मंत्री मौजूद थे। इन्होंने जनता के लिए कोई काम नहीं किया और अब इन सभी को डर लग रहा है कि सरकार बदली तो इनकी कुर्सी चली जाएगी इसलिए उन्होंने दबाव बनाया है। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री चुनने के लिए मैं पूरी तरह आलाकमान के साथ हूं।
  • पायलट और उनके समर्थक विधायकों ने मामले में चुप्पी साध रखी है। हालांकि ऐसे एक विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा ने कहा, हम आलाकमान के साथ हैं। वह जो भी फैसला लेगा हमें मंजूर होगा। यही बात हमने रविवार को भी कही। यह पूछे जाने पर कि गहलोत को पायलट से क्या शिकायत है, उन्होंने कहा, वही (गहलोत) बेहतर बता पाएंगे।
माकन की भी कार्यप्रणाली और बयानों पर उठ रहे सवाल
राजस्थान में आए संकट की भनक राज्य के प्रभारी अजय माकन को भी नहीं हुई। इससे उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। माकन के जयपुर में गहलोत से मिले बिना सीधे दिल्ली आने की खबरों के बाद गहलोत और उनके समर्थक विधायकों की नाराजगी और बढ़ गई।
  • माकन से पार्टी के विधायकों ने जो बातें बंद कमरे में कहीं और जो घटनाक्रम हुआ उन्होंने मीडिया से साझा कर सार्वजनिक कर दिया, जबकि उन्हें रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष को देनी थी। माकन ने मीडिया में ही गहलोत समर्थकों को अनुशासनहीन ठहरा दिया।

धारीवाल की सफाई- पंजाब की साजिश राजस्थान में भी
अशोक गहलोत समर्थक विधायकों की रविवार को मंत्री शांति धारीवाल के घर हुई बैठक का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वह ये कहते दिख रहे हैं कि यदि राजस्थान से गहलोत को हटाया गया तो पार्टी को गंभीर नुकसान उठाना होगा।
  • धारीवाल ने कहा, मुख्यमंत्री ने दो पद नहीं संभाल रखा है कि उनका इस्तीफा मांगा जा रहा है। जब उनके पास दो पद होंगे तब यह सवाल उठेगा। जो साजिश पंजाब में रची गई वही राजस्थान में की जा रही है। राजस्थान सिर्फ तभी बचेगा जब आप सभी विधायक जागेंगे।
  • धारीवाल ने यह भी कहा कि विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी कभी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नहीं रहे। न ही गहलोत ने कभी उनका नाम लिया। पहले दिन से जोशी ने इस पद के लिए मना किया है।
अनुराग ठाकुर ने कहा  कांग्रेस की हालत एक अनार-सौ बीमार वाली
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राजस्थान कांग्रेस में संकट पर तंज कसते हुए सोमवार को कहा, मानो भारत जोड़ो यात्रा से हो रहा मनोरंजन कम पड़ रहा हो, अब राजस्थान का राजनीति संकट हमारे सामने है। उन्होंने कहा, हम सभी ने देखा है कि पिछले चार साल में राजस्थान में क्या हुआ है। दलित, महिलाओं, पशुओं सभी पर हमले हुए हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। अब यदि पार्टी के अंदर झगड़ा होगा तो राज्य के लोगों की क्या स्थिति होगी। उन्होंने कहा, कांग्रेस की हालत एक अनार सौ बीमार वाली हो गई है।
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00