राजीव महर्षि होंगे देश के नए CAG, सुनील अरोड़ा बने चुनाव आयुक्त

amarujala.com- Presented by: मोहित Updated Thu, 31 Aug 2017 10:06 PM IST
Rajiv Maharshi will be new CAG and sunil arora appointed as Election commissioner
विज्ञापन
ख़बर सुनें
पूर्व केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि को भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) नियुक्त किया गया है। वह वर्तमान कैग शशिकांत शर्मा की जगह लेंगे जिनकी नियुक्ति 2013 में यूपीए सरकार के दौरान हुई थी। बता दें कि राजीव महर्षि को एनडीए सरकार के भरोसेमंद अधिकारियों में गिना जाता है। वो गुरुवार को ही गृह सचिव पद से रिटायर हुए हैं। 
विज्ञापन



गृह सचिव राजीव महर्षि के सेवानिवृत्त होने के बाद बृहस्पतिवार को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजीव गौबा ने यह पद संभाल लिया। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गौबा का दो साल का निश्चित कार्यकाल होगा। 1982 बैच के झारखंड कैडर के 58 वर्षीय गौबा को करीब दो महीने पहले गृह सचिव नियुक्त किया गया था। तब से वह गृह मंत्रालय में विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के रूप में कार्य कर रहे थे। 

वहीं चुनाव आयोग में आयुक्त के एक खाली पद पर नियुक्ति को लेकर भी फैसला लिया गया। सुनील अरोड़ा को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है। 
 


 
वहीं रंजन कुमार घोष को  महालेखा परीक्षक (सीएजी) का उप-नियंत्रक नियुक्त किया गया है।

वहीं वरिष्ठ नौकरशाह राजीव कुमार को वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) का सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं गुजरात कैडर की अनीता करवाल को सीबीएसई का चेयरपर्सन बनाया गया है। केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 17 प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। 

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने एक आदेश जारी कर बृहस्पतिवार से ही इन नियुक्तियों को लागू कर दिया है। आईएएस अधिकारी अनीता करवाल को राजेश कुमार चतुर्वेदी की जगह नियुक्त किया गया है, जबकि राजेश को राष्ट्रीय कौशल विकास प्राधिकरण का महानिदेशक बनाया गया है।
 
झारखंड कैडर के 1984 बैच के अधिकारी राजीव कुमार को अंजुली चिब दुग्गल की जगह नियुक्त किया गया है, जो बृहस्पतिवार को ही सेवानिवृत्त हुई हैं। डीएफएस विभाग के तहत बैंक, वित्तीय संस्थान, बीमा कंपनियां और राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम आते हैं। 

कुमार ने नौकरशाही में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। उन्होंने अफसरों के वार्षिक कामकाज के आकलन रिपोर्ट को ऑनलाइन किया। साथ ही वह उस महत्वपूर्ण टीम का सदस्य रहे, जिसने निकम्मे अधिकारियों के कामकाज के आकलन सिस्टम को विकसित किया। इसके तहत कुछ आईएएस और आईपीएस अफसरों और अन्य अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा के बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया।
 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00