धर्मांतरण मामला: यूपी के रैकेट के तार महाराष्ट्र से भी जुडे़

सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई Published by: देव कश्यप Updated Wed, 30 Jun 2021 03:24 AM IST

सार

  • महाराष्ट्र में मराठवाड़ा का बीड जिला जांच एजेंसियों के रडार पर आया
  • उत्तर प्रदेश में एटीएस द्वारा गिरफ्तार तीन आरोपियों में से एक बीड का निवासी
धर्म परिवर्तन (सांकेतिक तस्वीर)
धर्म परिवर्तन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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महाराष्ट्र में मराठवाड़ा का बीड जिला धर्मांतरण रैकेट से सुर्खियों में है। उत्तर प्रदेश आतंक रोधी दस्ता (एटीएस) ने धर्मांतरण के आरोप में जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उसमें से एक इरफान खां पठान भी है जो मूल रूप से बीड जिले का निवासी है। इरफान खां केंद्रीय बाल विकास विभाग में कार्यरत था और मूक-बधिरों को कॉमन साइन लैंग्वेज सिखाता था।
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इरफान खां पठान की गिरफ्तारी के बाद अचानक सिरसाला गांव जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। इरफान पर मूक-बधिर महिलाओं के धर्मांतरण का आरोप है। फिलहाल, एटीएस इरफान खान से पूछताछ कर धर्मांतरण के रैकेट का पता लगा रही है। इरफान खां का जन्म 1986 में बीड जिले के परली तहसील स्थित सिरसाला गांव में हुआ था। 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद इरफान मुंबई आया और साइन लैंग्वेज सीखा। साल 2013 में उसे बाल कल्याण विभाग में नौकरी मिल गई और मूक-बधिर बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। उसके बाद साल 2015 में परली में ही उसकी शादी हुई। इरफान के पकड़े जाने से माना जा रहा है कि धर्मांतरण का जाल यूपी और दिल्ली तक सीमित नहीं है।


प्रधानमंत्री मोदी भी कर चुके हैं इरफान की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इरफान खां पठान की तारीफ कर चुके हैं। गुजरात में एक जनसभा में इरफान ने मोदी के भाषण को मूक-बधिरों के लिए साइन लैंग्वेज में समझाया था। इरफान के परिवार वालों के पास इसका एक वीडियो भी है। इरफान के चाचा खुदबुद्दीन पठान कहते हैं कि हमें कल ही इरफान की गिरफ्तारी का पता चला है। हमें विश्वास नहीं हो रहा है कि वह ऐसा कर सकता है। हमारे परिवार को धर्मांतरण के बारे में कुछ नहीं पता है।

पुणे के जर्मन बेकरी धमाके से लेकर टूल किट तक सुर्खियों में रहा है बीड
बीड जिले का कनेक्शन कई आपराधिक मामलों में भी सामने आ चुका है। पुणे के जर्मन बेकरी बम धमाके में आरोपी हिमायत बेग फयाज कागजी बीड का ही मूल निवासी रहा है। किसान आंदोलन में सामने आए टूल किट मामले में शांतनु मुलूक और औरंगाबाद में अवैध हथियार के मामले में भी बीड कनेक्शन सामने आया था।

वहीं, 26-11 मुंबई आतंकी हमले में भी बीड के ही जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जिंदाल की सहभागिता उजागर हुई थी। आरोप है कि अबू जिंदाल ने ही कसाब को हिंदी सिखाई थी। आर्थर रोड जेल में उसका कसाब से आमना-सामना भी कराया गया था। इसके अलावा महाराष्ट्र पुलिस को आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े 7 से 8 युवकों की अब भी तलाश है जो अभी तक लापता हैं।

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