पंजाब: सबको साथ लेकर चलने वाले नेता हैं सुनील जाखड़, इसलिए कांग्रेस ने लगाया था दांव

Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Sun, 19 Sep 2021 01:07 PM IST

सार

पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफा देने से पहले ही मुख्यमंत्री की रेस में कई नाम सामने आने लगे थे। इसमें एक नाम सुनील जाखड़ का बहुत मजबूती के साथ सबसे ऊपर चल रहा था, लेकिन पार्टी के कुछ नेता इस नाम पर सहमत नहीं हैं। 
सुनील जाखड़
सुनील जाखड़
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

पंजाब कांग्रेस के नेता सुनील जाखड़ फ़िलहाल ना विधायक हैं ना सांसद। वैसे वो कई बार विधायक भी रहे और मंत्री भी रह चुके हैं । उपचुनाव में गुरदासपुर से चुनाव जीत कर लोकसभा में भी रहे, लेकिन पिछली बार विधानसभा और लोकसभा  चुनाव भी लड़ा और चुनाव हार गए, लेकिन इसी हार ने सुनील जाखड़ को मुख्यमंत्री की रेस में आगे पहुंचा दिया। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, तय हुआ था कि बहुत मजबूत और कद्दावर नेता की बजाए ऐसे नेता को मुख्यमंत्री बनाया जाए जिसको बाद में पद से हटाया जाए तो जनता में विरोध ना हो। इस लिहाज से पंजाब कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ सबसे मुफीद नजर आए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में सबको साथ लेकर चलते रहे।
विज्ञापन


पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफा देने से पहले ही मुख्यमंत्री की रेस में कई नाम सामने आने लगे थे। इसमें एक नाम सुनील जाखड़ का बहुत मजबूती के साथ सबसे ऊपर चल रहा था। दरअसल,  सूत्रों का कहना है कि पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा के चुनाव में मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर सुनील जाखड़ को सामने नहीं लाना था। ऐसे में एक तरह से "डमी मुख्यमंत्री" जो कुछ महीनों तक सरकार चलाएं उसका चयन किया जाना था। सूत्र बताते हैं बहुत सारे नामों पर चर्चा हुई, लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ पर आलाकमान की ओर से भी सहमति बनी। दरअसल जाखड़ पर सहमति बनने का एक बहुत बड़ा कारण यह भी था कि जाखड़ इस वक्त ना लोकसभा के सदस्य हैं और ना ही विधानसभा के सदस्य हैं। क्षेत्र में उनकी पहचान और पकड़ तो है, लेकिन इतनी नहीं कि उनको मुख्यमंत्री बनाकर हटाया जाए तो बाद जनता में विरोध हो जाए। कांग्रेस नहीं चाहती थी कि ऐसे नेता को मुख्यमंत्री बनाया जाए जिसको बाद में हटा दिया जाए और उसके चेहरे पर चुनाव भी ना लड़ा जाए। ऐसी दशा में न सिर्फ विरोध होता है बल्कि पार्टी का नुकसान भी होता है। इसलिए कांग्रेस ने सुनील जाखड़ को बहुत सोच समझकर आगे बढ़ाने की योजना बनाई थी।


सुनील जाखड़ के नाम पर सहमति नहीं
सूत्रों के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर सिंह के बाद विधायकों ने सुनील जाखड़ का नाम ही तय किया और प्रदेश प्रभारी हरीश रावत को उससे अवगत कराया। दरअसल, यह एक प्रक्रिया है जिसमें सभी विधायक अपने नेता का चुनाव करते हैं, लेकिन निर्देश आलाकमान से ही आते हैं। इसमें भी यही हुआ, मगर मामला फंस गया। कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक जातिगत समीकरणों के आधार पर सुनील जाखड़ के नाम पर आपत्ति दर्ज की गई। विधायक दल की बैठक में शामिल सूत्रों के मुताबिक इस बात का जिक्र जरूर हुआ कि सुनील जाखड़ के नाम की चर्चा आलाकमान की ओर से हो रही है इसलिए उस पर आपत्ति ना की जाए लेकिन कांग्रेस के ही एक नेता जो मुख्यमंत्री की दावेदारी कर रहे हैं उनके समर्थकों की ओर से इस पर आपत्ति दर्ज की गई। हालांकि, अब मुख्यमंत्री का नाम एक बार फिर से विधायक दल की बैठक में तय होगा। 



सिद्धू के नेतृत्व में चुनाव लड़ना चाहती है कांग्रेस
दरअसल, पंजाब में 2022 में होने वाले चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा वह नहीं होगा जो कैप्टन अमरिंदर सिंह के बाद मुख्यमंत्री बनेगा। कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि कुछ महीने के लिए कांग्रेस सिर्फ नाइटवॉचमैन की तरह ही एक मुख्यमंत्री बना कर रखना चाहती है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस अगले साल चुनावों में नवजोत सिंह सिद्धू को बतौर मुख्यमंत्री का चेहरा पेश कर चुनाव लड़ सकती है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के कुछ बड़े नेता इस बात पर भी विचार कर रहे हैं कि जिसके नाम पर अगले साल चुनाव लड़ा जाए क्यों ना उसको ही अभी से मुख्यमंत्री बनाया जाए। 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00