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सर्दी का सितम: दिल्ली में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री पहुंचा, यूपी में एक दिन में 42 की मौत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संदीप भट्ट Updated Fri, 27 Dec 2019 11:25 AM IST
Delhi Weather Today Unabated cold wave in North India, Drass in Ladakh freezing at -30.2°C
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उत्तर भारत में पहाड़ों से लेकर मैदानों तक हाड़ कंपाती ठंड का कहर जारी है। दिल्ली में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम रहा। यहां पारा 4.2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। आर्द्रता का स्तर 86 फीसदी रहा। अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के इर्दगिर्द बना रह सकता है। मौसम के कारण उत्तर भारत में 21 रेलगाड़ियां अधिकतम छह घंटे की देरी से चल रही हैं। मौसम विभाग के मुताबिक इस बार 1901 के बाद से अब तक दूसरा सबसे ठंडा दिसंबर का महीना है। अधिकतम तापमान के सामान्य से कम से कम साढ़े चार डिग्री कम रहने पर दिन को ठंडा माना जाता है, अधिकतम तापमान के सामान्य से कम से कम साढ़े छह डिग्री कम रहने पर दिन को ‘बेहद ठंडा’ माना जाता है।

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वहीं उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से गुरुवार को ठंड से 42 लोगों की मौत की सूचना मिली है। हरियाणा और पंजाब में ठंड बढ़ी, हिसार में तापमान गिरकर 0.3 डिग्री पर पहुंचा

हरियाणा और पंजाब में पड़ रही कड़ाके की ठंड शुक्रवार को भी जारी रही। हिसार में पारा नीचे लुढ़ककर 0.3 डिग्री पर पहुंच गया।

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हरियाणा के हिसार में पिछली रात मौसम की सबसे ठंडी रात रही, जब न्यूनतम तापमान छह डिग्री नीचे गिर गया। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के अन्य स्थानों पर भी पारा लुढ़क गया और तत्काल कोई राहत की संभावना नहीं दिख रही है। अगले कुछ दिनों तक कड़कड़ाती ठंड जारी रहने का अनुमान है।

राज्य के सिरसा (दो डिग्री सेल्सियस), नारनौल (तीन डिग्री), रोहतक (3.2 डिग्री) और भिवानी (चार डिग्री) में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम हो गया। हरियाणा में अंबाला (5.5 डिग्री) और करनाल (सात डिग्री) में भी रात बेहद ठंड रही। पंजाब में, बठिंडा में सबसे कम 2.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

अमृतसर में तापमान पांच डिग्री सेल्सियस, लुधियाना में 5.6 डिग्री, हलवारा 5.5 डिग्री, गुरदासपुर में 5.8 डिग्री और पटियाला में तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस रहा। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हरियाणा और पंजाब के अधिकांश हिस्सों में कोहरे का असर रहा, जिससे शुक्रवार सुबह भी दृश्यता कम रही।


इसके अलावा तेलंगाना, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ इलाकों में हल्की से छिटपुट बारिश की संभावना है। जबकि अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के बहराइच, लखनऊ, गोरखपुर और वाराणसी तथा बिहार में पूर्णिया, भागलपुर, पटना और गया में दिन का तापमान घटकर 10 से 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है और इन शहरों में अगले 24 घंटों में सर्वाधिक चार से ताक डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

118 साल में दिल्ली दूसरे सबसे ठंडे दिसंबर के करीब
दिल्ली की सर्दी 118 साल में दूसरे सबसे ठंडे दिसंबर का रिकॉर्ड तोड़ने की कगार पर है। 1901 के बाद 1997 में सबसे सर्द दिसंबर था जब इस महीने का औसत अधिकतम तापमान (एमएमटी)17.3 डिग्री रहा था। मौसम विभाग के मुताबिक इस साल अब तक दिसंबर का औसत अधिकतम तापमान 19.85 डिग्री रहा है, जो 31 दिसंबर तक 19.15 डिग्री हो सकता है। ऐसा होता है तो 1997 के बाद यह दिसंबर का दूसरा सबसे कम औसत अधिकतम तापमान और दूसरा सबसे सर्द दिसंबर होगा। 14 दिसंबर के बाद से बृहस्पतिवार तक लगातार 13वां दिन है जब अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री दर्ज किया गया है।

हाड़ कंपाने वाली ठंड से 31 लोगों की जान गई, कानपुर में 48 साल का रिकॉर्ड टूटा

बुंदेलखंड व सेंट्रल यूपी में ठंड से 31 लोगों की मौत हो गई। कानपुर में सबसे ज्यादा 20 लोगों की जान गई है। खास बात यह है कि गुरुवार को कानपुर में 48 वर्ष बाद इतनी ठंड पड़ी है। यहां का अधिकतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

इससे पहले 1971 में 26 दिसंबर को 11.2 डिग्री रिकार्ड किया गया था। उधर, हमीरपुर जिले में मौदहा विकासखंड क्षेत्र के भैंसमरी गांव में गोसंरक्षण केंद्र में बंद पांच मवेशियों की ठंड से मौत हुई है। वहीं, कई जिलों में न्यूनतम तापमान में बेहद गिरावट दर्ज की गई है। इटावा में न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस रहा। हमीरपुर, उन्नाव व फर्रुखाबाद में चार डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। 

बांदा में कमासिन थाना क्षेत्र के तर्गतसांड़ासानी गांव निवासी राकेश (40) पुत्र गंगा प्रसाद उर्फ गंगवा, शहर के कटरा निवासी चुन्नी देवी (55) पत्नी देवीदीन, हमीरपुर जिले के खन्ना गांव निवासी सुदेश कुमार के एक वर्षीय पुत्र प्रकाश की ठंड लगने से मौत हो गई। वह दो दिन से बांदा जिला अस्पताल में भर्ती था। हमीरपुर में डिग्गी रमेड़ी डांडा निवासी विजय निषाद की पत्नी सुनीता (45) की ठंड लगने से मौत हो गई। 

राजस्थान में शीत लहर का कहर तेज, पार -3 डिग्री सेल्सियस पहुंचा

कोहरे के कारण वाहनों की लाइट जलाकर सड़कों पर निकल रहे लोग।
कोहरे के कारण वाहनों की लाइट जलाकर सड़कों पर निकल रहे लोग। - फोटो : अमर उजाला।
राजस्थान राज्य के कई स्थानों पर रात के तापमान में 1 से 5 डिग्री सेल्सियस हो गई है। तापमान में इस गिरावट के साथ गुरुवार को राजस्थान के कुछ हिस्सों में शीत लहर हावी हो गई है। सीकर जिले के फतेहपुर शहर में रात का तापमान शून्य से -3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम में अब तक का अब तक का सबसे अधिक तापमान है।

जमीनी ठंढ और घने कोहरे के साथ गंभीर ठंड की हालात ने शेखावाटी क्षेत्र में चूरू, सीकर और झुंझुनू जिलों और आसपास के क्षेत्रों में सामान्य जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, सीकर में रात का तापमान 0 डिग्री सेल्सियस वहीं पिलानी में यह 0.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

राजस्थान के हिल स्टेशन, माउंट आबू में 1 डिग्री सेल्सियस और चूरू, वनस्थली, बीकानेर, गंगानगर और अजमेर में रात का तापमान 1.3, 3.2, 3.7, 3.9 और 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जैसलमेर, जयपुर, डबोक और बाड़मेर में न्यूनतम तापमान क्रमशः 5.6, 5.8, 6.4 और 7.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए ऐसे ही मौसम की स्थिति की भविष्यवाणी की है।

शीतलहर में ठिठुरा उत्तर प्रदेश, शीत लहर की चपेट में लखनऊ समेत कई शहर  

पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं से समूचा उत्तर प्रदेश शीतलहर की चपेट में आया है। गलन भरी ठंड के बीच बृहस्पतिवार को लोग सुबह से शाम तक हीटर-ब्लोअर, अलाव समेत तमाम इंतजामों के बावजूद कड़ाके की ठंड में ठिठुरते रहे। प्रदेश में बहराइच 3.6 डिग्री और बस्ती 4.5 डिग्री केसाथ सबसे ठंडे स्थान रहे। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के अधिकतम इलाके दिन भर 10 से 13 डिग्री सेल्सियस के अधिकतम तापमान में कांपते रहे। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान जबरदस्त गलन भरी ठंड, शीतलहरी और कई स्थानों पर घने कोहरा होने की चेतावनी जारी की है।

वेस्ट यूपी में ठंड से तीन लोगों को मौत
भागूवाला और नांगलसोती में शीतलहर के चलते दो बुजुर्गों की मृत्यु हो गई। परिजनों ने पुलिस प्रशासन को बताए बगैर ही दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया। नांगलसोती के गांव सबलपुर बीतरा निवासी 65 वर्षीय वृद्ध मो.अशरफ खेत पर काम करने गए थे। देर शाम तक वापस न आने पर परिजन खेत पहुंचे तो मो.अशरफ खेत में मृत मिले। परिजनों ने ठंड लगने से मृत्यु होने की बात कही है।

उत्तराखंड में नव वर्ष पर बर्फबारी संभव, अल्मोड़ा में ठंड से बालिका की मौत

नए साल पर उत्तराखंड जाने वाले सैलानियों के लिए मौसम विभाग से अच्छी खबर है। 31 दिसंबर को बारिश का पूर्वानुमान है और नये साल के पहले दो दिन प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बर्फबारी होने की संभावना है।

अल्मोड़ा में ठंड से बालिका की मौत
कुमाऊं में ठंड से एक और मौत हो गई है। ठंड लगने और अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने से बृहस्पतिवार को अल्मोड़ा में थाना बाजार स्थित हवेली हाउस  निवासी स्प्रिंगडेल स्कूल में नवीं की छात्रा प्रियांशी अधिकारी की मौत हो गई।

चंडीगढ़ में ठंड ने तोड़ा 10 साल का रिकार्ड

चंडीगढ़ सहित हरियाणा व पंजाब के कई जिलों ने पिछले 10 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। वीरवार को चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 10 साल में सबसे कम रहा है। पिछले 8-10 दिन से सिटी का अधिकतम तापमान सामान्य से 10 से 12 डिग्री कम रिकार्ड किया जा रहा है। न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग की ओर से बताया गया है कि 15 दिसंबर से लगातार तापमान में गिरावट जारी है। 21 दिसंबर के बाद से तापमान सामान्य से 10 से 12 डिग्री के नीचे दर्ज किया जा रहा है।

हरियाणा पंजाब के इन इलाकों में टूटा रिकार्ड
चंडीगढ़ मौसम विभाग ने पिछले 15 साल के अधिकतम तापमान का आकलन किया है। कुछ जगहों पर 15 साल में वीरवार को सबसे कम तापमान रिकार्ड किया गया है। वीरवार को अंबाला का अधिकतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 15 साल में सबसे कम रहा है। इसी तरह से करनाल में भी अधिकतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। पंजाब के लुधियाना में अधिकतम तापमान 9.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। हरियाणा और पंजाब के लिए भी चेतावनी जारी की गई है कि अगले तीन से चार दिनों में तापमान में और गिरावट आने के आसार हैं।

हिमाचल में कड़ाके की ठंड, माइनस 14 डिग्री पहुंचा केलांग का पारा

हिमाचल के जनजातीय क्षेत्र लाहौल में भारी बर्फबारी के चलते कोकसर पंचायत से प्राइमरी स्कूल और आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी को शिफ्ट करना पड़ा है। कोकसर, डिंफुग और रमथंग गांवों के लोग भी तीन से चार महीने के लिए बच्चों को लेकर कुल्लू और मनाली के लिए पलायन कर चुके हैं। वहीं, सूबे के सात क्षेत्र जमाव बिंदु पर पहुंच गए हैं जबकि आधे प्रदेश में धुंध का कहर बरप रहा है। धुंध पड़ने से गगल में वीरवार को हवाई उड़ानें भी रोकनी पड़ीं। 

जम्मू-कश्मीर में हाड़ कंपाती ठंड, द्रास में न्यूनतम पारा माइनस 30.2 डिग्री पहुंचा 

जम्मू में वीरवार को सीजन का सबसे सर्द दिन और श्रीनगर में सीजन की सर्द रात बीती। इसी तरह श्री माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा में भी सीजन का सर्द दिन बीता। जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के तापमान में गिरावट से जनजीवन प्रभावित है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शीत लहर की चपेट में हैं।

कारगिल जिला के द्रास में बीती रात का न्यूनतम तापमान माइनस 30.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पिछले दिनों बर्फबारी के कारण श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ जिला राजोरी और पुंछ को शोपियां (कश्मीर) से जोड़ने वाले मुगल रोड पर यातायात बहाल नहीं हो पाया है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार शुक्रवार से अगले एक सप्ताह तक मौसम साफ रहेगा। 

कड़ाके की सदी में बढ़ने लगी चिल ब्लेन की समस्या 

हाड़ कंपा देने वाली सर्दी का असर अब हाथ पैरों पर पड़ने लगा है। सर्द हवाओं के सीधे संपर्क में आने से हाथ-पैर की अंगुलियां में चिल ब्लेन की समस्या उत्पन्न होने लगी है। इसमें हाथ व पैर को खून पहुंचाने वाली छोटी नसों में ठंड के कारण खून का प्रवाह बाधित हो जाता है, जिससे अंगुलियों में सूजन के साथ पैरों में खुजली होने लगती है और लाल छाले पड़ जाते हैं। इसका असर 6 से 8 दिन तक रहता है। 

डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. भावुक मित्तल का कहना है कि चिल ब्लेन की समस्या उन लोगों में अधिक देखने को मिल रही है जो कई घंटे लगातार ठंड और पानी के संपर्क में रहते हैं। पैर व हाथ के अलावा चिल ब्लेन का असर कान के पिछले हिस्से में भी देखने को मिल रहा है। इसमें पैर व हाथ की उंगली तक खून पहुंचाने वाली छोटी नसों में खून का प्रवाह अधिक ठंड के कारण रुक जाता है। इसके कारण सूजन व खुजली होने लगती है।  

यदि खून में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक है तो चिल ब्लेन होने की संभावना 40 फीसदी बढ़ जाती है। अस्पताल की ओपीडी में सप्ताह भर में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है। बचाव के लिए मरीजों को अधिक ठंड में बाहर न रहने की सलाह दी जाती है। जबकि 50 साल के बाद चिल ब्लेन गैंगरीन या फिर त्वचा के अल्सर में भी बदल सकता है। -डा. एके दीक्षित, त्वचा रोग विशेषज्ञ एमएमजी अस्पताल 


इस तरह करें चिल ब्लेन की पहचान
  • पैरों व हाथ में तेज टीस के साथ यदि ठंड का अनुभव हो।
  • बाहर रहने पर यदि 15 मिनट में नाक लाल हो या नाक से पानी बहे।
  • जूते पहनने पर भी पैरों की अंगुलियों में जकड़न का अनुभव हो।
  • दुबले- पतले लोगों में चिल ब्लेन की समस्या अधिक होती है।

इस तरह से करें बचाव
  • प्रभावित जगह के खून का दौरा सामान्य करने का प्रयास करें
  • जूते पहनने से पहले पैरों में आयोडेक्स का प्रयोग कर सकते हैं।
  •  चिल ब्लेन होने पर तुरंत सिंकाई शुरू न करें, गरम तेल की मालिश हल्केहाथ से करें।
  • छाले यदि अधिक लाल हों तो चिकित्सक से संपर्क करें, पर्याप्त गरम कपड़े पहनें।
  • ऊनी जुराब पहनने से पहले सूती जुराब जरूर पहनें। 
  • अगर  सूजन बढ़ रही हो तो गर्म सिंकाई और ठंडे पाने से बचें। 
  • शरीर में पानी की कमी न होने पाए, इसलिए कोई भी तरल पदार्थ दूध, चाय, गर्म सूप या पानी जरूर पीते रहें। 
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