टीकाकरण: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, केवल कोविन पोर्टल के जरिए पंजीकरण व्यावहारिक नहीं

राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 02 Jun 2021 09:02 PM IST

सार

सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को इस बात पर जोर दिया कि कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ टीकाकरण के लिए पंजीकरण हेतु केवल कोविन पोर्टल का होना व्यावहारिक नहीं है और इससे लक्ष्य प्राप्त करने में समस्या आएगी।
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 18-44 वर्ष की आयु के बीच इस देश की एक महत्वपूर्ण आबादी का टीकाकरण करने के लिए विशेष रूप से एक डिजिटल पोर्टल (कोविन पोर्टल) पर निर्भर टीकाकरण नीति अपने उद्देश्यों को पूरा करने में समर्थ नहीं हो पाएगी।
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'भारत में एक डिजिटल विभाजन मौजूद है, खासकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच।' अदालत ने कहा, 'डिजिटल साक्षरता और डिजिटल पहुंच' का विस्तार देश में अधिकांश आबादी तक नहीं है।


अदालत ने कहा कि बैंडविड्थ और कनेक्टिविटी भी डिजिटल पैठ के लिए और चुनौतियां पेश करते हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि 'डिजिटल डिवाइड' से इस आयु समूह(18-44) के लोगों के समानता और स्वास्थ्य के मौलिक अधिकार पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00