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शिक्षक घोटाला : सीबीआई का बड़ा खुलासा, परीक्षा में मिले थे जीरो नंबर, सर्वर से हो गया 70

अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता Published by: देवेश शर्मा Updated Wed, 28 Sep 2022 10:30 PM IST
सार

West Bengal Recruitment Scam: इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद जस्टिस अभिजीत गांगुली ने कहा कि मैं स्तब्ध हूं। दूसरी ओर, सीबीआई के वकील ने कहा, मैं अवाक हूं। इसके बाद जस्टिस गांगुली ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि अवैध रूप से नौकरी पाने वाले सभी लोग अपनी नौकरी खुद से छोड़ दें।  

West Bengal Recruitment Scam
West Bengal Recruitment Scam - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

बंगाल शिक्षक घोटाला मामले में बुधवार को सीबीआई ने कलकत्ता हाईकोर्ट में फॉरेंसिक रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें चौंकानें वाले सनसनीखेज खुलासे किए हैं। जानकारी के मुताबिक फेल हुए अभ्यर्थी के नंबर सर्वर में बदल कर उसे पास कर दिया गया। इस तरह से ग्रुप सी में 3,481 और ग्रुप डी में 2,823 अभ्यर्थियों के नंबर बदले गए। जिनके नंबर बदले गए, उनमें किसी को जीरो तो किसी को एक नंबर मिला था। सीबीआई के मुताबिक एसएससी सर्वर रूम से जब्त तीन हार्ड डिस्क जांच की गई तो यह जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के सामने आने से जज स्तब्ध हैं और वकील हैरान।

जानकारी के मुताबिक सीबीआइ ने बुधवार को हाई कोर्ट में कुल चार रिपोर्ट सौंपी है। इसमें ग्रुप सी, ग्रुप डी, एसएलएसटी 11-12वीं और एसएसएसटी नौवीं-10वीं के शिक्षकों की भर्ती से जुड़ी रिपोर्ट है। हर रिपोर्ट में विस्फोटक जानकारी है। अब तक नंबर बदलने की बस बातें होती थीं लेकिन अब सीबीआई ने सबूत के साथ रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी है।

रिपोर्ट के अनुसार, ग्यारहवीं-बारहवीं कक्षा के शिक्षकों की भर्ती के लिए एसएससी सर्वर में 907 उम्मीदवारों के प्राप्तांक बदले हैं। इनमें से 631 नाम पैनल में हैं। वहीं नौवीं-दसवीं कक्षा के शिक्षकों की भर्ती में 952 अभ्यर्थियों के प्राप्तांक बदले गए। सभी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां भी बरामद कर ली गई हैं। जिससे प्रमाणित हुआ है कि अभ्यर्थियों को वास्तव में एक या जीरो 0 अंक मिले थे, लेकिन सर्वर में उन अभ्यर्थियों का प्राप्तांक बदल कर 50 या 70 कर दिया गया। यहां तक कि खाली ओएमआर शीट भी जमा कर दी गई थी।
 

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद जस्टिस अभिजीत गांगुली ने कहा कि मैं स्तब्ध हूं। दूसरी ओर, सीबीआई के वकील ने कहा, मैं अवाक हूं। इसके बाद जस्टिस गांगुली ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि अवैध रूप से नौकरी पाने वाले सभी लोग अपनी नौकरी खुद से छोड़ दें। अगर वे खुद इस्तीफा दे देते हैं तो कोर्ट कोई कार्रवाई नहीं करेगी। लेकिन अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो अदालत मामले को दूसरे तरीके से निपटाएगी।
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