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सीसीआई ने माना: व्हाट्सएप की नीति शोषणकारी और भेदभाव वाली, होगी जांच

अभिषेक यादव, नई दिल्ली। Published by: Amit Mandal Updated Thu, 25 Mar 2021 05:27 AM IST

सार

  • सीसीआई ने कहा-शब्दों से खेलकर एकाधिकार का दुरूपयोग कर रही कंपनी
  • नीति में यह तक साफ नहीं है कि व्हाट्सएप नागरिकों का किस तरह का डाटा लेगा
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विस्तार

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने व्हाट्सएप की नई निजता नीति को पहली नजर में शोषणकारी और भेदभाव वाला आचरण मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं। आयोग के महानिदेशक यह जांच करेंगे। आयोग ने माना, कंपनी नीति में शब्दों से खेलकर एकाधिकार का दुरुपयोग कर रही है। आयोग ने स्वतःसंज्ञान से मामले की सुनवाई के बाद अपने फैसले में कहा, नीति में यह तक साफ नहीं है कि व्हाट्सएप नागरिकों का किस तरह का डाटा लेगा या फेसबुक के अलावा किसी तीसरे पक्ष से साझा करेगा? 
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कारोबारियों से बात करने, सेवा संबंधी जानकारियां लेने, पैसों के लेन-देन व कारोबार से जुडे़ डाटा में क्या जानकारियां उसके पास आएंगी, यह भी नहीं बताया है। नीति से पता नहीं चलता कि लोगों पर इसका क्या असर हो सकता है। आयोग के अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता और सदस्यों संगीता वर्मा व भगवंतसिंह बिश्नोई ने कहा, नई नीति यह नहीं बताती कि नागरिकों के फेसबुक, व्हाट्सएप व इंस्टाग्राम पर पुराने डाटा का कंपनी फायदे के लिए इस्तेमाल नहीं करेगी। लोग नहीं चाहेंगे कि उनका डाटा किसी तीसरे पक्ष को दिया जाए, पर नई नीति में इस पर भी शब्दों से खेल किया गया है। प्रतियोगी बाजार में निजी डाटा पर लोगों का पूरा अधिकार है, लेकिन फेसबुक अपने यूजर के लिए ऐसा नहीं कर रहा। बल्कि व्हाट्सएप के लिए डाटा देने की सहमति अनिवार्य कर दी गई है।


सहमति कहां है
आयोग ने कड़े शब्दों में कहा कि यूजर्स को व्हाट्सएप की नीति मानने या अकाउंट बंद करने के लिए कहा जा रहा है। व्हाट्सएप प्रभुत्व रखने वाला मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है, ऐसी सहमति क्या स्वैच्छिक होगी? यूजर्स को वास्तव में कोई विकल्प ही नहीं दिया गया है, ताकि वे डाटा को साझा न करने का विकल्प चुन सकें। यह अनुचित और अतार्किक है।  

फैसले की तीन अहम बातें
हालात का बेजा फायदा उठाने की जांच : व्हाट्सएप ने नई नीति के जरिये परिस्थितियों का बेजा लाभ उठाने और दूसरों को नुकसान पहुंचाने वाला आचरण कर, पहली नजर में प्रतिस्पर्धा अधिनियम का उल्लंघन किया है। इसकी विस्तृत और गहरी जांच होगी। यूजर्स का डाटा साझा करने पर क्या असर हो सकता है, यह भी जांचा जाएगा।

60 दिन का समय 
जांच को महानिदेशक 60 दिन में पूरा करेंगे। गोपनीय जवाब की भी जांच: व्हाट्सएप ने 25 फरवरी को अपना जवाब दो हिस्सों में दाखिल किया था, गोपनीय व अगोपनीय। गोपनीय भाग की जांच की स्वतंत्रता भी डीजी को दी गई है। 

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