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जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर में सीआरपीएफ कैंप पर पेट्रोल बम हमला, सभी सुरक्षित

श्रीनगर के सफाकदल इलाके में शुक्रवार की रात आतंकियों ने सीआरपीएफ कैंप पर पेट्रोल बम से हमला किया। इस हमले में किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। सूत्रों ने बताया कि आतंकियों ने डाउनडाउन के सफाकदल इलाके में 23 बटालियन सीआरपीएफ कैंप पर पेट्रोल बम फेंका जो कि कैंप से थोड़ी दूरी पर जाकर फटा।

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घटना के बाद पूरे इलाके में रात से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर रात कुछ अज्ञात हमलावर सराफ कदल इलाके में स्थित सीआरपीएफ की 23 बटालियन के कैंप के नजदीक आए और पेट्रोल बम से हमला कर वहां से फरार हो गए।

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जम्मू-कश्मीर: फिर गिरफ्तार हुए सरजन बरकती, ईद पर दिया हिंसा भड़काने वाला भाषण

श्रीनगर में धर्मगुरु सरजन बरकती को ईद के मौके पर लोगों को भड़काने वाला भाषण देने के लिए उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया है। सरजन बरकती की पत्नी शबरोजा अख्तर ने बताया कि सरजन को जैनपोरा पुलिस शनिवार सुबह उनके आवास से गिरफ्तार करके ले गई है।

साथ ही शबरोजा ने बताया कि सरजन ने पिछले साल रिहा होने के बाद शुक्रवार को अपने गांव रेबन में पहली बार ईद के मौके पर भाषण दिया। वहीं इस पर स्थानीय लोगों ने बताया कि सरजन कुछ ही मिनटों के लिए मंच पर थे जिस दौरान उन्होंने फिलिस्तीन के बारे में बात की।

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बता दें कि वह चार साल से अधिक समय तक हिरासत में रहने के बाद पिछले साल अक्तूबर में रिहा हुए थे। सरजन बरकती पर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद 2016 में भड़की हिंसा भड़काने का आरोप लगा था, जिसके चलते उसे हिरासत में लिया गया था।

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कोरोना कर्फ्यू के कारण कनक मंडी और वेयरहाउस खोलने का समय निर्धारित करने से अब सामान खरीदने के लिए काफी भीड़ जुट रही है। वाहनों की संख्या बढ़ने से जाम लग रहा है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। शुक्रवार सुबह भी वाहनों को लोड करते वक्त दो घंटे जाम की स्थिति बनी रही। इससे कोरोना संक्रमण और बढ़ने का भी खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार को सुबह दोनों मंडियों में काफी भीड़ थी, सड़काें में जाम लग गया। कोरोना लॉकडाउन के दौरान सुबह छह से दस बजे तक गलियों, मोहल्लाें में दुकानें खुलने पर लोग जरूरी सामान की खरीदारी करने पहुंचे। वहीं दस बजते ही फिर से सभी दुकानें बंद होते ही सन्नाटा छा गया। वहीं लगातार पुलिस की टीमों द्वारा लोगों पर पूरी तरह से नजर रखी गई। निर्धारित समय से ज्यादा देर तक किसी को भी दुकान खोलने की अनुमति नहीं दी गई, जिसका सख्ती के साथ पालन किया गया ... और पढ़ें

लॉकडाउन में भी नहीं रुक रही जम्मू-कश्मीर में नशा और पशु तस्करी

लॉकडाउन के बावजूद नशा और पशु तस्करी की वारदातें नहीं रुक पा रही हैं। नदी-नालों में भी अवैध खनन बेखौफ जारी है, जो पुलिस के लिए कोरोना प्रोटोकाल को प्रभावी बनाने की ड्यूटी में चुनौती बनी हुई हैं। हालांकि जिले में सड़क हादसे, चोरी की वारदातें, दुष्कर्म, मारपीट समेत अन्य आपराधिक वारदातें कम हो गई हैं।

जानकारी के अनुसार पिछले 10 दिन में जम्मू जिले में नशा तस्करी और शराब तस्करी के छह मामले सामने आए हैं, पुलिस ने छह आरोपियों को नशा तस्करी में गिरफ्तार किया है। तीन मामले अवैध खनन के भी सामने आए हैं, दो दर्जन वाहन अवैध खनन में शामिल होने पर जब्त किए हैं।

अन्य आपराधिक वारदातों पर नजर डालें तो 10 दिन में सड़क हादसे का एक मामला, दुष्कर्म का एक मामला, चोरी का एक मामला सामने आया है, जबकि लॉकडाउन से पहले जिले में सभी अपराधों को मिलाकर हर महीने 50 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो रही थीं। अब सिर्फ लॉकडाउन तोड़ने की एफआईआर दर्ज हो रही हैं। या फिर नशा तस्करी, पशु तस्करी और अवैध खनन की वारदातें हैं।

नशे की लत पूरी करने के लिए कर रहे ऐसा
जिले के कई युवा नशे की लत में बहुत बुरे तरीके से जकड़ चुके हैं। नशा पूरा करने के लिए वे लॉकडाउन में भी घरों से बाहर निकल रहे हैं और नशा तस्करी में शामिल हो रहे हैं। पुलिस को और सख्ती से निपटने की जरूरत है।- जोरावर जमवाल, टीम जम्मू

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पुलिस कार्रवाई कर रही

पुलिस की ओर से इन पर कार्रवाई की जा रही है। नशा तस्करी करने वालों पर सख्ती से निपटा जा रहा है। पुलिस सतर्क है और इन पर कार्रवाई हो रही है। पशु तस्करों पर भी कार्रवाई की जा रही है। एक महीने में 200 से ज्यादा मवेशी छुड़ाए गए हैं, अवैध खनन पर भी अंकुश लगा है। एक महीने में 100 से ज्यादा वाहन जो खनन में शामिल थे, उनको जब्त किया गया है। - चंदन कोहली, एसएसपी, जम्मू ... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर: घाटी में आतंक के साथ-साथ कोरोना से भी लड़ने का काम कर रही सेना

जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन

जम्मू-कश्मीर में कोरोना के कारण सामने आने वाली चुनौतियों से लड़ने में भारतीय सेना घाटी के लोगों की पूरी मदद कर रही है। खराब मौसम और कोरोना के कारण पैदा हुई मुश्किल परिस्थितियों में भी सेना एलओसी से लगे गांवों में कोरोना के बारे में जागरूकता लाने का काम कर रही है। सेना द्वारा स्थानीय लोगों को शिक्षित किया जा रहा है।

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सेना द्वारा लोगों को कोरोना किट भी बांटी जा रही है ताकि कोरोना के खतरे को कम किया जा सके। लोगों को मास्क पहनने और बार-बार हाथ धोने के बारे में बताया जा रहा है, साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के बारे में जागरुक किया जा रहा है।

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जम्मू-कश्मीर में कोरोना: पीड़ितों की मदद के लिए आगे आया आरएसएस, इस तरह की मदद

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का समूचा कैडर प्रांत में सक्रिय हो गया है। संघ और सेवा भारती के कार्यक्रर्ता कोविड-19 से प्रभावित लोगों के लिए ऑक्सीजन सिलिंडरों से लेकर भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में ऑक्सीजन की मांग को देखते हुए 106 कंस्ट्रेटर विभिन्न स्थानों पर स्थापित करने के साथ सेवा भारती ने कश्मीर में श्रीनगर के बटमालु और जम्मू संभाग के राजौरी, भद्रवाह में तीन आइसोलेशन सेंटर तैयार किए हैं।

जगती स्थित विस्थापित कश्मीरी पंडितों की कॉलोनी में भी संघ के स्वयंसेवी काढ़ा वितरित करने व सैनिटाइजेशन अभिायान में जुटे हैं। संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक जम्मू शहर में ही सेवा भारती संगठन अब 50 के करीब ऑक्सीजन के सिलिंडर जरूरतमंदों को उपलब्ध करवा चुका है।

सेवा भारती ने शहर में लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए तैयारी आयुर्वेदिक काढ़े के वितरण की प्रक्रिया भी कटड़ा और जम्मू रेलवे स्टेशन के अलावा अन्य स्थानों पर शुरू की है। जम्मू जिले में भी आइसोलेशन सेंटर बनाए हैं। राजोरी के साथ सुंदरबनी में घर-घर जाकर लोगों को कोरोना महामारी के प्रति जागरूक किया जा रहा है और राहत सामग्री दी जा रही है।

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संघ के स्वयंसेवक जिला कठुआ मुख्यालय में लगातार सक्रिय हैं। शुक्रवार को भी कठुआ में स्वयंसेवकों ने कोरोना योद्धाओं और अन्य लोगों को आयुर्वेदिक काढ़ा वितरित किया। कठुआ जिला संघ कार्यालय में जरूरतमंद मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध करवाएं जा रहे हैं।

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#LadengeCoronaSe : जम्मू-कश्मीर में कोरोना पीड़ितों को सांसें देगा जर्मनी का ऑक्सीजन प्लांट

जम्मू-कश्मीर में कोरोना पीड़ितों को जर्मनी का ऑक्सीजन प्लांट सांसें देगा। सरकार ने नौ प्लांट मंगाए हैं, जिनके अगले सप्ताह तक पहुंचने की उम्मीद है। यह प्लांट जम्मू और कश्मीर दोनों ही संभाग में स्थापित किए जाएंगे। सरकार का इस वक्त पूरा जोर ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा ऑक्सीजन आधारित बेडों की संख्या बढ़ाने पर है ताकि कोरोना के  खिलाफ जंग जीती जा सके।
 
सरकार से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों ने जर्मनी से ऑक्सीजन प्लांट शनिवार को रवाना किए जाने की उम्मीद जताई थी जो अगले सप्ताह तक श्रीनगर पहुंचेंगे। इन प्लांट के लगने के बाद प्रदेश में ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और कोरोना पीड़ितों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सूत्रों के अनुसार, पूरे प्रदेश में 78 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट से कोरोना प्रबंधन की फिलहाल योजना बनाई गई है। यह संख्या जरूरत के हिसाब से और भी बढ़ सकते हैं। 

वर्तमान में 26 प्लांट कार्यरत हैं। निकट भविष्य में और 52 प्लांट क्रियाशील होंगे। इसके साथ ही सिलिंडर से भी ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। पर्याप्त संख्या में सिंलिंडर हैं। बाहरी राज्यों से भी ऑक्सीजन मंगाया जा रहा है। निर्धारित कोटे की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए हिमाचल और पंजाब में अफसरों की तैनाती भी की गई है। सूत्रों का कहना है कि सरकारी की पूरी निगरानी ऑक्सीजन की उपलब्धता पर है। यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि कहीं भी इसकी कमी न होने पाए। इसके लिए उद्योगों की आपूर्ति भी पहले ही रोक दी गई है। 

प्रदेश के 55 सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज
सरकार ने कोरोना मरीजों के इलाज के लिए पूरे प्रदेश में 55 सरकारी व निजी अस्पतालों में इंतजाम किए हैं। इनमें जम्मू संभाग में 30 और कश्मीर में 25 अस्पताल हैं। इन अस्पतालों में कोरोना पीड़ितों के लिए 5100 से अधिक बेड हैं। इसके अलावा आइसोलेशन के साढ़े 4700 और आईसीयू के 133 बेड हैं। सरकार ने ट्राइएज सेंटर भी बनाए हैं ताकि सबसे पहले कोई भी मरीज इन्हीं सेंटरों पर जाए। यहां से उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भेजा जा सके। 

सरकार पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए बेड, ऑक्सीजन व दवाई की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश में फिलहाल कुल 78 ऑक्सीजन प्लांट से कोरोना प्रबंधन किया जाएगा। चिकित्सकों के साथ ही पूरा पैरा मेडिकल स्टाफ दिन रात लगा हुआ है। साथ ही वरिष्ठ अफसरों की भी कोरोना प्रबंधन में जिम्मेदारी तय की गई है। 
-अटल डुल्लू, आयुक्त सचिव-स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा
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