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ये चार राशि के लोग हो जाएं सावधान, कष्टकारी रहेगा शनिवार
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जम्मू-कश्मीर: प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज, नार्को टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ समेत पांच बड़ी खबरें

केंद्र सरकार इस महीने 24 जून को जम्मू-कश्मीर की सभी क्षेत्रीय पार्टियों के साथ बातचीत करेगी। जिसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अल्ताफ बुखारी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के मुखिया सज्जाद लोन को बुलाए जाने की चर्चा है। सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

कश्मीर के बारामुला में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। यहां नार्को टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ है। जिसमें आतंकियों के 10 मददगारों को गिरफ्तार किया गया है। जिनके पास से हेरोइन के 11 पैकेट, चार पिस्टल, कई मैग्जीन, बीस कारतूस और एक लाख रुपये की चेक बरामद हुुई है। हेरोइन की कीमत 21.5 लाख रुपये बताई जा रही है।  पुलिस ने एक ट्रक, एक कार और एक स्कूटी को सीज किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

सुशासन को जमीनी स्तर पर ले जाने और प्रदेश में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में वह महीने में एक बार डीडीसी, बीडीसी और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगे। जिससे निर्वाचित प्रतिनिधियों को लोगों की आकांक्षाओं को आवाज देने के लिए एक मंच तैयार होगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

'फ्लाइंग सिख' के नाम से मशहूर दिग्गज खिलाड़ी मिल्खा सिंह की तमन्ना थी कि उनके जीते जी जम्मू-कश्मीर का युवा ओलंपिक में दौड़ में स्वर्ण पदक जीते। वह पहाड़ के युवाओं को ओलंपिक खेलों में तिरंगा फहराते हुए देखना चाहते थे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

भाजपा ने प्रदेश में अपनी गतिविधियां एकाएक बढ़ा दी हैं। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस 23 जून को राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी तरुण चुघ जम्मू में व सह प्रभारी आशीष सूद कश्मीर में रहेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
 
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केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह: बैंकों को मिले निर्देश, कोरोना काल में पेंशन वितरण में लाई जाए तेजी

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कोरोना काल में बैंकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि पेंशन धारकों को पेंशन का वितरण तेजी से करें। इसके अलावा बैंकों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि पेंशन धारक की मौत होने की स्थिति में उसकी पत्नी या फिर परिवार के अन्य सदस्य को पेंशन की अदायगी जल्द हो।

पेंशन और पेंशनर वेलफेयर विभाग के सर्कुलर को नई दिल्ली में जारी करते हुए मंत्री ने कहा कि कुछ ऐसे मामले नोटिस में आए हैं कि पेंशन धारक की मौत होने पर परिवार के सदस्यों को बैंकों ने दस्तावेज जमा करवाने तक पेंशन जारी नहीं की। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना काल में पेंशनरों के जीवन को सरल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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साथ ही उनकी पेंशन के मामलों का वितरण तेजी से और बिना किसी व्यवधान के करने के बैंकों को निर्देश जारी किए गए हैं। बैैकों को निर्देश दे दिए गए हैं कि दिवंगत पेंशनर के परिवार के सदस्यों को पेंशन लेने में असुविधा न हो इसलिए केवल मृत्यु प्रमाण पत्र जमा करवाएं जाने पर पेंशन जारी की जाए।

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जम्मू-कश्मीर: पीएम मोदी ने 24 जून को बुलाई सर्वदलीय बैठक, पढ़ें कांग्रेस समेत इन दलों की प्रतिक्रिया

केंद्र सरकार इस महीने 24 जून को जम्मू-कश्मीर की सभी क्षेत्रीय पार्टियों के साथ बातचीत करेगी। जिसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अल्ताफ बुखारी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के मुखिया सज्जाद लोन को बुलाए जाने की चर्चा है। सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है।

बैठक में शामिल होने को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अभी तक हमें बातचीत के लिए दिल्ली से कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है। अगर हमें कोई निमंत्रण मिलता है तो हम पहले बैठक के लिए अपनाई जाने वाली रणनीति पर बैठकर चर्चा करेंगे।

हालांकि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस बात को स्वीकार किया है कि इस बैठक के संबंध में उनके पास एक कॉल आई है। लेकिन अभी तक औपचारिक आमंत्रण नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि मैं उसी पर चर्चा और बैठक में भाग लेने या न लेने पर निर्णय करने के लिए कल पीएसी की बैठक करूंगी।

जम्मू-कश्मीर कांग्रेस प्रमुख गुलाम अहमद मीर ने कहा कि हमें प्रधानमंत्री के साथ सर्वदलीय बैठक के संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है। अगर हमें बैठक का निमंत्रण मिलता है, तो हम इस बारे में राष्ट्रीय नेतृत्व को जानकारी देंगे। परामर्श होने के बाद हम बैठक में भाग लेंगे। हम केंद्र द्वारा बातचीत के इस तरीके की सराहना करते हैं।
 
पीएजीडी(पीपुल्स एलायंस फॉर गुप्कर डिक्लेरेशन) सदस्य मुजफ्फर शाह ने कहा कि निमंत्रण मिलने पर वह सर्वदलीय बैठक में भाग लेने की रणनीति तैयार करेंगे। अगर महबूबा मुफ्ती को दिल्ली से फोन आता है तो इसका मतलब है कि प्रक्रिया शुरू हो गई है।

उधर, जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के महासचिव रफ़ी अहमद मीर ने कहा कि हमें अभी तक कोई औपचारिक आमंत्रण नहीं मिला है। हम आमंत्रण का इंतजार कर रहे हैं। मुझे लगता है कि यह लोगों और राजनीतिक दलों के लिए उन मुद्दों को उठाने का एक अच्छा अवसर है जिनका हम सामना कर रहे हैं।

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चिंता की स्थिति: जम्मू-कश्मीर में नशे की लत युवाओं को धकेल रही अपराध में, कई अपराधों में हो रहे शामिल

नशे की लत युवाओं को अपराध की तरफ धकेल रही है। हेरोइन जैसा महंगा नशा कई युवाओं को चोरी, झपटमारी और अन्य आपराधिक वारदातों की तरफ ले जा रहा है। सूत्रों के अनुसार चोरी, झपटमारी और नशा तस्करी के औसतन 100 में से 70 मामलों में पकड़े जा रहे युवा नशे की चपेट में हैं।

दो दिन पहले कैनाल रोड पुलिस ने चोरी के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि नशे की आपूर्ति के लिए ये लोग चोरी-चकारी करते हैं और अब हेरोइन की लत लग चुकी है। वहीं, तीन दिन पहले बख्शी नगर पुलिस थाने में एक अपहरण का आरोपी फरार हुआ है, वह भी नशेड़ी है।

त्रिकुटा नगर क्षेत्र में बीते साल एक लूट के मामले में पुलिस कर्मी का बेटा पकड़ा गया, जो नशे की लत में जकड़ चुका था। ऐसे कई युवा हैं, जो नशे की आपूर्ति के लिए अपराध कर रहे हैं। अधिकतर युवा हेरोइन की लत में पड़ चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक इसकी एक डोज दो से तीन हजार रुपये की आती है। इसकी आपूर्ति के लिए युवा चोरी, झपटमारी और अन्य अपराध करते हैं।

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जो युवा नशे की गिरफ्त में हैं, उनकी इस लत को छुड़ाने के लिए नशा मुक्ति केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन जो आपराधिक वारदातों में शामिल हैं, इनके बारे में फिलहाल सोचा नहीं। जम्मू स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बड़ा नशा मुक्ति केंद्र बनाया जा रहा है। जो आरोपी नशे की लत के लिए वारदातों को अंजाम देते हैं, उनकी लत छुड़ाने के लिए योजना बनाई जाएगी। - चंदन कोहली, एसएसपी जम्मू ... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर: टीकाकरण के लिए जागरूकता अभियान के साथ सख्ती भी, नाकों पर भी हो रही पूछताछ

नशे की लत
कोरोना से बचाव के लिए प्रदेश में टीकाकरण अभियान तेजी से जारी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों को जागरूक करने के साथ घर-घर और खेतों में पहुंचकर टीका लगा रही हैं। अभी भी टीके के बारे में कुछ भ्रांतियां है, जिससे लोग वैक्सीन लगवाने के लिए कतरा रहे हैं। प्रदेश के पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में ऐसी समस्या ज्यादा आ रही है। इस पर प्रशासन सख्ती भी कर रहा है।

टीका न लगवाने वालों का राशन और मुलाजिमों का वेतन रोकने की चेतावनी दी है। रियासी में तो कुछ दिन पहले प्रशासन ने वैक्सीन नहीं लगवाने वालों को राशन और बैंकिंग सुविधा का लाभ नहीं देने का फैसला लिया है। प्रशासन ऐेसे लोगों की तलाश में जुटा है जोकि वैक्सीनेशन के पक्ष में नहीं हैं या फिर जानबूझ कर वैक्सीन लगवाने में आनाकानी कर रहे हैं।

डीसी चरणदीप सिंह कह चुके हैं कि वैक्सीन से परहेज करने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें मिलने वाले सरकारी राशन और बैंकिंग सुविधा को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह वैक्सीन लगवाने में दुविधा या फिर मतभेद में न पड़ें। वहीं, कठुआ में अब कर्मचारियों को वेतन हासिल करने के लिए हर हाल में 30 जून से पहले वैक्सीनेशन करवाना अनिवार्य कर दिया गया है।

जिला विकास आयुक्त राहुल यादव ने इस संबंधी डीडीओ को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। आदेश के अनुसार, उन्हीं कर्मचारियों का वेतन जारी किया जाएगा जिनका टीकाकरण हो गया हो। डीडीओ को ट्रेजरी में वेतन के बिल प्रस्तुत करते हुए यह सर्टिफिकेट भी देना होगा कि वेतन उन्हीं लोगों का जारी किया जा रहा है जिनका वैक्सीनेशन हो गया है। ट्रेजरी को भी निर्देश दिए गए हैं कि सर्टिफिकेट लगे बिल ही मंजूर किए जाएं।

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जांच नाकों पर भी पूछताछ-टीका लगाया कि नहीं
कश्मीर संभाग के श्रीनगर जिले में जांच नाकों पर भी वैक्सीन को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के साथ तैनात स्वास्थ्य कर्मी चालकों को बाकायदा रोक कर वैक्सीन लगवाई या नहीं जैसे सवाल पूछ रहे हैं। ऐसे में जो चालक बिना वैक्सीन मिल रहे हैं, उन्हें टीका लगाया जा रहा है। ... और पढ़ें

'एलजी मुलाकात': महीने में एक बार डीडीसी-बीडीसी और पंचायत प्रतिनिधियों से बात करेंगे मनोज सिन्हा

सुशासन को जमीनी स्तर पर ले जाने और प्रदेश में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में वह महीने में एक बार डीडीसी, बीडीसी और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगे। जिससे निर्वाचित प्रतिनिधियों को लोगों की आकांक्षाओं को आवाज देने के लिए एक मंच तैयार होगा।

जम्मू-कश्मीर सरकार केंद्र शासित प्रदेश में पंचायती राज को और अधिक मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रशासन की कार्यप्रणाली पर पंचायती राज संस्थाओं से फीडबैक लेना, जमीनी स्तर पर कार्यों का निष्पादन, उनके संबंधित मुद्दों के बारे में जानकारी प्राप्त करना इस मासिक संवाद के कुछ प्रमुख पहलू हैं।

ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग हर महीने एक बार डीडीसी सहित पंचायती राज संस्थानों के सभी तीन स्तरों के साथ उप-राज्यपाल की बातचीत के लिए एक तंत्र तैयार करेगा। उप-राज्यपाल ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और उपायुक्तों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि हर सरकारी समारोह का अभिन्न हिस्सा हों। प्रोटोकॉल के अनुसार, विकास परियोजनाओं की योजना और कार्यान्वयन के हर चरण में शामिल हों।

उप-राज्यपाल ने कहा, 'एलजी मुलाकात' लोगों की विकासात्मक आकांक्षाओं और क्षेत्र-विशिष्ट जरूरतों को पूरा करने के लिए एक मजबूत तंत्र के लिए एक मंच बन जाएगा। जम्मू-कश्मीर सरकार सहभागी लोकतंत्र को मजबूत कर रही है। पंचायती राज संस्थानों को अधिक सशक्त बना रही है।

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जम्मू-कश्मीर: भाजपा ने बढ़ा दी गतिविधियां, कई जिलों का दौरा कर रहे हैं रवींद्र रैना

आतंक पर प्रहार: बारामुला में नार्को टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़, आतंकियों के 10 मददगार गिरफ्तार

कश्मीर के बारामुला में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। यहां नार्को टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ है। जिसमें आतंकियों के 10 मददगारों को गिरफ्तार किया गया है। जिनके पास से हेरोइन के 11 पैकेट, चार पिस्टल, कई मैग्जीन, बीस कारतूस और एक लाख रुपये की चेक बरामद हुुई है। हेरोइन की कीमत 21.5 लाख रुपये बताई जा रही है।  पुलिस ने एक ट्रक, एक कार और एक स्कूटी को सीज किया है।

बता दें कि पुलिस को आतंकियों के मददगारों के सक्रिय होने की सूचना मिली थी। जिसके आधार पर सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने अभियान शुरू किया। इस दौरान आतंकियों के नार्को टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ। इस ऑपरेशन को बारामुला पुलिस, सेना की 52-आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ की 53वीं बटालियन ने अंजाम दिया है।

एसएसपी बारामुला रईस मोहम्मद भट ने बताया कि विशिष्ट सूचना के आधार पर 10 लोगों को गिरफ्तार कर नार्को-आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया। जिनके पास से हेरोइन के 11 पैकेट के साथ ही हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है। मॉड्यूल के तार प्रदेश के कई इलाकों के साथ ही बाहरी राज्यों से भी जुड़े हुए हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में से कुछ पंजाब के रहने वाले हैं। 

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