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जम्मू-कश्मीर: अनुच्छेद-370 से मुक्ति के पूरे हुए दो साल, भाजपा मना रही जश्न, गुपकार गैंग अभी भी रो रहा समेत पढ़े प्रदेश की पांच खबरें

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 व 35ए हटने की दूसरी बरसी पर भाजपा पूरे प्रदेश में जश्न मना रही है। जम्मू में भाजपा मुख्यालय में उत्साह देखने को मिल रहा है। कश्मीर घाटी में भी भाजपा नेता जश्न मना रहे हैं। इन सबके बीच पीडीपी काला दिवस मना रही है। पीडीपी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह हमारे अपमान की बरसी है। इसी दिन जम्मू-कश्मीर के लोगों से केंद्र द्वारा किए गए गंभीर वादों को तोड़ा गया। यह वही दिन है जब संवैधानिक लोकतंत्र को नष्ट कर दिया गया था। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अनुच्छेद 370 की दूसरी वर्षगांठ के दिन श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पार्टी मुख्यालय से एक मार्च निकाला। पूरी खबर पढ़ने के  लिए यहां क्लिक करें.......

अनुच्छेद-370 हटाए जाने की गुरुवार को दूसरी बरसी मनाई जा रही है। भाजपा प्रदेश में कई कार्यक्रम कर रही है। वहीं गुपकार गठबंधन के दल इसका विरोध कर रहे हैं, खासकर पीडीपी तो इस दिन को काला दिवस के रूप में मना रही है। पीडीपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा दो साल पहले लिए गए निर्णय से भाजपा खुश है, जबकि कश्मीर शोक में डूबा है। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन भी किया। पूरी खबर पढ़ने के  लिए यहां क्लिक करें.......

श्रीनगर में जामिया मस्जिद के पास गुरुवार को एक धमाका हुआ है। इसमें किसी भी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। इस कायराना हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों की तलाश में अभियान शुरू किया गया है। सूत्रों का कहना है कि यह कम तीव्रता वाला आईईडी ब्लास्ट था। जिसके बाद आतंकियों द्वारा ग्रेनेड फेंके जाने और फायरिंग करने की भी सूचना है। हालांकि इस हमले को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.......

पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से लगभग हर दिन आतंकियों के लिए काल साबित हो रहा है। पिछले दो वर्षों में घाटी में 130 टॉप आतंकी कमांडरों समेत 459 दहशतगर्दों को मार गिराने में सुरक्षाबलों को सफलता प्राप्त हुई है। सुरक्षाबलों की सख्ती से 149 आतंकियों ने या तो सरेंडर किया है या वे जिंदा पकडे़ गए हैं।  पूरी खबर पढ़ने के  लिए यहां क्लिक करें.......

जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त होने तथा अनुच्छेद 370 खत्म होने के  दो साल के भीतर राज्य में कई बदलाव हुए। बंदिशें हटीं और सभी के लिए जम्मू-कश्मीर के द्वार खोल दिए गए। अब कोई भी यहां उद्योग धंधा लगा सकेगा। कश्मीर का वर्चस्व समाप्त करने के लिए लंबे समय से उठ रही मांग को अमली जामा पहनाते हुए दरबार मूव की व्यवस्था समाप्त कर दी गई। इतना ही नहीं अब बाहरी राज्यों में शादी करने वाली बेटियों और राज्य में शादी करने वाले दामाद को भी डोमिसाइल का हकदार बनाया गया। उन्हें भी यहां अन्य नागरिकों की तरह नौकरी व जमीन में बराबर का मालिकाना हक होगा। पूरी खबर पढ़ने के  लिए यहां क्लिक करें.......

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जम्मू-कश्मीर में कोरोना: 1.4 आरनाट ने बढ़ाई चिंता, नए वेरियंट मचा सकते हैं तबाही

जम्मू-कश्मीर में धीरे-धीरे कोरोना के बढ़ते संक्रमण प्रसार के बीच प्रदेश में 1.4 रिपोर्ट ने और चिंता बढ़ा दी है। इस जांच में आकलन किया गया है कि जम्मू-कश्मीर में संक्रमित हुए 100 लोग आगे 140 लोगों को संक्रमित करने का काम कर रहे हैं। इस संक्रमण के फैलाव में डेल्टा प्लस सहित अन्य वेरियंट बड़ी तबाही मचा सकते हैं। बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर एसओपी की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मास्क से लगभग लोगों ने परहेज कर लिया है। सामाजिक दूरी का कोई पता नहीं है। इससे संक्रमण को बढ़ने में मदद मिलेगी। कोविड विशेषज्ञों के अनुसान आगामी हफ्तों में कोविड संक्रमित मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। इस बीच बुधवार को प्रदेश में 149 संक्रमित मिले। पिछले चौबीस घंटे में एक मरीज की मौत हुई है। जीएमसी के माइक्रोबायोलाजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संदीप डोगरा ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर में उन लोगों को अधिक खतरा है जिन्होंने अभी तक कोविड वैक्सीन की कोई डोज नहीं ली है या एक डोज ही ली है। ऐसे लोगों को संक्रमण अधिक प्रभावित करेगा। दोनों डोज लेने वालों को भी एसओपी का पालन करना होगा।

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जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर में जामिया मस्जिद के पास धमाका, आतंकियों की तलाश में अभियान जारी

श्रीनगर में जामिया मस्जिद के पास गुरुवार को एक धमाका हुआ है। इसमें किसी भी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। इस कायराना हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों की तलाश में अभियान शुरू किया गया है। सूत्रों का कहना है कि यह कम तीव्रता वाला आईईडी ब्लास्ट था। जिसके बाद आतंकियों द्वारा ग्रेनेड फेंके जाने और फायरिंग करने की भी सूचना है। हालांकि इस हमले को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इस घटना के कुछ घंटे पहले कश्मीर घाटी में आतंकियों ने सोपोर की मुख्य चौक पर कई राउंड फारयिंग की। इसके बाद आतंकी फरार हो गए। आतंकियों की तलाश में इलाके की घेराबंदी कर अभियान चलाया जा रहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आतंकियों ने पुलिस पर दूर से फायरिंग कर दी। इस घटना में किसी के हताहत या घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मुख्य चौक सोपोर में फायरिंग की खबर पूरी तरह से निराधार है, क्योंकि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। आम जनता से अनुरोध है कि पुलिस का सहयोग करें।

दो वर्षों में घाटी में 130 टॉप आतंकी कमांडरों समेत 459 दहशतगर्द मारे गए
पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से लगभग हर दिन आतंकियों के लिए काल साबित हो रहा है। पिछले दो वर्षों में घाटी में 130 टॉप आतंकी कमांडरों समेत 459 दहशतगर्दों को मार गिराने में सुरक्षाबलों को सफलता प्राप्त हुई है। सुरक्षाबलों की सख्ती से 149 आतंकियों ने या तो सरेंडर किया है या वे जिंदा पकडे़ गए हैं। 

दो साल में स्थानीय आतंकियों की भर्ती में भी बहुत कमी देखने को मिली है। पहले आतंकियों के जनाजों से 5 से 10 स्थानीय लड़के आतंकवाद में शामिल होने के लिए निकलते थे। 370 से आजादी के बाद 300 स्थानीय युवाओं ने आतंकवाद का रास्ता अपनाया है।  कश्मीर से सटी एलओसी से 2019 और 2020 में 166 घुसपैठ के प्रयास हुए हैं जिनमें से 19 को नाकाम बनाया गया। 2021 में घुसपैठ की दो कोशिशों को नाकाम बनाया गया। पांच अगस्त 2020 को एक साल पूरा होने तक विभिन्न तंजीमों के सरगनाओं समेत 180 से ज्यादा आतंकी ढेर किए गए थे। घाटी में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की कमर लगभग टूट गई।

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तस्वीरें: अनुच्छेद-370 से मुक्ति के दो साल, भाजपा जश्न तो पीडीपी मना रही अपमान की बरसी
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तस्वीरें: अनुच्छेद-370 से मुक्ति के दो साल, भाजपा जश्न तो पीडीपी मना रही अपमान की बरसी

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 व 35ए हटने की दूसरी बरसी पर भाजपा पूरे प्रदेश में जश्न मना रही है। जम्मू में भाजपा मुख्यालय में उत्साह देखने को मिल रहा है। कश्मीर घाटी में भी भाजपा नेता जश्न मना रहे हैं। इन सबके बीच पीडीपी काला दिवस मना रही है। पीडीपी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह हमारे अपमान की बरसी है। इसी दिन जम्मू-कश्मीर के लोगों से केंद्र द्वारा किए गए गंभीर वादों को तोड़ा गया। यह वही दिन है जब संवैधानिक लोकतंत्र को नष्ट कर दिया गया था। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अनुच्छेद 370 की दूसरी वर्षगांठ के दिन श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पार्टी मुख्यालय से एक मार्च निकाला।
 
भाजपा की तरफ से हर मंडल मुख्यालय पर तिरंगा झंडा फहराया गया। भाजपा इस दिन को एकात्मता दिवस के रूप में मना रही है। भारतीय जनता युवा मोर्चा की तरफ से तिरंगा मैराथन का आयोजन भी किया गया है। अनंतनाग जिले में भाजपा नेता रुमेसा रफीक ने कई समर्थकों के साथ खानाबल चौक पर तिरंगा फहराया। प्रदेश के लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है।

 
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अनुच्छेद-370 से मुक्ति के दो साल: नई व्यवस्था के साथ कई बंदिशें हटीं, सबके लिए खुले जम्मू-कश्मीर के द्वार

अनुच्छेद-370 हटाए जाने की दूसरी बरसी पर भाजपा मना रही जश्न
जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त होने तथा अनुच्छेद 370 खत्म होने के  दो साल के भीतर राज्य में कई बदलाव हुए। बंदिशें हटीं और सभी के लिए जम्मू-कश्मीर के द्वार खोल दिए गए। अब कोई भी यहां उद्योग धंधा लगा सकेगा। कश्मीर का वर्चस्व समाप्त करने के लिए लंबे समय से उठ रही मांग को अमली जामा पहनाते हुए दरबार मूव की व्यवस्था समाप्त कर दी गई। इतना ही नहीं अब बाहरी राज्यों में शादी करने वाली बेटियों और राज्य में शादी करने वाले दामाद को भी डोमिसाइल का हकदार बनाया गया। उन्हें भी यहां अन्य नागरिकों की तरह नौकरी व जमीन में बराबर का मालिकाना हक होगा।

दरअसल राज्य पुनर्गठन अधिनियम के 31 अक्तूबर 2019 से लागू होने के बाद धीरे-धीरे केंद्र सरकार ने बदलावों का दौर शुरू कर   दिया। सबसे पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार किया। भ्रष्टाचार तथा भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसनी शुरू हुई। जेके बैंक के पूर्व अध्यक्ष नेंगरू समेत कई बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे डाल दिया गया। साथ ही साथ आम लोगों को राहत पहुंचाने के फैसले भी लिए जाने लगे। सात सौ से ज्यादा केंद्रीय कानून यहां लागू कर दिए गए। स्थानीय लोगों के रोजगार तथा जमीन के मालिकाना हक को बरकरार रखने के लिए डोमिसाइल व्यवस्था को लागू कर उनकी शंकाओं का समाधान किया गया। हालांकि, डोमिसाइल नियम के चलते यहां की बेटियों को परेशानी भी झेलनी पड़ रही थी, जिसका समाधान करते हुए बाहरी राज्यों में शादी करने वाली बेटियों तथा दामाद को भी हक मुहैया कराया गया।
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अनुच्छेद-370 से मुक्ति के दो साल: 130 आतंकी कमांडरों समेत 459 दहशतगर्दों का सफाया, युवाओं ने आतंकवाद से की तौबा

पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से लगभग हर दिन आतंकियों के लिए काल साबित हो रहा है। पिछले दो वर्षों में घाटी में 130 टॉप आतंकी कमांडरों समेत 459 दहशतगर्दों को मार गिराने में सुरक्षाबलों को सफलता प्राप्त हुई है। सुरक्षाबलों की सख्ती से 149 आतंकियों ने या तो सरेंडर किया है या वे जिंदा पकडे़ गए हैं। 

दो साल में स्थानीय आतंकियों की भर्ती में भी बहुत कमी देखने को मिली है। पहले आतंकियों के जनाजों से 5 से 10 स्थानीय लड़के आतंकवाद में शामिल होने के लिए निकलते थे। 370 से आजादी के बाद 300 स्थानीय युवाओं ने आतंकवाद का रास्ता अपनाया है।  कश्मीर से सटी एलओसी से 2019 और 2020 में 166 घुसपैठ के प्रयास हुए हैं जिनमें से 19 को नाकाम बनाया गया। 2021 में घुसपैठ की दो कोशिशों को नाकाम बनाया गया। पांच अगस्त 2020 को एक साल पूरा होने तक विभिन्न तंजीमों के सरगनाओं समेत 180 से ज्यादा आतंकी ढेर किए गए थे। घाटी में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की कमर लगभग टूट गई।
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श्रीनगर: फारूक अब्दुल्ला के आवास पर पीएजीडी की बैठक, महबूबा मुफ्ती समेत ये नेता मौजूद

अनुच्छेद-370 से मुक्ति के दो साल: डेढ़ साल में ही घुटनों पर आ गया पाकिस्तान, छह महीने से गोलाबारी नहीं

अनुच्छेद-370 हटने के बाद पाकिस्तान इतना बौखला गया कि सरहद पर हर रोज सीजफायर तोड़ने लगा। हिमाकत इतनी हो गई कि दिन में आठ से दस बार भी गोलाबार की गई। हालांकि पाकिस्तान की यह हिमाकत डेढ़ साल में ही हांफ गई। भारतीय सेना ने उसको ऐसा जवाब दिया कि हाय तौबा करके सीजफायर पर पूर्ण अमल करना शुरू कर दिया। यह नतीजा है कि पिछले छह महीने में सरहद पर एक दो बार ही सीजफायर तोड़ा गया।

2018 में पाकिस्तान ने सीमा पर 1800 बार गोलाबारी की। अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा तो पाकिस्तान ने सीजफायर को बड़े स्तर पर तोड़ा। 2019 में सरहद पर 3200 बार गोलाबारी की गई। इसमें से अगस्त 2019 से लेकर 31 दिसंबर 2019 तक ही 1400 बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया। यही नहीं अगले साल 2020 में पाकिस्तान ने सारी हदें तोड़ दीं, 5100 साल बार गोलाबारी की गई।

फरवरी 2021 तक पहले दो महीने में पाकिस्तान ने फिर से 1000 बार सीजफायर तोड़ा। लेकिन फरवरी 2021 के बाद से पाकिस्तान खामोश है। वह अब सीजफायर तोड़ने की हिम्मत नहीं कर रहा है। आमने-सामने की लड़ाई में हारा पाकिस्तान अब ड्रोन का सहारा ले रहा है। फरवरी 2021 के बाद पाकिस्तान ने सीजफायर नहीं तोड़ा, लेकिन इसकी आड़ में वह ड्रोन वार चला रहा है। पिछले छह महीने में सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और ड्रग्स भेजे जाने की 40 घटनाएं हुई हैं। इनमें से सुरक्षाबलों ने 35 को विफल किया। हालांकि इस बीच ड्रोन के जरिए जम्मू के एयरफोर्स स्टेशन पर हमलाा हुआ है।

सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान को भारतीय सेना से कड़ा सबक मिला है। उसको सीजफायर तोड़ने पर काफी बड़ा नुकसान है। पाकिस्तान की चौकियां तबाह हुईं। भारी संख्या में उनके जवान मारे गए। यही कारण है कि पाकिस्तान के सामने अब कोई दूसरा चारा नहीं रहा। 
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