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साप्ताहिक राशिफल 16 से 22 मई : धनु राशि समेत इन तीन राशियों के लिए बहुत ख़ास होगा ये सप्ताह, जानें भाग्यफल
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साप्ताहिक राशिफल 16 से 22 मई : धनु राशि समेत इन तीन राशियों के लिए बहुत ख़ास होगा ये सप्ताह, जानें भाग्यफल

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जम्मू-कश्मीर: आसमान छूने लगे अब फलों के दाम, जानिए 15 दिन में हुई कितनी बढ़ोतरी

कोरोना महामारी बढ़ने के साथ महंगाई भी बढ़ती जा रही है, फलों के दाम आसमान छू रहे हैं। लॉकडाउन के बीच आम लोगों को दिहाड़ी भी नहीं मिल पा रही, इससे उन्हें घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है तो, फल कहां से खरीदेंगे। यूनिवर्सिटी रोड के पास रेहड़ी पर फल खरीदने पहुंचे शहरवासी मोहित, रविंद्र और संजीत सिंह ने बताया कि डॉक्टर फल खाने की सलाह दे रहे हैं। लेकिन दाम इतने बढ़ गए हैं कि आम नागरिक के लिए फल खरीदना मुश्किल हो गया है। जम्मू शहर में किराये के घर में रह रहे किश्तवाड़ निवासी ब्रिज मोहन और उनकी पत्नी शांति का कहना है कि फलों के दाम जरूर बढ़े हैं, लेकिन दुकानदार भी अपनी मर्जी से ही सामान की कीमत लगा रहे हैं। तालाब तिल्लो निवासी जोगिंद्र पाल ने बताया कि फल विक्रेता सिर्फ अपना ही पेट भर रहे हैं, उन्हें आम लोगों की कोई परवाह नहीं। 20 रुपये की चीज पचास में बेच रहे हैं। ... और पढ़ें
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जम्मू-कश्मीर: दस फीसदी उद्योगों पर ताला, उत्पादन में भी भारी गिरावट

कोरोना महामारी की पाबंदियों का असर औद्योगिक गतिविधियों पर भी पड़ने लगा है। हालांकि पहली लहर के मुकाबले कोरोना की दूसरी लहर में उद्योग-धंधे ज्यादा तैयारी के साथ हालात का सामना कर रहे हैं। इसके बावजूद हार्डवेयर जैसी कम महत्व की वस्तुओं से जुड़े उद्योगों पर ताले लग गए हैं। प्रदेश के बड़े औद्योगिक क्षेत्र बाड़ी ब्राह्मणा में 400 इकाइयों में से दस फीसदी उद्योग बंद हो गए हैं।

महामारी की रोकथाम के लिए लगाई गई पाबंदियों के बीच श्रमिकों को घर वापसी से रोकने के लिए डोर टू डोर बस सेवा दी जा रही है। सरकार की ओर से निर्धारित दर से ज्यादा दिहाड़ी समेत कुछ अन्य प्रावधान कर औद्योगिक इकाई प्रबंधन जैसे तैसे श्रमिकाें से काम ले रहे हैं।

सामान्य तौर पर कुशल प्रवासी श्रमिकों पर ज्यादा निर्भरता रहती थी, लेकिन श्रमिकाें की कमी के बीच स्थानीय श्रमिकों से काम लिया जा रहा है। उद्योगपतियों का कहना है कि कोरोना की पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर में कारखाना प्रबंधक, श्रमिक और प्रशासन समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं। इसी के चलते पाबंदियाें में भी उद्योग-धंधों काम जारी रखना संभव हो पा रहा है।  

प्रशासन और सरकार से औद्योगिक क्षेत्र को सहयोग मिल रहा है। इस बार श्रमिकों की ज्यादा कमी नहीं आने दी जा रही है। कम मांग वाले उत्पादाें के यूनिट बंद हो गए हैं। बाड़ी ब्राह्मणा में ऐसे 10 फीसदी यूनिट हैं। सरकार को विशेष प्रावधान कर उद्योगों की मदद करनी चाहिए। वर्तमान में कारखानाें में 25 फीसदी पूंजी प्रबंधन लगाता है और 75 फीसदी बैंक ऋण देता है। बैंक ऋण को बढ़ाकर 85 फीसदी किया जाना चाहिए। अभी तक के हालात जैसे तैसे चल रहे हैं। पाबंदियां बढ़ने पर नुकसान बढ़ना लाजमी है। - ललित महाजन, प्रधान, बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

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जम्मू-कश्मीर: पंजाब से लाकर कठुआ में दोगुने दाम पर बेची जा रही शराब, जानिए आबकारी विभाग ने क्या कहा

लॉकडाउन के बीच पाबंदियों को धता बताते हुए जम्मू संभाग में कठुआ शहर के कई लोग इन दिनों शराब के अवैध कारोबार में जुटे हुए हैं। पंजाब के खरकड़ा रूट से पैदल ऐसे लोग शराब ढो रहे हैं। फिर लोगों को दोगुने दामों पर बेच रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि आबकारी विभाग की कार्रवाई अब भी देसी शराब और लाहन नष्ट करने तक ही सीमित है।  

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले, पंजाब की सरहद और ग्रामीण इलाकों से कई खुले रूट का इन दिनों फायदा उठाया जा रहा है। शराब के अवैध कारोबार में शामिल लोग पुलिस नाकों से बचने के लिए अब खेतों और खड्डों के रास्ते आवागमन कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार बाकायदा इसके लिए कठुआ के कुछ युवाओं को शामिल किया गया है, जो शराब को खरकड़ा से कठुआ तक ला रहे हैं। इसके बाद मोटी कमाई की जा रही है। 

बीते साल लॉकडाउन में इस तरह के अवैध कारोबार में शामिल रहे लोग फिर से मोटी कमाई करने में जुट गए हैं। वहीं शहर के सफेदपोश लोग पर्दे के पीछे से इस खेल को अंजाम दे रहे हैं। पंजाब से सटे कठुआ के रूट पर ग्रामीण इलाकों तक जाने के लिए कठुआ के लोगों से पुलिस रोकटोक अधिक नहीं कर रही है। इसी का फायदा यह लोग उठा रहे हैं। यदि कोई अधिकारी नाके पर सख्ती करता है, तो शराब तस्कर खेतों के रास्ते खेप लेकर कठुआ पहुंच जाते हैं।

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पबजी का नशा: बेटे की इस करतूत ने तबाह कर दिया परिवार, सच सामने आया तो सब सन्न रह गए

जम्मू संभाग में उधमपुर के रैंबल निवासी एक युवक ने पबजी के शौक को पूरा करने के लिए पूरे परिवार को तबाह कर दिया। बेटे की करतूत पता होने पर परिजनों के होश उड़ गए। पिता ने घर बनवाने के लिए एक-एक रुपया जोड़कर रकम जमा की थी। जिसे बेटे ने गंवा दी। बेटे की इस हरकत से परिवार सदमें में है, वहीं उसके पिता ने सभी अभिभावकों से एक अपील की है।

जानकारी के अनुसार तीन दिन पहले पिता ने बेटे के बैंक अकाउंट में दो लाख रुपये जमा करवाए थे, ताकि घर के निर्माण कार्य में मदद हो सके। लेकिन बेटे ने पबजी गेम में दो लाख रुपये उड़ा दिए।

इसकी जानकारी पिता को तब मिली जब उन्होंने बेटे को बैंक से दो लाख रुपये निकालने को भेजा, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा। इससे सभी परेशान हो गए। हर जगह तलाश करने के बाद परेशान पिता ने रैंबल पुलिस चौकी में बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।
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जम्मू-कश्मीर: कोरोना से मौतों के आंकड़े छिपा रही सरकार- डॉक्टर्स एसोसिएशन

पबजी
डॉक्टर्स एसोसिएशन कश्मीर (डीएके) ने कहा कि कोरोना मौतों के आधिकारिक आंकड़े नहीं दिए जा रहे हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. निसार उल हसन ने जारी बयान में कहा कि कोविड से मरने वालों की वास्तविक संख्या रिपोर्ट की तुलना में अधिक है।

हसन ने कहा कि केवल वही मौतें आधिकारिक गिनती में आती हैं, जिनकी पुष्टि आरटीपीसीआर परीक्षण के माध्यम से कोरोना के रूप में की गई है। हसन ने कहा कि बुजुर्गों में अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु की दर सबसे अधिक है। हालांकि, कई का अस्पतालों में कोविड परीक्षण नहीं किया जाता है।

वहीं डॉ. निसार ने कहा कि कुछ लोग डर के कारण लक्षण होते हुए भी टेस्ट नहीं करवाते। लोगों को डर है कि अगर कोरोना से उनकी मौत होती है तो उन्हें उचित अंत्येष्टि नहीं मिलेगी।

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कैसे हारेगा कोरोना:  बाजार में इन दवाइयों का टोटा, लिम्सी के बदले दी जा रही जिम्सी

जम्मू शहर सहित सभाग में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से मरीजों के साथ-साथ परिजनों को परेशानी हो रही है। मेडिकल स्टोर पर आक्सीफ्लो मीटर, विटामिन डी और सी की टेबलेट की कमी है। वहीं ऑक्सीमीटर 14 से 17 सौ के बीच में मिल रहा है। 

होम आइसोलेट कोरोना मरीज, जिन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत है उनके लिए वर्तमान में ऑक्सीफ्लो मीटर पाना किसी चुनौती से कम नहीं है। हालांकि, सरकार द्वारा कोरोना किट मुहैया करवाने के बाद ऑक्सीमीटर की उपलब्धता मांग के अनुरूप ही चल रही है।

शहर के विभिन्न मेडिकल स्टोर पर अलग-अलग दाम पर ऑक्सीमीटर मिल रहे हैं। 14 से 16 सौ रुपये के बीच ऑक्सीमीटर खरीदे जा रहे हैं। पल्स ऑक्सीमीटर खरीदने वाले विक्की कुमार ने कहा कि हर दुकान पर अलग-अलग दाम है।

उन्होंने कहा कि अभी तो शुक्र है मिल रहा है, दस दिन पहले तो दुकानों पर मिल ही नहीं रहे थे। वहीं एक अन्य मरीज के परिजन ने कहा कि डॉक्टर विटामिन सी और डी टेबलेट का सुझाव देते हैं। बाजार में विटामिन सी की टेबलेट लिम्सी काफी अच्छी और सस्ती मानी जाती है। इस टेबलेट का एक पत्ता 23 रुपये में मिलता है, लेकिन बाजार में इसकी उपलब्धता नहीं होने से दुकानदार जिम्सी दे रहे हैं, जिसके एक पत्ते की कीमत 45 से 54 रुपये में मिल रही है।

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जम्मू-कश्मीर में कोरोना: घर से बेवजह निकल रहे हैं तो हो जाएं सावधान, जा सकते हैं पुलिस थाने

कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए कोरोना कर्फ्यू शनिवार को भी सख्ती से लागू रहा। बिना कारण लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया गया। बेवजह सड़कों पर घूम रहे 30 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने थाने में ले जाकर चेतावनी देकर छोड़ा। पूरे शहर में मोबाइल वैनों के माध्यम से पुलिस गश्त करती रही।

साथ ही लाउडस्पीकर से लोगों को घरों से बाहर न निकलने की हिदायत भी दी है। शनिवार को वेयर हाउस के आसपास किराना आदि की दुकानें भी बंद रखी गईं। मुख्य चौक-चौराहों से रौनक गायब रही, कंटीले तार लगाकर मुख्य सड़कों को सील कर रखा है। शहर के व्यस्ततम पनामा चौक, गांधीनगर, गोल मार्केट, महेशपुरा चौक, ज्यूल चौक, डोगरा चौक, बिक्रम चौक में दोपहर को वीरानी छाई रही।

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उधर, काम न मिलने से दिहाड़ीदारों की मुश्किल दिन-ब दिन बढ़ती जा रही है। आटो चालकों को भी सवारियां नहीं मिल पा रही हैं। वे भी शाम को मायूस होकर लौट रहे हैं। ऑटो चालक सोनू, संदीप, मनोज ने बताया कि सड़कें खाली हैं। ऐसे में सवारियां नहीं मिल रहीं। ऑटो की किश्तें निकालना मुश्किल हो गया है। फेरी वालों का काम भी चौपट हो गया है। लाकडाउन बढ़ने से गरीब लोगों को अब रोजी-रोटी की समस्या बन गई है।

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