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जम्मू-कश्मीर: लखनपुर पुलिस ने चार रोहिंग्याओं को गिरफ्तार किया, होल्डिंग सेंटर में भेजा जाएगा

जम्मू कश्मीर में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे एक अफगान नागरिक के बाद लखनपुर पुलिस ने चार रोहिंग्याओं को गिरफ्तार किया है। गुरुवार सुबह गिरफ्तार किए गए इन चार लोगों में दो महिला और दो पुरुष शामिल हैं। 

एसएसपी रोमेश चंद्र कोतवाल के अनुसार पकड़े गए सभी रोहिंग्याओं को फिलहाल पुलिस ने अपने पास रखा है, जिन्हें शुक्रवार को होल्डिंग सेंटर में भेजा जाएगा। जम्मू कश्मीर में आ रहे सभी रोहिंग्याओं को पुलिस ने शक के आधार पर पकड़ा है। दिन भर कड़ी पूछताछ और जांच के बाद उनकी पुष्टि होने के बाद अब उन्हें होल्डिंग सेंटर में भेजने की व्यवस्था की जा रही है। 
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बता दें कि आफगान नागरिक के लखनपुर में पकड़ जाने के बाद अब चार रोहिंग्याओं के पकड़े जाने के कारण दिन भर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। हर कोई इसे अफगानिस्तान की ताजा घटना के साथ जोड़ने के कयास लगाता नजर आया। लेकिन, देर शाम पुलिस ने उनके रोहिंग्या होने की पुष्टि कर दी है।.
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जम्मू-कश्मीर : ससुराल आए जीजा और उसके भाई की साले ने गोली मारकर की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

पति-पत्नी के बीच चल रही अनबन ने मंगलवार को दो भाइयों की जान ले ली। पत्नी से तलाक के कागजों पर हस्ताक्षर कराने ससुराल आए जीजा और उसके भाई की साले ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात शहर के चौआदी इलाके की मंगलवार शाम पौने चार बजे की है। मरने वाले कठुआ के बेलढारा के रहने वाले थे, जो चौआदी स्थित अपनी ससुराल आए थे।

पुलिस ने हत्या करने वाले आरोपी युवक अरुण कुमार को बाड़ी ब्राह्म्णा स्थित उसके दोस्त के घर से गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से हत्या में प्रयोग की गई लाइसेंसी 12 बोर की बंदूक और एक रिवाल्वर भी जब्त की गई है। दोनों भाइयों  के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसी भेजा गया है। ।

जानकारी के अनुसार, कठुआ के रहने वाले अमित की शादी चौआदी में शीतल नाम की लड़की के साथ आठ साल पहले हुई थी। पिछले कुछ समय से अमित और शीतल के बीच घरेलू विवाद चल रहा था। दो महीने से शीतल अपने मायके में इकलौती बेटी के साथ रह रही थी। मंगलवार को अमित अपने भाई रोहित के साथ तलाक के कागज लेकर ससुराल पहुंचा। अमित ने अपने भाई रोहित को तलाक के कागजों पर दस्तखत कराने के लिए घर के अंदर भेजा और खुद बाहर अपनी वैगनार कार में बैठा रहा। रोहित करीब एक घंटे तक अमित के ससुरालियों से बात करता रहा, लेकिन बात नहीं बनी। 

इसी बीच अमित का साला अरुण खुल्लर उर्फ वीरा कार से घर पहुंचॉ, उसे जीजा के आने का कारण पता चल चुका था। उसने बाहर कार में जीजा को बैठा देख आपा खो दिया और अपनी गाड़ी से बंदूक और रिवाल्वर निकालकर जीजा अमित को गोली मारी। गोली की आवाज सुनकर घर के अंदर से भागता हुआ रोहित बाहर आया तो अरुण ने उसे भी गोली मार दी। बताते हैं कि पहले दोनों पर रिवाल्वर से गोली चलाई गई और बाद में दोनों पर 12 बोर की गन से भी फायरिंग की गई जिससे दोनों की मौत हो गई। शहर के छन्नी पुलिस स्टेशन में इसे लेकर केस दर्ज कर लिया गया है। दोनों हथियारों के लाइसेंस अरुण के नाम पर हैं।

एफएसएल ने जुटाए सबूत, मौके से गोलियों के खोखे बरामद
घटना की जानकारी मिलते ही एसपी साउथ दीपक ढींगरा, थाना प्रभारी करण चलोत्रा  टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। एफएसएल की टीम ने जांच के जरूरी सबूत जुटाए गए हैं। पुलिस ने मौके से रिवाल्वर के दो कारतूस और खोखे भी बरामद किए हैं। फिलहाल आरोपी अरुण कुमार के खिलाफ आर्म्स एक्ट, और  हत्या का केस दर्ज कर मामले में जांच शुरू कर दी गई है।
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घोटाला: 66 लाख रुपये के गबन में दो पूर्व निदेशक समेत पांच के खिलाफ चालान पेश

जम्मू-कश्मीर में राशन वितरण के नाम सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाने के मामले में एसीबी ने चालान पेश कर दिया। उपभोक्ता मामले एवं जन वितरण विभाग के अफसरों पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने 2012 में केस दर्ज किया था। आरोप है कि अफसरों ने 17 डीलरों को अतिरिक्त राशन की सप्लाई की ढुलाई में 66 लाख रुपये का गबन किया। हकीकत में अतिरिक्त राशन की सप्लाई हुई ही नहीं, लेकिन सप्लाई की ढुलाई में पैसे निकाल लिए गए। 

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यह मामला रियासी जिले का है। उस समय रहे चसाना सुंगरी के टीएसओ घार सिंह, चसाना के स्टोरकीपर गुलाम मोहिउदीन, सुंगरी के स्टोरकीपर अब्दुल हमीद, रियासी के उस समय रहे सहायक निदेशक अब्दुल क्यूम और उस समय रहे सहायक निदेशक रमेश चंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। एसीबी ने केस दर्ज कर मामले की जांच की।
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जम्मू-कश्मीर: पुलवामा में आतंकी के भाई का अपहरण, दहशतगर्दों की तलाश में पुलिस ने शुरू किया अभियान

कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों ने शनिवार को एक आतंकी के भाई का अपहरण किया है। जिसकी पहचान शकील अहमद शोफी के रूप में हुई है। शकील शोफी के भाई(आतंकी) शमीम शोफी को हाल ही में पुलिस ने पकड़ा था। शमीम लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी है।
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सूत्रों ने बताया कि जिले के निकलूरा इलाके में पिस्टल धारी आतंकी शकील के घर में घुसे और उसे अपने साथ ले गए। पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि मामला संज्ञान में आते ही अपहरण करने वाले आतंकियों की तलाश में अभियान शुरू किया गया है।


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आतंकवाद आतंकवाद

तीन हमलों से दहली घाटी: लाल चौक में कश्मीरी पंडित की निर्मम हत्या, लाल बाजार और बांदीपोरा में भी बहा खून

कश्मीर में आतंकियों ने मंगलवार को तीन अलग-अलग स्थानों पर तीन व्यक्तियों को मौत के घाट उतार दिया। श्रीनगर में लाल चौक पर आतंकियों ने मंगलवार शाम को हमला किया। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। आतंकी हमले में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान कश्मीरी पंडित माखन लाल बिंदरू के रूप में हुई है। वहीं, आतंकियों ने लाल बाजार इलाके में एक गैर स्थानीय व्यक्ति को भी गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद तीसरा हमला बांदीपोरा के हाजिन में किया। जिसमें एक व्यक्ति की हत्या कर दी। उक्त तीनों इलाकों में हमलावरों की तलाश में अभियान चलाए जा रहे हैं।

बता दें कि आतंकवादियों ने इकबाल पार्क के पास बिंदरू मेडिकेट के मालिक माखन लाल बिंदरू पर गोलियां चलाईं। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और आतंकवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी जारी है। इससे पहले 17 सितंबर को आतंकियों ने पुलिस में बतौर फॉलोवर काम कर रहे बंटू शर्मा को नजदीक से गोली मारकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। यह परिवार पिछले 30 वर्षों से अधिक समय से कश्मीर में रह रहा है। 

उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने हमले की निंदा की
उप-राज्यपाल ने कहा कि बिंदरू मेडिकेट के मालिक माखन लाल बिंदरू पर हुए आतंकी हमले के बारे में सुनकर दुख हुआ। मैं इस कायराना हमले की कड़ी निंदा करता हूं। शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। दोषियों को जल्द ही न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि बहुत दुखद खबर, बिंदरू बहुत दयालु आदमी थे। आतंकवाद के चरम के दौरान भी उन्होंने घाटी नहीं छोड़ी। मैं इस हत्या की  निंदा करता हूं और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। वहीं महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मैं हत्या की निंदा करती हूं। हिंसा की ऐसी हरकतों का समाज में कोई स्थान नहीं है।
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जम्मू-कश्मीर: गनी और दुल्ला के बाद एक और पूर्व आतंकी पकड़ा गया, 20 साल से था फरार

जम्मू संभाग के किश्तवाड़ में पुलिस ने रविवार को जैश-ए-मोहम्मद के एक पूर्व आतंकी को गिरफ्तार किया। वह पिछले 20 साल से फरार था। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नौगाम गांव निवासी बशीर अहमद उर्फ जफर खान साल 2001 के अपहरण और हत्या के एक मामले में वांछित था। अहमद 15 सितंबर के बाद से जिले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया चौथा फरार पूर्व आतंकी है।

बता दें कि पुलिस को सूचना मिली थी कि बशीर अहमद मारवाह इलाके में मौजूदगी की सूचना मिली थी। जिसके आधार पर पुलिस की एक टीम ने इलाक में संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की और बशीर को गिरफ्तार करने में सफलता पाई। स्थानीय अदालत ने बशीर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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इससे पहले 12 साल से फरार नजीर अहमद को 15 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। दो दिन बाद पुलिस ने 19 साल से फरार अब्दुल गनी को गिरफ्तार किया था। शनिवार को दुल्ला उर्फ जमील को 20 साल की लंबी तलाश के बाद गिरफ्तार किया गया था।
 
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आतंक पर प्रहार: बांदीपोरा में आतंकी भर्ती मॉड्यूल का भंडाफोड़, महिला समेत चार गिरफ्तार

बरामद ग्रेनेड और कारतूस
उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के हाजिन में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए सुरक्षाबलों ने एक महिला समेत चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। ये सभी सीमा पार के निर्देश पर संगठन में युवाओं की भर्ती करते थे। साथ ही सरकारी भवनों पर पेट्रोल बम से हमले में भी शामिल थे। पकड़े गए मॉड्यूल से पेट्रोल बम बनाने की सामग्री बरामद की गई है। इस दौरान आतंकी बनने जा रहे दो युवक भी हिरासत में लिए गए। सभी से पूछताछ जारी है। इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं। 
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पुलिस ने बताया कि सूचना के आधार पर हाजिन से असदुल्लाह पररे को गिरफ्तार किया गया जो लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी भर्ती मॉड्यूल का सरगना है। यह सीमा पार के आतंकी हैंडलर के करीबी संपर्क में रहता था। हैंडलर के इशारे पर वह युवाओं की संगठन में भर्ती करने के साथ ही उनके लिए हथियार तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराता था। इससे पहले वह जमात-ए-इस्लामी से जुड़ा था। जमात से पहले वह मसरत आलम के मुस्लिम लीग से भी जुड़ा हुआ था। उस पर दर्जनभर पीएसए तथा मुकदमे दर्ज हैं। वह लंबे समय तक जेल में भी रहा है। 
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पुलिस के अनुसार असदुल्लाह अपने भतीजे नसीर अहमद पररे (हाजिन), हसीना (शीरी), खुर्शीद (नादखाई) व अन्य के सहयोग से मॉड्यूल संचालित कर रहा था। यह ग्रुप लगातार सीमापार के हैंडलर के संपर्क में रहते हुए रोजाना की गतिविधियों के लिए निर्देश प्राप्त करता था। संगठन में युवाओं की भर्ती करने के साथ ही यह ग्रुप युवाओं को सरकारी भवनों व सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों पर पेट्रोल बम हमले के लिए उकसाता था। साथ ही साफ्ट टारगेट की रेकी भी कराता था। पकड़े गए गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में पता चला कि रफीक (नादखाई) व हिलाल अहमद शाह (शाह मोहल्ला हाजिन) आतंकी संगठन में शामिल होने वाले हैं। इस आधार पर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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सूने घर में सेंध:  ताले तोड़ सामान ही नहीं पत्थर भी चोरी कर ले गए शातिर, घर की मालकिन ने कही ये बात

जम्मू संभाग में डोडा जिले के ठाठरी पुलिस थाने के अंतर्गत गांव बोलियां चिराला में शनिवार रात एक सूने घर में सेंधमारी कर चोरों ने सामान के साथ पत्थर भी पार कर दिए। शातिरों ने गोशाला में बंधे पशु भी छोड़ दिए। घर की मालकिन सुषमा देवी ने बताया कि जब वह रविवार सुबह बेटे के साथ जानवरों को चारा डालने पहुंची तो दूसरे घर के ताले टूटे हुए थे और अंदर रखा सामान गायब था। नया मकान बनाने के लिए जमा किए पत्थर भी चोरी हो चुके थे।

इसके बाद उन्होंने पुलिस चौकी के साथ ठाठरी थाने में शिकायत की। आरोप है कि मामले में पुलिस ने दिन भर कोई संज्ञान नहीं लिया। एसएचओ अमृत कटोच से जब फोन पर बात हुई तो उन्होंने बताया कि वह छुट्टी पर हैं। उन्होंने पुलिस चौकी कराड़ा के प्रभारी को रिपोर्ट देने के लिए कहा।
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चौकी प्रभारी बलवंत सिंह परिहार ने मोबाइल पर रिपोर्ट देने के लिए कहा, लेकिन शाम तक कोई केस दर्ज नहीं किया गया था। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपने स्तर पर जांच की तो रोकाली गांव में पत्थरों का ढेर मिला है। कुछ दिन पहले इसी गांव से एक व्यक्ति उनसे पत्थर देने की मांग कर रहा था और उसने जबरदस्ती पत्थर उठाने की धमकी भी दी थी। पीड़ित परिवार ने पुलिस से इंसाफ की गुहार लगाई है। 
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चोरी के मामले की शिकायत मिली है, कराड़ा चौकी प्रभारी को मामले की छानबीन के निर्देश दिए हैं, दूर-दराज इलाका होने के कारण जांच में देरी हुई है। मामले में जो भी आरोपी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  - अमृत कटोच, एसएचओ, पुलिस थाना ठाठरी
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जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में एक तस्कर गिरफ्तार, 80 किलोग्राम नाग छतरी बरामद

जम्मू संभाग के किश्तवाड़ में पुलिस ने रविवार को एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 80 किलोग्राम प्रतिबंधित औषधीय जड़ी बूटी 'नाग छतरी' बरामद की गई है। जिसकी कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
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पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि वनोपज की संभावित तस्करी की सूचना मिलने पर पुलिस ने बाजार क्षेत्र में नाकेबंदी कर दी थी। इस दौरान पुलिस को देखते ही द्रुबील निवासी मोहम्मद युसूफ ने भागने की कोशिश की लेकिन पीछा किया गया। युसूफ को चटरू इलाके के मुगल मैदान बाजार से प्रतिबंधित औषधीय जड़ी बूटी से भरीं चार बोरियों के साथ गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता और वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।

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एनसी नेता वजीर की हत्या का मामला : बदबू आने के बावजूद शव के साथ कई दिन रहे थे आरोपी 

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या के मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ नए खुलासे हो रहे हैं। त्रिलोचन सिंह के शव से बदबू आने के बावजूद आरोपी कई दिन तक उसके साथ रहे। आरोपियों ने हत्या वाले दिन पार्टी की थी। उठा नहीं पाने के कारण वे शव को ठिकाने नहीं पाए।

अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्य आरोपी हरमीत ने तीन सितंबर को रात 7 से 8 बजे के बीच त्रिलोचन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस समय घर में हरप्रीत, बलवीर सिंह उर्फ बिल्ला और राजेंद्र चौधरी उर्फ राजू थे। राजू और बिल्ला 4 सितंबर की सुबह बस से अपने घर जम्मू चले गए थे। 5 सितंबर को त्रिलोचन सिंह के शव से बदबू आने लगी तो आरोपियों ने घर में धूपबत्ती व अगरबत्ती जलाना शुरू कर दिया। इन्होंने शव को चादर में लपेटकर बाथरूम में डाल दिया। बदबू रोकने के लिए एसी चला दिया। हरप्रीत 5 सितंबर को जम्मू चला गया। हरमीत शव के साथ रहा। हरप्रीत 7 सितंबर को वापस दिल्ली आ गया तो हरमीत जम्मू चला गया। हरमीत 8 सितंबर को वापस दिल्ली लौटा।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हरप्रीत त्रिलोचन सिंह का मोबाइल लेकर घूम रहा था। त्रिलोचन के परिजनों ने इस पर फोन किया और किसी अन्य के रिसीव करने पर उन्हें तलाशने के लिए दिल्ली आने की बात कही। इस पर हरप्रीत ने परिजनों से कह दिया कि अब दिल्ली आकर क्या करोगे। हरमीत ने त्रिलोचन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी है। परिजनों ने 9 सितंबर को इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि हरप्रीत भी जम्मू में ही है। उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

हरमीत और हरप्रीत से नहीं उठा था शव
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी त्रिलोचन सिंह के शव को ठिकाने लगाना चाहते थे, लेकिन वे उसे उठा ही नहीं पाए। बलविंदर और राजू हत्या के अगले दिन ही जम्मू चले गए थे। हरमीत व हरप्रीत से त्रिलोचन सिंह का शव उठा नहीं था। हरप्रीत की उम्र ज्यादा है। ये दोनों त्रिलोचन का शव नहीं उठा सके। इस कारण शव घर में ही पड़ा रहा।
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जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों को एक और कामयाबी, पूर्व आतंकी अब्दुल गनी गिरफ्तार

जम्मू संभाग के किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों ने एक पूर्व आतंकी को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों के एक विशेष दल ने शुक्रवार को संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की और पूर्व आतंकवादी को गिरफ्तार किया। जिसकी पहचान अब्दुल गनी के रूप में हुई है। अधिकारियों ने कहा कि वह मारवाह पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में वांछित था, उसे किश्तवाड़ की एक अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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इससे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक पूर्व आतंकी, बुधर, बोजवाह निवासी नजीर अहमद को गिरफ्तार किया था। वह 12 साल से फरार चल रहा था। वह एक मामले में वांछित था और अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। 
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पुलिस को बड़ी कामयाबी: किश्तवाड़ में पूर्व आतंकी गिरफ्तार, 12 साल से था फरार

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक पूर्व आतंकी को गिरफ्तार किया है। वह 12 साल से फरार चल रहा था। उसकी पहचान किश्तवाड़ के बुधर, बोजवाह निवासी नजीर अहमद के रूप में हुई है। वह एक मामले में वांछित था और अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। 

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जानकारी के अनुसार, विशेष सूचना पर बोंजवाह इलाके में पुलिस पोस्ट ज्वालापुर की विशेष टीम का गठन किया गया। डीएसपी मुख्यालय देवेंद्र सिंह बंदराल की देखरेख में सब इंस्पेक्टर मोइन खान के नेतृत्व में टीम ने विभिन्न ठिकानों पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे बुधवार को ही सत्र न्यायाधीश के समक्ष पेश कर न्यायिक हिरासत में ले लिया। 
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