जम्मू-कश्मीर: लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर और उसका साथी मारा गया, दो जवानों की हत्या में था शामिल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 16 Oct 2021 03:03 AM IST

सार

पंपोर में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर उमर मुश्ताक खांडे और उसके साथी आतंकी को ढेर कर दिया है। मुश्ताक घाटी के युवाओं को गुमराह कर आतंकी संगठन में शामिल करता था। दो जवानों की हत्या के साथ ही वह कई आतंकी हमलों में शामिल था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

कश्मीर में पंपोर के द्रंगबल इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में दो आतंकियों का खात्मा हो गया है। मारे गए आतंकियों के पास हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है। पुलिस, सेना की 50-आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। 
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कश्मीर जोन पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर उमर मुश्ताक खांडे को ढेर कर दिया गया है। उमर मुश्ताक ने दो पुलिसकर्मियों मोहम्मद यूसुफ और सुहैल अहमद की श्रीनगर में हत्या की थी। पुलिस ने कहा कि हम आतंकियों के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध हैं। 


आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादी उमर मुश्ताक खांडे और शाहिद बसीर मारे गए हैं। दोनों आतंकी कई नागरिक हत्याओं में शामिल थे। नागरिकों पर हुए हमलों के बाद हमने आक्रामक अभियान शुरू किए, नौ मुठभेड़ हुईं जिनमें 13 आतंकवादी मारे गए हैं। हमारा अभियान जारी रहेगा।
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नए तरीके से घातक हमले कर रहे सीमा पार से आए आतंकी
जानकारी मिल रही है कि एलओसी से सटे राजोरी और पुंछ जिलों की सीमा पर जंगल में छिपे आतंकी नए तरीके अपनाकर हमले कर रहे हैं। चार दिन में आतंकी दो अलग-अलग जगह घात लगाकर किए गए हमलों में दो जेसीओ समेत आठ जवानों को शहीद कर चुके हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार पांच दिन से ऑपरेशन चल रहा है। आतंकियों ने दो हमले किए और दोनों ही बार सेना को ही नुकसान पहुंचा है। यह दर्शाता है कि आतंकियों ने इस तरह के हमलों की खास ट्रेनिंग ले रखी है। सोमवार को पहले हमले में जेसीओ समेत पांच जवान शहीद हो गए थे। पहले हमले वाली जगह से दूसरे हमले का स्थान एलओसी की ओर पड़ता है। यानी हमलावर आतंकी कश्मीर की ओर नहीं बल्कि वापस एलओसी की दिशा में आकर छिप गए हैं। ऐसे में मेंढर के जंगलों में आतंकियों के ठिकाने होने की आशंका है। 

एक ही ग्रुप होने के मिले सुबूत, शार्प शूटर भी हैं आतंकी

पंगेई व चमरेड़ के जंगल क्षेत्र में हमला करने के बाद आतंकी सेना के जवानों का कुछ सामान साथ ले गए थे। बारिश और ठंड में जवानों ने जो कंबल ले रखे थे, वो अब मेंढर में नाड़ खास के जंगल से बरामद हुए हैं। इससे साफ है कि यही आतंकी वापस मेंढर आकर छिप गए हैं और यहां फिर से घात लगाकर हमला कर जंगल में छिप गए हैं।

अभी तक सामने आ रही सूचनाओं के अनुसार इन आतंकियों के शार्प शूटर होने की आशंका है। शहीद हुए जवानों के शरीर के ऊपरी हिस्से (सिर, गर्दन) को निशाना बनाकर फायरिंग की गई है। सूचनाएं हैं कि यह आतंकी पाकिस्तानी हैं, जिन्हें सामान्य मोडस ओपरांडी से हटकर ट्रेनिंग दी गई है।
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