जम्मू-कश्मीर: अरनिया सेक्टर में दिखा ड्रोन, बरादर और मसूद अजहर के रिश्ते समेत पांच बड़ी खबरें

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 23 Aug 2021 05:28 PM IST

सार

जम्मू के अरनिया सेक्टर में सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास अरनिया सेक्टर में सैनिकों द्वारा आसमान में लाल और पीली रोशनी देखी गई। जिसको निशाना बनाते हुए सैनिकों ने 25 राउंड फायरिंग की। इसके बाद ड्रोन पाकिस्तान की ओर चला गया। उधर, कश्मीर में जहर घोलने वाली और युवाओं को बंदूक थमाने वाली हुर्रियत कांफ्रेंस के दोनों धड़ों पर प्रतिबंध लग सकता है। पढ़ें प्रदेश की ऐसी ही प्रमुख खबरें
जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

जम्मू संभाग के अरनिया सेक्टर में सोमवार सुबह एक ड्रोन देखा गया। जिसकी सूचना पर पुलिस और बीएसएफ की टीम तलाशी अभियान चला रही है। अभी तक कोई बरामदगी नहीं हुई है। एक अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब 5:30 बजे अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास अरनिया सेक्टर में सैनिकों द्वारा आसमान में लाल और पीली रोशनी देखी गई। जिसको निशाना बनाते हुए सैनिकों ने 25 राउंड फायरिंग की। इसके बाद ड्रोन पाकिस्तान की ओर चला गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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तालिबानी बरादर के बिरादर की कहानी: दिल पर पत्थर रखकर मसूद को इस अधिकारी ने पहुंचाया था एयरपोर्ट
अफगानिस्तान संकट के बीच भारत समेत दुनिया की नजर तालिबान के अब्दुल गनी बरादर और जैश-ए-मोहम्मद के मसूद अजहर के रिश्तों पर है। दोनों एक दूसरे के मददगार हैं। दोनों ही देवबंदी हैं। मसूद अजहर की रिहाई में बरादर और बरादर की फरारी में मसूद का हाथ रहा है। मसूद अजहर बरादर का आतंकी बिरादर है। मसूद अजहर की रिहाई के लिए भारतीय जहाज आईसी-814 को हाईजैक किया गया था। जिसमें बरादर का हाथ माना जाता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें


लदने वाले हैं हुर्रियत कांफ्रेंस के दिन: कब हुआ इसका गठन? कैसे घाटी और युवाओं में घोला जहर? जानिए सब कुछ
अनुच्छेद-370 हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों और पाकिस्तान समर्थित लोगों पर नकेल कसी जा रही है। केंद्र सरकार ने साल 2019 में ही अलगाववादियों समेत प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी के लगभग 150 सदस्यों की कुंडली तैयार कर ली थी। जिन पर कानून का चाबुक चल रहा है। इसी क्रम में अब हुर्रियत कांफ्रेंस के दोनों धड़ों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

सैन्य कमांडर ने कहा: सेना जान बचाने के लिए है, आतंकी मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं तो स्वागत है
सेना मुठभेड़ के दौरान आतंकियों को समर्पण करने का मौका देती है। सेना जान बचाने के लिए है, जान लेने के लिए नहीं। जो आतंकी गलतियों को स्वीकार करने और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए तैयार हैं, उनका स्वागत किया जाएगा। ये बातें सेना के उधमपुर स्थित उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ योगेश कुमार जोशी ने सोमवार को मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में एक समारोह के दौरान कहीं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

जम्मू-कश्मीर पहुंचे पहलवान रवि दाहिया: बोले- मेहनत से साकार होते हैं सपने, युवाओं को दिया जीत का ये मंत्र
ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाले हरियाणा निवासी रवि दाहिया सोमवार को जम्मू-कश्मीर पहुंचे। उन्होंने युवाओं को आगे बढ़ने के लिए अधिक से अधिक मेहनत करने की सीख दी। जब वह जम्मू के युवाओं के बीच पहुंचे तो सभी ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। युवाओं का उत्साह देखते हुए रवि ने कहा कोई भी चीज आसानी से नहीं मिलती। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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