लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu ›   jammu kashmir: DG Lohia killer told the police that he tried to commit suicide

DG Jail Lohia Murder: आरोपी यासीर ने की खुदकुशी की कोशिश, बेल्ट का फंदा लगाया लेकिन वह टूट गई इसलिए बच गया

अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Thu, 06 Oct 2022 01:30 AM IST
सार

सूत्रों के अनुसार यासिर ने पुलिस को बताया है कि फरार होने के बाद वह एक खाली प्लॉट में छुप गया था। जहां उसने एक पेड़ पर अपनी बेल्ट बांधकर फंदा लगाया, लेकिन बेल्ट टूट गई। इससे वह बच गया।

आरोपी नौकर और डीजीपी जेल हेमंत कुमार लोहिया(फाइल फोटो)
आरोपी नौकर और डीजीपी जेल हेमंत कुमार लोहिया(फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

महानिदेशक जेल डीजी हेमंत लोहिया की हत्या करने के आरोपी यासिर ने वारदात के बाद खुदकुशी की कोशिश की थी। फरार होने के बाद वह एक खाली प्लॉट में छुप गया था, जहां उसने एक पेड़ पर अपनी बेल्ट बांधकर फंदा लगाया, लेकिन बेल्ट टूट गई। इससे वह बच गया।

सूत्रों के अनुसार यासिर ने यह सब बातें पूछताछ में पुलिस अधिकारियों को बताई हैं। हालांकि इसकी अधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं कर रहा है। कोई भी पुलिस अधिकारी इस मामले पर बोलने से इंकार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि बुधवार को पुलिस ने यासिर का मेडिकल चेकअप भी कराया है। 

दो जगहों पर यासिर को लेकर पहुंची पुलिस

सूत्रों का कहना है कि बुधवार को यासिर को पुलिस दो जगहों पर लेकर गई। इसमें एक वह जगह है, जहां पर उसने अपनी बेल्ट से फंदा लगाकर जान देने का प्रयास किया था। दूसरा बोहड़ी क्षेत्र के पेट्रोल पंप पर। इस पेट्रोल पंप से यासिर पेट्रोल या डीजल लेकर गया था। उसने पेट्रोल पंप पर कहा था कि डीजीपी ने उसे तेल लेने के लिए भेजा है। 

यासिर ने कहा- मैने ही डीजी को मारा

लोहिया के हेल्पर रहे यासिर लोहार निवासी रामबन ने स्वीकार किया है कि उसने ही डीजी की हत्या की है। हत्या करने के पीछे उद्देश्य पुलिस ने फिलहाल नहीं बताया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि यासिर ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि वह नौकरी न मिलने से आहत था। इस वजह से डीजीपी की हत्या कर दी। 


यह भी बताया जा रहा है कि यासिर लोहिया का हेल्पर बनने से पहले एक आईएएस अधिकारी के घर 4 साल तक हेल्पर के तौर पर काम करता था। कुछ समय पहले उक्त अधिकारी ने इसे निकाल दिया था।

इसके बाद यासिर को एक और बड़े अधिकारी के पास रखने की सिफारिश की गई थी। लेकिन उक्त अधिकारी ने मना कर दिया। बाद में यासिर को डीजीपी जेल हेमंत लोहिया के पास रखा गया। 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00