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Jammu Kashmir: केंद्र से मिले 10 हजार करोड़ का हिसाब देने में प्रदेश सरकार विफल, कैग की रिपोर्ट में खुलासा

अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Wed, 10 Aug 2022 04:05 PM IST
सार

कैग की रिपोट में कहा गया है कि 30 सितंबर 2019 तक भुगतान किए गए 10076.58 करोड़ रुपये के अनुदानों के लिए 31 मार्च 2021 तक उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चार विभागों में 83.90 फीसदी यूसी लंबित हैं।

जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

जम्मू-कश्मीर सरकार केंद्र की ओर से मिले 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के अनुदान के उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी) देने में नाकाम रही है। यह खुलासा भारत के नियंत्रक एवं महा लेखापरीक्षक (कैग) की ओर से जारी रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2021 तक यह प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराया गया था। कैग का कहना है कि प्रमाणपत्र जमा नहीं करने का मतलब है कि अधिकारी यह बताने में विफ ल रहे हैं कि पिछले वर्षों में केंद्र शासित प्रदेश में राशि किस तरह खर्च की गई।



कैग ने मार्च 2021 में समाप्त वर्ष के लिए जम्मू-कश्मीर की ताजा वित्तीय रिपोर्ट सोमवार को जारी की। कैग की रिपोट में कहा गया है कि 30 सितंबर 2019 तक भुगतान किए गए 10076.58 करोड़ रुपये के अनुदानों के लिए 31 मार्च 2021 तक उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चार विभागों में 83.90 फीसदी यूसी लंबित हैं। इनमें शिक्षा विभाग में सर्वाधिक 57.07 प्रतिशत उपयोगिता  प्रमाणपत्र जमा नहीं किया गया है। 

 

इन वर्षों में नहीं दी गई यूसी

  •    वर्ष               राशि  (करोड़ रुपये)          लंबित यूसी
  • 2018-19            5725.99                        1461
  • 2019-20            1248.21                         345
  • 2020-21            3102                              3215


जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की सिफारिश

कैग ने रिपोर्ट में सरकार से तय समय सीमा में यूसी जमा करने में विफ ल रहे जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की भी सिफारिश की गई है।कहा गया है कि उपयोगिता प्रमाणपत्र के नहीं जमा करने से फंड के दुरुपयोग की आशंका है। इसलिए सरकार को इस पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए पैनी नजर रखनी चाहिए। 

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