आतंकी हमला: श्रीनगर के बाद कुलगाम में पुलिस का एक जवान शहीद, हमलावरों की तलाश जारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 17 Sep 2021 06:41 PM IST

सार

कुलगाम में आतंकियों ने पुलिस के जवान की गोली मार कर हत्या कर दी है। शहीद जवान की पहचान बंटू शर्मा के रूप में हुई है। कुलगाम में आतंकियों ने पुलिस के जवान की गोली मार कर हत्या कर दी है। शहीद जवान की पहचान बंटू शर्मा के रूप में हुई है।
आतंकियों की तलाश में अभियान जारी
आतंकियों की तलाश में अभियान जारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

कश्मीर संभाग के कुलगाम में आतंकियों ने पुलिस के जवान की गोली मार कर हत्या कर दी है। शहीद जवान की पहचान बंटू शर्मा के रूप में हुई है। बेटे की शहादत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है। उधर, हमलावरों की तलाश में इलाके की घेराबंदी कर अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले रविवार को आतंकियों ने श्रीनगर में घात लगाकर सब इंस्पेक्टर अर्शीद अहमद की हत्या की थी।
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गौरतलब है कि बैखलाहट के चलते आतंकी संगठनों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। वह हिट एंड रन के साथ-साथ ग्रेनेड हमलों को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं ताकि सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाया सकें। इतना ही नहीं ऐसी घटनाओं को ओवर ग्राउंड वर्करों (ओजीडब्ल्यू) और हाइब्रिड आतंकियों द्वारा अंजाम दिया जा रहा है ताकि अगर उनमें से कोई मारा या पकड़ा भी जाता है तो आतंकी संगठनों को ज़्यादा बड़ा धक्का न लगे।


श्रीनगर समेत घाटी में पिछले कुछ सप्ताह में साफ्ट टारगेट को निशाना बनाने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। ये घटनाएं ऐसे पिस्तौल धारी आतंकियों से करवाई जाती हैं जो सुरक्षा एजेंसियों की सूची में आतंकी के रूप में नहीं हैं। ऐसे आतंकियों को खोजना मुश्किल होता है। हाइब्रिड आतंकियों को हैंडलर्स की ओर से आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए स्टैंडबाय में रखा जाता है। वह दिए गए टास्क को पूरा करने के बाद नए टास्क का इंतजार करते हैं। इस बीच वह अपने सामान्य कामकाज को करने लगते हैं। 
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कौन है हाइब्रिड आतंकी
हाइब्रिड आतंकी वे हैं जो सुरक्षाबलों की सूची में नहीं है। स्लीपर सेल की तरह ही इन युवाओं को पार्टटाइम आतंकी बनाया गया है। लेकिन इन्हें बरगलाकर इस तरह का कट्टरपंथी बनाया जाता है कि हैंडलर की ओर से सौंपे गए टास्क के तहत हमले कर सकते हैं। इसके बाद वे अपने सामान्य कामकाज में जुट जाते हैं। इन्हें पहचानने में दिक्कतें आती हैं।

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