अनुच्छेद-370 से मुक्ति के दो साल: भ्रष्टाचारियों पर कसी गई नकेल, इन बड़े नेताओं पर गिरी गाज

अजय मीनिया, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 05 Aug 2021 08:32 AM IST

सार

पूर्व सरकारों के संरक्षण में जमकर सरकारी खजाने की लूट हुई। सरकारी जमीनों से लेकर बैंकों तक में घोटाले हुए। प्रदेश में जम्मू-कश्मीर बैंक से हजारों करोड़ के घोटाले, फर्जी गन लाइसेंस घोटाले और रोशनी जमीन जैसे घोटाले सामने आए। इनकी जांच सीबीआई कर रही है।
अनुच्छेद-370 से मुक्ति के दो साल, डल झील पर लहराता तिरंगा
अनुच्छेद-370 से मुक्ति के दो साल, डल झील पर लहराता तिरंगा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने से भ्रष्टाचार पर जबरदस्त कार्रवाई हुई है। सीबीआई और एंटी करप्शन ब्यूरो जैसी एजेंसियों ने प्रदेश में भ्रष्टाचार को लेकर पूरी ताकत से कार्रवाई की। अब सीबीआई को किसी मामले की जांच के लिए सरकार की अनुमति की जरूरत नहीं। सीबीआई स्वतंत्र तौर पर कार्रवाई कर सकती है। जबकि एंटी करप्शन ब्यूरो भी सरकारी हस्तक्षेप के बिना भ्रष्टाचार को लेकर शिकंजा कस रहा है।
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दोनों एजेंसियों ने भ्रष्टाचार और घोटालों में शामिल कई बड़ी मछलियों को काबू किया। इनमें पूर्व वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर का बेटा हिलाल राथर, जेके बैंक के पूर्व चेयरमैन परवेज अहमद नेंगरू, पूर्व मंत्री लाल सिंह की पत्नी, पूर्व मंत्री अब्दुल गनी कोहली, पूर्व मंत्री रमन भल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला आदि शामिल हैं। इन लोगों के खिलाफ सीबीआई और एसीबी के पास केस चल रहे हैं। 


20 सालों में एक, अब 20 से ज्यादा की जांच
जम्मू-कश्मीर में पहले सीबीआई के पास मामलों की जांच जाती ही नहीं थी। अनुच्छेद 370 हटने से पहले सीबीआई के पास जम्मू कश्मीर के सबसे महत्वपूर्ण मामले की जांच महबूबा मुफ्ती की बहन के अपहरण और एयरफोर्स कर्मियों की हत्या की थी। इसके अलावा किसी घोटाले या भ्रष्टाचार की जांच नहीं थी। क्योंकि सरकार सिफारिश ही नहीं करती थी। अब सीबीआई के पास जम्मू-कश्मीर में रोशनी घोटाला, गन लाइसेंस घोटाला, बैंक घोटाले आदि की जांच है। अन्य भ्रष्टाचार के भी कई मामले दर्ज हैं। सीबीआई के पास सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार को लेकर हर साल 500 से ज्यादा शिकायतें जा रही हैं। जबकि 370 हटने के बाद से सीबीआई ने 20 से ज्यादा केस दर्ज किए हैं, जिनकी जांच चल रही है। 

एसीबी ने भी दर्ज किए 121 केस
अनुच्छेद 370 हटने से पहले एंटी करप्शन ब्यूरो की कमान प्रदेश सरकार के पास थी। जाहिर सी बात है कि एसीबी कई मामलों की जांच राजनीतिक दबाव में नहीं कर पाती थी। लेकिन अनुच्छेद 370 हटने के बाद एसीबी ने केंद्र की निगरानी में बड़ी कार्रवाई की। 2020 में एसीबी ने भ्रष्टाचार को लेकर 71 केस दर्ज किए। जबकि 2021 में अब तक 51 केस दर्ज कर लिए हैं। एसीबी इस समय जेके बैंक में 700 करोड़, 1100 करोड़, समेत अन्य बैंकों में हुए 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटालों की जांच कर रही है। जम्मू कश्मीर बैंक के पूर्व चेयरमैन परवेज अहमद, मुश्ताक अहमद जैसे बड़े अधिकारियाें के खिलाफ जांच चल रही है।

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