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पुलवामा: इन दो भाइयों के मुरीद हुए पीएम मोदी, जानिए युवाओं के लिए प्रेरणा बने बिलाल और मुनीर के बारे में रोचक बातें

बिलाल ने अपने घर पर ही वर्मी कंपोस्ट की यूनिट लगाई है। इस यूनिट से तैयार होने वाले बायो फ र्टिलाइजर से न केवल खेती में काफी लाभ हुआ है बल्कि यह लोगों...

26 सितंबर 2021

Digital Edition

ऑपरेशन भाटादूड़ियां:  जंगल में छिपे आतंकियों के संपर्क में था जिया मुस्तफा, ठिकाने की भी थी जानकारी

जम्मू संभाग के पुंछ जिले में मेंढर के भाटादूड़ियां जंगल में आतंकियों के ठिकाने का पता लगाने के लिए जेल में बंद लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी आतंकी को साथ लेकर गए सुरक्षाबलों पर दहशतगर्दों ने हमला कर दिया। फायरिंग में आतंकी की मौत हो गई, जबकि पुलिस के दो व सेना का एक जवान घायल हो गया। मारे गए पाकिस्तानी आतंकी जिया मुस्तफा को जम्मू की कोट भलवाल जेल से ले जाया गया था।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार जिया मुस्तफा जंगलों में छिपे आतंकियों के संपर्क में था, जिसे उस इलाके और ठिकाने की पूरी जानकारी थी। गोलीबारी के बाद अतिरिक्त बल भेजकर मारे गए आतंकी का शव निकाला गया। लश्कर आतंकी के मारे जाने संबंधी कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच शुरू कर दी गई है। वहीं सेना और पुलिस एसओजी ने घेराबंदी और कड़ी कर दी है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार 11 अक्तूबर को चमरेड़ के जंगल में सैन्य दल पर घात लगाकर किए गए हमले में जेसीओ समेत पांच जवान शहीद हो गए थे।
 
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जम्मू-कश्मीर: कांग्रेस, महबूबा और फारूक पर अमित शाह का सीधा वार, अब नहीं चलेगी तीन परिवारों की दादागिरी

जम्मू-कश्मीर दौरे के दूसरे दिन जम्मू में गृह मंत्री अमित शाह ने जनसभा में कहा कि जम्मू-कश्मीर में विकास युग शुरू हो गया है। मैं जम्मू कश्मीर को आज ये कहने आया हूं कि जम्मू कश्मीर वालों के साथ अन्याय का समय खत्म हो चुका है। अब कोई आपके साथ अन्याय नहीं कर सकता। अब जम्मू कश्मीर का विकास होगा और ये प्रदेश, देश को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने अनुच्छेद 370 और 35ए को खत्म किया: शाह
अमित शाह ने कहा कि 5 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री मोदी ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अनुच्छेद 370 और 35ए को खत्म किया। इससे जम्मू-कश्मीर के लाखों लोगों को अपने अधिकार प्राप्त हुए। अब भारतीय संविधान के सभी अधिकार यहां के सभी लोगों को मिल रहे हैं।

पहले जम्मू में सिखों, खत्रियों, महाजनों को भूमि खरीदने का अधिकार नहीं था: गृह मंत्री
गृह मंत्री ने कहा कि पहले जम्मू में सिखों, खत्रियों, महाजनों को भूमि खरीदने का अधिकार नहीं था। जो शरणार्थी वहां से यहां आए थे, उनके अधिकार नहीं थे, वाल्मीकि, गुर्जर भाइयों के अधिकार नहीं थे। भारत के संविधान के सभी अधिकार अब मेरे इन भाइयों को मिलने वाले हैं।

जम्मू-कश्मीर में अब सात नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना हो चुकी है: शाह
अमित शाह ने कहा कि एक जमाना था कि जम्मू-कश्मीर में कहने को पांच मगर चार ही मेडिकल कॉलेज थे। आज मैं आपको बताने आया हूं कि जम्मू-कश्मीर में अब सात नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना हो चुकी है। पहले 500 विद्यार्थी यहां से MBBS कर सकते थे, अब लगभग 2,000 विद्यार्थी यहां MBBS कर पाएंगे।

'कल ये तीन परिवार वाले मुझसे सवाल पूछ रहे थे कि क्या देकर जाओगे?'
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कल ये तीन परिवार वाले मुझसे सवाल पूछ रहे थे कि क्या देकर जाओगे? भाई मैं तो हिसाब लेकर आया हूं कि क्या देकर जाऊंगा। मगर 70 साल तीन परिवार वालों ने जम्मू-कश्मीर में राज किया, आपने क्या दिया इसका हिसाब लेकर आओ। आज जम्मू-कश्मीर हिसाब मांग रहा है।

जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए 55,000 करोड़ रुपये का पैकेज दिया: शाह
अमित शाह ने कहा कि मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए 55,000 करोड़ रुपये का पैकेज दिया था। आज 55,000 करोड़ रुपये के पैकेज में से 33,000 करोड़ रुपये खर्च हो चुका है, विकास की 21 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं।

अब यहां 3 परिवारों की दादागिरी नहीं चलेगी: अमित शाह
जम्मू कश्मीर में आज हर गांव में ग्राम पंचायत बनी है, हर तहसील के अंदर तहसील पंचायत बनी है, हर जिले के अंदर जिला पंचायत है। अब यहां 3 परिवारों की दादागिरी नहीं चलेगी। यहां का पंच-सरपंच भी अब आगे चलकर भारत सरकार में मंत्री बन सकता है, जम्मू कश्मीर का मुख्यमंत्री बन सकता है।
मोदी सरकार के आने के बाद ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान हुआ पूरा: शाह
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि बारिश के चलते जम्मू के लोगों से नहीं मिलने की चिंता थी लेकिन वैष्णो माता की कृपा से संभाग के लोगों से मुलाकात हुई। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के आने के बाद ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान पूरा हुआ। जम्मू वाले विकास के साथ खड़े हैं। इस दौरान उन्होंने उज्ज्वला योजना, घर-घर बिजली पहुंचाने और नल से जल योजना का जिक्र किया। 

केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद आज पहली बार गृहमंत्री अमित शाह की जम्मू में पहली बार जनसभा हो रही है। रविवार सुबह से मौसम साफ होने के बाद कार्यकर्ताओं और लोगों के कार्यक्रम स्थल में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। भवगती नगर चौथे पुल से लेकर कार्यक्रम स्थल तक लगातार चेकिंग की जा रही है। 

गृह मंत्री के कार्यक्रम को लेकर शहर और आसपास के इलाकों में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने मल्टी टियर सुरक्षा व्यवस्था की है। इसमें शार्प शूटर, ड्रोन सर्विलांस, मोबाइल चेक प्वाइंट, मोबाइल पेट्रोल जैसे प्रबंध हैं। जम्मू एयरपोर्ट से लेकर भगवती नगर इलाके तक अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। इसके अलावा आसपास के इलाकों को सील किया गया है।

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पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिस रास्ते से गृह मंत्री का काफिला गुजरेगा उन जगहों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कई जगहों पर आम जनता की आवाजाही के लिए बंद रखा गया है। पूरे जम्मू शहर में पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए हैं।

रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, तवी पुल समेत अन्य महत्वपूर्ण जगहों में चौकसी बढ़ाई गई है। एसएसपी चंदन कोहली ने बताया कि दौरे के चलते सुरक्षा चुस्त दरुस्त है। पुलिस और सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। नाकों में चेकिंग के बाद ही भेजा जा रहा है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आईआईटी जम्मू पहुंचे। इस दौरान उन्होंने रिसर्च सेंटर का किया उद्घाटन। उन्होंने कहा कि यह सेंटर छात्रों के लिए काफी मददगार सबित होगा। पूरे सेंटर में वाईफाई की सुविधा दी जाएगी।

यह बहुआयामी अनुसंधान केंद्र को सप्तऋषि के नाम से जाना जाएगा। सप्तऋषि में अत्याधुनिक उपकरणों से युक्त सात प्रयोगशालाएं चलाई जाएंगी। आईआईटी जम्मू के विस्तार के लिए कैबिनेट ने फेज 1-सी को भी मंजूरी दी। साथ ही फेज 1-सी के निर्माण में 680 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान। ... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर: आईआईटी-आईआईआईएम और एम्स मिलकर टनल इंजीनियरिंग कोर्स शुरू करेंगे

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आईआईटी,आईआईएम व एम्स जम्मू मिलकर टनल इंजीनियरिंग कोर्स जल्द करेंगे। देश में अपनी तरह का यह पहला कोर्स होगा। गृह मंत्री अमित शाह के साथ जम्मू के भगवती नगर में रैली के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने यह घोषणा की। 
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उन्होंने कहा 400 एकड़ भूमि पर बनी आईआईटी जम्मू के निर्माण पर 1100 करोड़ की राशि खर्च कर देश में अत्याधुनिक आईआईटी कैंपस जम्मू में बना है। उन्होंने कहा गृह मंत्री अमित शाह के जम्मू के दौरे के दौरान कई कल्याणकारी योजनाओं की शुरूआत की गई है और यह देश व प्रदेश के लोगों के लिए गौरव का दिन है।
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पाकिस्तान की जीत का जश्न: सांबा में पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया, महबूबा बोलीं- आखिर इतना गुस्सा क्यों?

आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप के मुकाबले में रविवार को पाकिस्तान की टीम ने भारत पर जीत दर्ज की। जिसके बाद जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के मामले सामने आए हैं। जम्मू संभाग के सांबा जिले में पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में भी लिया है, चार अन्य की तलाश है। साथ ही अन्य जिलों के मामलों पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं। इस बीच पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती जश्न मनाने वाले समर्थकों के पक्ष में उतर आई हैं। उन्होंने ट्वीट किया है कि जश्न मनाने वालों के खिलाफ इतना गुस्सा क्यों?

महबूबा बोलीं-इतना गुस्सा क्यों
पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाने वालों का समर्थन करते करते हुए महबूबा ने कहा कि पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के लिए कश्मीरियों के खिलाफ इतना गुस्सा क्यों? कुछ लोग देश के गद्दारों को गोली मारो जैसे नारे भी लगा रहे हैं। कोई यह नहीं भूल सकता कि जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा छीनने पर मिठाइयां बांटी गई थीं। महबूबा ने कहा कि खेल को विराट कोहली की तरह सही भावना से लें, जिन्होंने सबसे पहले पाकिस्तानी क्र्तिकेट टीम को बधाई दी थी।
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सांबा पुलिस के अनुसार जैसे ही पाकिस्तान ने भारत से मैच जीता, मनोहर गोपाला गांव में कुछ युवकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि कुछ युवकों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए। इसके चलते क्षेत्र में माहौल बिगड़ने लगा। स्थानीय लोग भी एकत्रित होने लगे। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छह लोगों को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
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महबूबा मुफ्ती महबूबा मुफ्ती

पांच बड़ी खबरें: तीन दिवसीय दौरे के आखिरी दिन सैनिकों के साथ रात्रि भोज करेंगे अमित शाह, बुलेट प्रूफ सुरक्षा के बिना जनसभा को किया संबोधित

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर दौरे के तीसरे और आखिरी दिन पुलवामा जिले के लेथपोरा में सीआरपीएफ कैंप का दौरा करेंगे। जहां पर वह सैनिकों के साथ शिविर में रात्रि भोज करेंगे और वहीं शिविर में रात को विश्राम भी करेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें............

जम्मू-कश्मीर में तीन दिन के दौरे पर पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को आखिरी दिन श्रीनगर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पांच अगस्त के बाद  कर्फ्यू न लगाते और इंटरनेट बंद नहीं करते तो कश्मीर का युवा ही मरता। कश्मीर के युवाओं को गुमराह किया जाता है। कश्मीर की जनता का भी उतना ही अधिकार है जितना हमारा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें............

पुंछ जिले के भाटादूड़ियां जंगल में सोमवार सुबह तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच फिर मुठभेड़ शुरू हो गई। सुरक्षाबल 15 दिनों से आतंकियों की तलाश कर रहे हैं। इससे पहले  रविवार को आतंकियों के ठिकाने का पता लगाने के लिए जेल में बंद लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी आतंकी जिया मुस्तफा को साथ लेकर गए सुरक्षा बलों पर दहशतगर्दों ने हमला कर दिया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें............

गृहमंत्री अमित शाह ने अपने तीन दिवसीय दौरे के आखिरी दिन सोमवार को खीर भवानी मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता की आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा भी लगाई। इस मौके पर उनके साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी मौजूद रहे। उनके इस दौरे के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें............

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर हैरानी जताई जिसमें उन्होंने कहा था कि विधानसभा चुनाव के बाद जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा। कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में दीर्घकालिक शांति के लिए लोगों की आकांक्षाओं और इच्छाओं को पूरा करना होगा। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व के इस तर्क पर हैरानी जताई कि निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन पूरा करने और चुनाव के बाद पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा। यह बड़ी हैरानी की बात है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें............

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जम्मू-कश्मीर: शाह और सिन्हा ने मंच से हटवाई बुलेट प्रूफ ग्लास शील्ड, गृह मंत्री- अपने दिल से सभी लोग डर निकाल दीजिए

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर दौरे के तीसरे और आखिरी दिन श्रीनगर में सोमवार को एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने श्रीनगर में कई परियोजनाओं का शुभारंभ किया। केंद्रीय गृह मंत्री ने जनसभा के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए लगाई गई बुलेट प्रूफ ग्लास शील्ड हटवा दी और कहा कि आप लोगों से खुलकर बात करना चाहता हूं। जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने भाजपा के समर्थन में नारेबाजी की।जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी इस मौके पर जनसभा को संबोधित करने से पहले श्रीनगर में मंच से बुलेट प्रूफ ग्लास शील्ड हटवा दी।

अमित शाह ने कहा कि मैं आज विकास की बात बाद में कर लूंगा मगर यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि अपने दिल से सभी लोग डर निकाल दीजिए। कश्मीर की शांति और विकास की यात्रा को अब कोई बाधित नहीं कर सकता। गृह मंत्री ने कहा कि मैं आज कश्मीर के युवाओं से पूछने आया हूं कि उन्होंने आपका क्या भला किया जिन्होंने आपके हाथों में पत्थर थमा दिए थे?

गृह मंत्री ने कहा 70 साल के शासन में घाटी में 40000 हजार लोग मारे गए है पर विपक्ष ने आज तक आतंकवाद की निंदा नहीं की है। अब शांति भंग करने की कोशिश करने वालों को दंडित किया जाएगा। कुछ लोग कश्मीर के विकास में खलल डालना चाहते हैं। वह लोग कभी कामयाब नहीं होंगे।

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पाकिस्तानी की बात करते वाले चाहते हैं कि यहां के युवा बेरोजगार रहें और वह पत्थर उठाएं। इससे उनकी राजनीति चलती रहेगी। जिन्होंने आपके हाथ में पत्थर और हथियार पकड़वाए उसने पूछिए कि यहां का विकास क्यों नहीं हुआ। वह लोग आपसे सिर्फ पाकिस्तान की बात करते हैं। आज कश्मीर के हर घर में जल और बिजली पहुंच रही है।
 

 

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आतंक को शाह की चुनौती: बिना बुलेट प्रूफ सुरक्षा के मौजूद हूं, आप सब भी अपने दिल से खौफ निकालिए

जम्मू-कश्मीर में तीन दिन के दौरे पर पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को आखिरी दिन श्रीनगर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पांच अगस्त के बाद  कर्फ्यू न लगाते और इंटरनेट बंद नहीं करते तो कश्मीर का युवा ही मरता। कश्मीर के युवाओं को गुमराह किया जाता है। कश्मीर की जनता का भी उतना ही अधिकार है जितना हमारा है।

पीएम मोदी का दिल जम्मू-कश्मीर में बसता है: शाह
अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी का दिल जम्मू-कश्मीर में बसता है। हर वक्त यहां का जिक्र करते हैं। जम्मू-कश्मीर के विकास में कोई खलल नहीं डाल सकता। पाकिस्तान के बदले घाटी के लोगों से बात करूंगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बहुत लोगों ने सवाल उठाए कि 370 हटने के बाद कश्मीरियों की जमीन छीन ली जाएगी पर किस गांव में लोगों की जमीन छीनी गई। यह बात सच नहीं है। ये लोग विकास को बांध कर रखना चाहते हैं, अपनी सत्ता को बचाकर रखना चाहते हैं। 70 साल से जो भ्रष्टाचार किया है उसको चालू रखना चाहते हैं। 70 साल का भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

आप सब अपने दिल में से खौफ और डर निकाल दीजिए: शाह
शाह ने कहा कि पांच अगस्त को इंटरनेट बंद नहीं करते तो कुछ लोग युवाओं को भड़काते और इससे कई लोगों की जान जाती। कश्मीर के विकास में खलल डालने वाले लोग कामयाब नहीं होंगे। शाह ने कहा कि आप सब अपने दिल में से खौफ और डर निकाल दीजिए। कश्मीर की शांति और विकास की यात्रा में अब कोई खलल नहीं डाल सकता। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि बिना सुरक्षा के आपके बीच हूं। 

वह लोग आपसे सिर्फ पाकिस्तान की बात करते हैं: अमित शाह
मैं आज कश्मीर के युवाओं से अपील करने आया हूं कि जिन्होंने आपके हाथ में पत्थर पकड़ाए थे, उन्होंने आपका क्या भला किया? जिन्होंने आपके हाथ में हथियार पकड़ाए थे, उन्होंने आपका क्या भला किया? वह लोग आपसे सिर्फ पाकिस्तान की बात करते हैं। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि फारुख साहब ने भारत सरकार को पाकिस्तान से बात करने की सलाह दी... मैं घाटी के युवाओं से बात करना चाहता हूं। मैंने घाटी के युवाओं के सामने दोस्ती का हाथ बढ़ाया है।

तीन परिवारों ने सिर्फ कश्मीर को लूटा: अमित शाह
जम्मू-कश्मीर में हमेशा शांति हो सकती है। भारत पर आपका भी उतना ही अधिकार है जितना अन्य का है। तीन परिवारों ने सिर्फ कश्मीर को लूटा है। कश्मीर के युवाओं को चुनाव लड़ने का अधिकार क्यों नहीं मिला। 70 साल तक सांसद विधायक अपने ही लोगों को बनाया। अगर कोई युवा मुख्यमंत्री बनता है तो उनके परिवारों का क्या होगा। युवाओं से कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया चुनिए, आप भी सांसद, विधायक मुख्यमंत्री बन सकते हैं। 

अमित शाह ने कहा कि आरक्षण का फायदा पहाड़ी भाइयों को नहीं मिलता था, लेकिन अब मिलेगा, कश्मीर की सभी माताओं को गैस मिलेगी। 24 घंटे के अंतर में पहुंचा दिया जाएगा। घर-घर में बिजली पहुंच रही है। केंद्र सरकार ने कश्मीर के हर घर के अंदर शौचालय पहुंचाया। अब यहां हर घर में पानी पहुंचेगा। दो जिलों में योजना पूरी हो गई है। 

सवाल पूछने वालों से कहना चाहता हूं घर, बिजली, शौचालय क्यों नहीं दिया। कश्मीर वालों के लिए सेहत योजना के तहत पांच लाख का पूरा खर्चा प्रशासन उठा रहा है। फारूक साहब, महबूबा बहन हिसाब दीजिए, कश्मीरियों के इलाज की व्यवस्था क्यों नहीं की। शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पयर्टन बर्बाद कर दिया गया था। हम चाहते हैं कि युवा हाथ में हथियार नहीं पुस्तक उठाएं।

अमित शाह ने खीर भवानी मंदिर में जाकर की पूजा-अर्चना
इससे पहले, गृहमंत्री अमित शाह ने अपने तीन दिवसीय दौरे के आखिरी दिन सोमवार को खीर भवानी मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता की आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा भी लगाई। इस मौके पर उनके साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी मौजूद रहे। उनके इस दौरे के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि माता खीर भवानी मंदिर में माँ के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। देशभर के कश्मीरी पंडित भाईयो-बहनों की आस्था का ये एक ऐसा अटूट केंद्र है जो पूरे राष्ट्र को प्रेरणा देता है। इस पवित्र स्थल में एक अद्भुत शक्ति है जिसकी अनुभूति यहाँ आकर निश्चित रूप से होती है।

अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री ने रविवार को जम्मू के भगवती नगर में रैली को संबोधित किया था। गृहमंत्री को सुनने के लिए जम्मू संभाग के सभी जिलों से लोग पहुंचे थे। इस दौरान लोगों ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जम्मू- कश्मीर विकास के नए आयाम छुएगा और जम्मू संभाग की लंबे समय हो रहे अनदेखी भी खत्म होगी।

कठुआ से रैली में गुज्जर-बकरवाल समुदाय के लोगों ने कहा कि वन अधिकार मिलने से समुदाय के लोगों में वर्तमान सरकार के प्रति विश्वास पैदा हुआ। हम केंद्र और प्रदेश सरकार की तरफ आशा भरी नजरों से देख रहे हैं। कठुआ से आए चौधरी सुलतान खान ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले कुछ समय में गुज्जर- बकरवाल समुदाय के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं।

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केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का हर स्तर लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए सरकार को काम करना होगा। उन्होंने विधानसभा में समुदाय के लोगों के आरक्षण की मांग की, ताकि समुदाय की आवाज बुलंद हो सके। वहीं केके डिंगरा ने कहा कि अनुसूचित जाति के लोगों को वर्तमान सरकार से काफी उम्मीदें हैं।

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जम्मू-कश्मीर: पुंछ में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच फिर मुठभेड़, जंगल में चल रहा है बड़ा सर्च ऑपरेशन

जम्मू में अमित शाह
पुंछ जिले के भाटादूड़ियां जंगल में सोमवार सुबह तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच फिर मुठभेड़ शुरू हो गई। सुरक्षाबल 15 दिनों से आतंकियों की तलाश कर रहे हैं। इससे पहले  रविवार को आतंकियों के ठिकाने का पता लगाने के लिए जेल में बंद लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी आतंकी जिया मुस्तफा को साथ लेकर गए सुरक्षा बलों पर दहशतगर्दों ने हमला कर दिया था।

फायरिंग में मुस्तफा की मौत हो गई, जबकि पुलिस के दो व सेना का एक जवान घायल हो गया। सूत्रों का कहना है कि मुस्तफा को पुलिस की वर्दी में ले जाया गया था। आतंकियों ने उसे भी पुलिस समझ कर फायर कर दिया। मुस्तफा पुलवामा में 22 कश्मीरी पंडितों के नरसंहार में शामिल था।

मुस्तफा को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने वर्ष 2003 में गिरफ्तार किया था। वह पाकिस्तान के रावलाकोट का रहने वाला था और पुलवामा में लश्कर का एक प्रशिक्षित कमांडर था। 2007 में इसे जम्मू की कोट भलवाल जेल में भेज दिया गया था। मुस्तफा 2003 से पहले पुंछ और राजोरी जिलों में आतंकियों को घुसपैठ कराकर उनको एक गुप्त रूट से कश्मीर पहुंचाता था।

इस रूट की पूरी जानकारी होने के कारण पीओके में बैठे आतंकियों ने मुस्तफा से संपर्क साधा और उसके जरिये पुंछ के जंगलों में आतंकी हमलों को अंजाम दिया। मुस्तफा के मारे जाने संबंधी कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच शुरू की गई है। वहीं, सेना और पुलिस एसओजी ने घेराबंदी और कड़ी कर दी है।
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जम्मू-कश्मीर: मौसम में सुधार, जम्मू-श्रीनगर हाईवे एकतरफा खुला

भारी बारिश व ओलावृष्टि और पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद रविवार को मौसम में सुधार आया। हालांकि कुछ जिलो में बारिश भी हुई और ऊंचे पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी भी हुई है। पर्यटन स्थल पटनीटॉप और नत्थाटॉप में हल्की बर्फबारी हुई है। प्रशासन ने जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे को एकतरफा बहाल करवा दिया हैं। मुगल रोड अभी बंद है। मौसम विज्ञान केंद्र, श्रीनगर के अनुसार सोमवार से प्रदेश में मौसम साफ हो जाएगा।

जम्मू में सुबह से ही आसमान पर बादल छाए रहे। हालांकि बूंदाबांदी ही हुई। कटड़ा में चार एमएम बारिश शाम साढ़े पांच बजे तक रिकार्ड की गई। पहलगाम के पर्वतीय क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी के अलावा दो एमएम बारिश भी हुई। बटोत में भी दो एमएम बारिश हुई है। बारिश व बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट से ठंडक बढ़ गई है।

सामान्य से कई डिग्री कम तापमान लगभग हर जिले में रिकार्ड हुआ है। जम्मू जिले में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब आठ डिग्री कम 22. 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। कटड़ा में अधिकतम तापमान 19. 4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब आठ डिग्री कम है।

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श्रीनगर में दिन का अधिकतम तापमान दस डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। पहलगाम में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 14 डिग्री लुढ़क कर 4. 4 उिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ हैं। गुलमर्ग में दिन का अधिकतम तापमान 1.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से करीब 12 डिग्री सेल्सियस कम रिकार्ड हुआ है।

मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार 25 अक्तूबर से प्रदेश के मौसम में सुधार आ जाएगा और कुछ एक इलाकों में छोड़कर अधिकतम स्थानों पर मौसम साफ ही रहेगा। यह सिलसिला आगामी दिनों में भी चलेगा।

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जम्मू-कश्मीर: सेना ने उधमपुर से मोटरसाइकिल अभियान 'टोर्नेडोज' को झंडी दिखाकर रवाना किया

सेना के उत्तरी कमान मुख्यालय उधमपुर से सेना सेवा कोर (एएससी) की मोटरसाइकिल रैली को रवाना किया गया। 11 सवारों वाला यह दल देश भर में 2500 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। इस रैली का समापन 11 नवंबर को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर होगा। इस रैली को टोर्नेडोज का नाम दिया गया है।

पीआरओ ने बताया कि इस रैली को चीफ ऑफ स्टाफ (सीओएस) लेफ्टिनेंट जनरल एस हरिमोहन अय्यर ने सोमवार को मुख्यालय से हरी झंडी दिखाई। मेजर शिवम सिंह के नेतृत्व में यह दल देश के विभिन्न इलाकों का दौरा करेगा। इसमें मुख्य तौर पर श्रीनगर, कारगिल, लेह, खारदुंग ला, सियाचिन बेस कैंप, पांग, शिमला, चंडीगढ़ रहेंगे। इसके बाद 11 नवंबर को नई दिल्ली में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर इस अभियान का समापन होगा।

बेहद चुनौतीपूर्ण अभियान के दौरान सभी लोग 2,500 किमी की दूरी तय करेंगे। पीआरओ ने बताया कि यह अभियान सेना के साहस और गौरव का प्रतीक है। दल में शामिल सदस्य रेजांग ला सहित उत्तरी सीमा पर विभिन्न युद्ध स्मारकों पर श्रद्धांजलि अर्पित करेगा। उन्होंने बताया कि एएससी 8 दिसंबर को अपना 261वां कोर दिवस मनाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य चुनौतीपूर्ण अभियान चलाकर कोर के समृद्ध इतिहास को याद करना है।
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जम्मू-कश्मीर: अमित शाह ने खीर भवानी मंदिर में जाकर की पूजा-अर्चना, मंदिर की भी ली परिक्रमा

गृहमंत्री अमित शाह ने अपने तीन दिवसीय दौरे के आखिरी दिन सोमवार को खीर भवानी मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता की आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा भी लगाई। इस मौके पर उनके साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी मौजूद रहे। उनके इस दौरे के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि माता खीर भवानी मंदिर में माँ के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। देशभर के कश्मीरी पंडित भाईयो-बहनों की आस्था का ये एक ऐसा अटूट केंद्र है जो पूरे राष्ट्र को प्रेरणा देता है। इस पवित्र स्थल में एक अद्भुत शक्ति है जिसकी अनुभूति यहाँ आकर निश्चित रूप से होती है।

अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री ने रविवार को जम्मू के भगवती नगर में रैली को संबोधित किया था। गृहमंत्री को सुनने के लिए जम्मू संभाग के सभी जिलों से लोग पहुंचे थे। इस दौरान लोगों ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जम्मू- कश्मीर विकास के नए आयाम छुएगा और जम्मू संभाग की लंबे समय हो रहे अनदेखी भी खत्म होगी।

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कठुआ से रैली में गुज्जर-बकरवाल समुदाय के लोगों ने कहा कि वन अधिकार मिलने से समुदाय के लोगों में वर्तमान सरकार के प्रति विश्वास पैदा हुआ। हम केंद्र और प्रदेश सरकार की तरफ आशा भरी नजरों से देख रहे हैं। कठुआ से आए चौधरी सुलतान खान ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले कुछ समय में गुज्जर- बकरवाल समुदाय के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं।
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फारूक अब्दुल्ला बोले: पहली बार किसी राज्य के दर्जे को किया गया है कम, शांति के लिए भारत-पाक की हो बातचीत

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर हैरानी जताई जिसमें उन्होंने कहा था कि विधानसभा चुनाव के बाद जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा। कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में दीर्घकालिक शांति के लिए लोगों की आकांक्षाओं और इच्छाओं को पूरा करना होगा। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व के इस तर्क पर हैरानी जताई कि निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन पूरा करने और चुनाव के बाद पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा। यह बड़ी हैरानी की बात है।

कुछ महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई सर्वदलीय बैठक को याद किया जिसमें उन्होंने यह मुद्दा उठाया था। पुंछ के मेंढर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी ने तब कहा था कि दिल जीतकर नई दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के बीच के अंतराल को पाटना होगा। जम्मू-कश्मीर के दर्जे को कमजोर करके दिलों को नहीं जीता जा सकता, जिसे विभाजित कर दिया गया। यह पहली बार हुआ कि किसी राज्य के दर्जे को कम किया गया है।

शाह ने विशेष दर्जे को समाप्त करने के केंद्र सरकार के फैसले का बचाव करते हुए शनिवार को कहा था कि पांच अगस्त, 2019 का दिन कश्मीर के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा। यह भी कहा था कि परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराए जाएंगे जिसके बाद पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा।नेकां अध्यक्ष ने भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत की वकालत करते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति के लिए यह जरूरी है। दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल होना चाहिए।

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राजनीतिक लाभ के लिए समाज को बांटने की कोशिशों को गलत बताते हुए कहा कि यह देश की एकता व अखंडता के लिए ठीक नहीं है। चुनाव धर्म के आधार पर नहीं लड़े जाने चाहिए क्योंकि यह जिम्मेदार सरकार गठन का रास्ता बनाता है। उन्होंने पिछले दिनों हुई भारी बारिश व बर्फबारी से फसलों को हुए नुकसान पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रशासन को जल्द से जल्द सर्वे कर नुकसान का आकलन करना चाहिए। साथ ही क्षतिपूर्ति भी की जानी चाहिए।
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जम्मू-कश्मीर: रैली के लिए युद्ध स्तर पर की तैयारी, मैदान में डाली 100 ट्रक रेत

गृह मंत्री अमित शाह की जम्मू के भगवती नगर में ही रैली करने की इच्छा को पूरा करने के लिए प्रशासन ने युद्ध स्तर पर तैयारी कर असंभव को संभव कर दिखाया। रैली के दौरान गृह मंत्री ने रविवार को इसका उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि मैदान पर जलभराव की जब उन्हें जानकारी दी गई, तो उन्हें चिंता होने लगी, लेकिन माता वैष्णो देवी की कृपा से सब ठीक हो गया।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जम्मू विश्वविद्यालय के जनरल जोरावर सिंह सभागार में करीब 1600 लोगों के बैठने की ही क्षमता होने के चलते रात को मुख्य सचिव की तरफ से प्रशासन को जन रैली के लायक मैदान को तैयार करने के लिए कहा गया। मंडल व जिला प्रशासन के अलावा नगर निगम व अन्य संबंधित विभाग निर्देश मिलने पर सक्रिय हो गए और युद्ध स्तर पर मैदान को तैयार करने का काम किया गया।

पानी भरे हुए मैदान में रेत डालकर उसे चलने लायक बनाया गया। करीब 100 ट्रक रेत मैदान में डाली गई। इसके अलावा जनता के बैठने के लिए कुर्सियां व शेल्टर शेड का निर्माण भी रातों रात कर दिया गया। इस कार्य में नगर निगम के कर्मचारियों के अलावा मशीनरी का सबसे ज्यादा प्रयोग हुआ। मंडलायुक्त डा राघव लंगर के अलावा डीसी अंशुल गर्ग व नगर निगम की कमिश्नर अवनी लवासा भी रात भर कार्य का निरीक्षण करते रहे।

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मेयर चंद्र मोहन गुप्ता का कहना है कि नगर निगम के अलावा मंडल व जिला प्रशासन व अन्य संबंधित विभागों की कड़ी मेहनत की वजह से भगवती नगर मैदान जहां जलभराव था, वहां पर सफल रैली का आयोजन कुछ ही घंटो में करके दिखाकर प्रशासनिक सक्रियता का सबूत दिया गया है।

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