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21 मई 2021

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Digital Edition

जम्मू-कश्मीर: बांदीपोरा मुठभेड़ और राष्ट्रपति के दौरे समेत पढ़ें प्रदेश की पांच बड़ी खबरें

जम्मू-कश्मीर में शनिवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है। सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम इस ऑपरेशन को अंजाम दे रही है। दो आतंकियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि दोनों की अभी शिनाख्त नहीं हुई है। मुठभेड़ में तीन घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। फिलहाल ऑपरेशन जारी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

राष्ट्रपति का जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दौरा: कारगिल विजय दिवस की 22वीं वर्षगांठ पर कारगिल युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 25 से 28 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दौरे पर रहेंगे। वह 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस की 22वीं वर्षगांठ पर कारगिल युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके अगले दिन वह श्रीनगर में कश्मीर विश्वविद्यालय के 19वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

हथियार लाइसेंस मामला: सीबीआई ने जम्मू-कश्मीर में 22 ठिकानों पर छापेमारी की    
फर्जी बंदूक लाइसेंस मामले में सीबीआई ने शनिवार को प्रदेश में बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले से जुड़े 40 ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें से 12 ठिकाने केवल कश्मीर घाटी के हैं। यह जांच सीबीआई चंडीगढ़ शाखा द्वारा की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि श्रीनगर में एक अधिकारी के सरकारी आवास पर भी छापेमारी हुई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

ड्रोन वार: जम्मू को दहलाने की फिराक में आतंकी संगठन, पीओके में दिया जा रहा हमले का प्रशिक्षण
पाकिस्तान सरहद पर सीजफायर की आड़ में भारत के खिलाफ ड्रोन वार चला रहा है। साजिश के तहत आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-ताइबा को आगे करके पाकिस्तानी सेना और आईएसआई आतंकी साजिशों को अंजाम देने की कोशिश में हैं। पीओके में आतंकियों को ड्रोन से हमले का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

जम्मू-कश्मीर: स्वतंत्रता दिवस पर ड्रोन हमले के खतरे से निपटने के लिए रणनीति तैयार, तैनात की गईं क्यूआरटी टीमें
स्वतंत्रता दिवस पर जम्मू-कश्मीर में ड्रोन के खतरे से निपटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है। जिस तेजी से आतंकी संगठन ड्रोन का इनका इस्तेमाल कर रहे हैं, उससे आशंका है कि अगले 20 दिनों के दौरान ऐसे और भी प्रयास हो सकते हैं। लिहाजा इससे निपटने के लिए पुलिस ने एंटी ड्रोन रणनीति बनाई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

दिल्ली पहुंचे मीर: सोनिया गांधी और राहुल से की मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई लंबी चर्चा
जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर की मौजूदा हालात के बारे में जानकारी दी। मीर ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की। लोगों से संबंधित मुद्दों पर उनसे विस्तृत चर्चा की। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर

जम्मू-कश्मीर: सुचेतगढ़ में बीएसएफ और पाकिस्तानी रेंजरों की बैठक, कहा दो टूक-ड्रोक से बाज आए पाक

आरएस पुरा सेक्टर के सुचेतगढ़ बॉर्डर पर पाकिस्तानी रेंजरों के समक्ष आतंकी गतिविधियों, ड्रोन भेजने और सुरंगें खोदने की घटनाओं का कड़ा विरोध दर्ज करवाया है। डीजीएमओ स्तर पर दोनों सेनाओं के बीच संघर्ष विराम घोषित होने के बाद शनिवार को पाकिस्तान के अनुरोध पर सेक्टर कमांडर स्तर की पहली बैठक बुलाई गई।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए डीआईजी बीएसएफ सुरजीत सिंह ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष के सामने ड्रोन हमले समेत अन्य नापाक हरकतों से बाज आने को कहा।  इस दौरान संघर्ष विराम समझौते पर अमल के लिए दोनों पक्षों ने सहमति जताते हुए जमीनी स्तर पर हालात बेहतर करने पर जोर दिया। पाकिस्तान रेंजर्स के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सियालकोट सेक्टर के कमांडर पाकिस्तान रेंजर्स ब्रिगेडियर मुराद हुसैन कर रहे थे।

डीजीएमओ की तरफ से संघर्ष विराम समझौते की घोषणा के बाद दो सीमा सुरक्षा बलों के बीच यह पहली सेक्टर कमांडर स्तर की बैठक थी। बैठक के दौरान सीमा प्रबंधन से संबंधित अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बीएसएफ प्रवक्ता के अनुसार जम्मू क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन गतिविधियों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। यह निर्णय लिया गया कि जब भी आवश्यक हो, संचालन मामलों को हल करने के लिए फील्ड कमांडरों के बीच तत्काल संचार को सक्रिय किया जाए।

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बैठक सौहार्दपूर्ण, सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में हुई। दोनों पक्ष पहले डीजी स्तर की वार्ता में लिए गए निर्णयों के शीघ्र अमल पर सहमत हुए। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए एक दूसरे के लिए प्रतिबद्धता भी जाहिर की गई।

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राष्ट्रपति का जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दौरा: कारगिल विजय दिवस की 22वीं वर्षगांठ पर कारगिल युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 25 से 28 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दौरे पर रहेंगे। वह 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस की 22वीं वर्षगांठ पर कारगिल युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके अगले दिन वह श्रीनगर में कश्मीर विश्वविद्यालय के 19वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगे।

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। 2019 में भी उन्हें वार मेमोरियल पर श्रद्धा सुमन अर्पित करना था, लेकिन खराब मौसम के चलते श्रीनगर से उनका विमान उड़ नहीं सका था।

सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही दौरे के दौरान अधिकारियों की तैनाती का खाका खींचा जा रहा है। एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक की सुरक्षा व्यवस्था तय की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि दौरे को देखते हुए घाटी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। सभी प्रमुख नाकों पर चेकिंग तेज कर दी गई है। इसके साथ ही कई इलाकों में उनके दौरे को देखते हुए कुछ समय के लिए यातायात भी प्रतिबंधित किया जाएगा।

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जम्मू-कश्मीर: पुलवामा हमले के मामले में टाडा कोर्ट में सुनवाई, लेथपोरा में शहीद हुए थे 40 जवान

लेथपोरा पुलवामा हमले के मामले में टाडा कोर्ट जम्मू में सुनवाई चल रही है। 14 फरवरी, 2019 को हुए पुलवामा हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू की एनआईए अदालत में 19 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली थी।

13 हजार 500 पन्नों की चार्जशीट डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल सोनिया नारंग और पुलिस अधीक्षक राकेश बलवाल की एक टीम द्वारा जांच के बाद तैयार की गई। इसमें जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर और उसके भाई अब्दुल रऊफ असगर समेत 19 को आरोपी पाया गया।

चार्जशीट में इस हमले में पाकिस्तान की भूमिका के पुख्ता सबूत, तकनीकी, सामग्री और परिस्थितिजन्य साक्ष्य हैं। पाकिस्तान ने एक स्थानीय आतंकी आदिल अहमद डार का इस्तेमाल किया। जिसने पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले में विस्फोटक से लदी एक कार से टक्कर मारी थी।

जांच में पता चला है कि हमले में इस्तेमाल किया गया आरडीएक्स पाकिस्तान से मंगवाया गया था। जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने भारत में घुसपैठ की थी और एनआईए के पास इसके साक्ष्य भी हैं। चार्जशीट में एक महिला सहित उन सभी आरोपियों के नाम है, जिन्होंने पाकिस्तान के इशारे पर हमले को अंजाम देने के लिए आत्मघाती हमलावर की मदद की थी।

इसी मामले में एनआईए ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मोहम्मद उमर फारूक के एक मददगार मोहम्मद इकबाल राथर को गिरफ्तार किया था। राथर मैसजिंग एप के जरिये पाकिस्तान में बैठे जैश के आकाओं के लगातार संपर्क में था।

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लेथपोरा पुलवामा हमला
जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर की मौजूदा हालात के बारे में जानकारी दी। मीर ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की। लोगों से संबंधित मुद्दों पर उनसे विस्तृत चर्चा की।

गुलाम अहमद मीर ने पार्टी आलाकमान को जम्मू और कश्मीर संभाग में संगठनात्मक मामलों और गतिविधियों से अवगत कराया। परिसीमन आयोग की हालिया यात्रा , सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों के बारे में भी जानकारी दी। बेरोजगारी, लॉकडाउन के कारण प्रदेश के लोगों को हुए आर्थिक नुकसान पर विस्तृत चर्चा की।

जेकेपीसीसी अध्यक्ष ने नेतृत्व को वर्तमान सरकार और लोकप्रिय सरकार की अनुपस्थिति में लोगों के बीच अलगाव के नतीजों के बारे में भी जानकारी दी, जिससे लोगों में बेचैनी पैदा हुई, इसके अलावा उन्हें जम्मू-कश्मीर में परिसीमन आयोग की हालिया यात्रा के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान पार्टी आलाकमान ने लोगों के सामने आने वाली कठिनाइयों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। किसी भी परिस्थिति में लोगों को पार्टी के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

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जम्मू-कश्मीर: सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, दो दहशतगर्दों का खात्मा, तीन जवान घायल

जम्मू-कश्मीर में शनिवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है। सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम इस ऑपरेशन को अंजाम दे रही है। दो आतंकियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि दोनों की अभी शिनाख्त नहीं हुई है। मुठभेड़ में तीन घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। फिलहाल ऑपरेशन जारी है।

सूत्रों ने बताया कि बांदीपोरा के सोकबाबा वन क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी की विशेष सूचना मिलने पर बांदीपोरा पुलिस, सेना की 13 व 14 आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान चलाया। घेरा सख्त होता देख आतंकियों ने फायरिंग शुरु कर दी।

इसके बाद जवानों ने मोर्चा संभाला। साथ ही आतंकियों को आत्मसमर्पण का मौका भी दिया, लेकिन आतंकी गोलियां बरसाते रहे। परिणामस्वरूप सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को ढेर कर दिया। हालांकि इस मुठभेड़ में तीन जवान घायल हो गए हैं। एक अधिकारी ने आगे कहा कि आज सुबह जैसे ही सुरक्षाबल संदिग्ध स्थान की ओर बढ़ रहे थे, छिपे हुए आतंकवादियों ने उन पर गोलियां चला दीं जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई।

इससे पहले शुक्रवार को उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में रात भर चली मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने लश्कर के कमांडर समेत दो आतंकियों को मार गिराया। इनके पास से दो एके 56 राइफल, चार मैगजीन, 136 कारतूस व दो बैग बरामद हुए हैं। दोनों आतंकी स्थानीय थे। 

जम्मू-कश्मीर पुलिस को वीरवार को सोपोर के वारपोरा में गुरुवार देर रात आतंकियों के मौजूद होने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर सोपोर पुलिस, एसओजी और सेना की 22 राष्ट्रीय राइफल्स व सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया। घर-घर तलाशी के दौरान एक मकान में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर  ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

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एक्शन: जम्मू-कश्मीर समेत 40 ठिकानों पर सीबीआई का छापा, फर्जी बंदूक लाइसेंस मामले में हुई कार्रवाई

फर्जी बंदूक लाइसेंस मामले में सीबीआई ने शनिवार को प्रदेश में बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले से जुड़े 40 ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें से 12 ठिकाने केवल कश्मीर घाटी के हैं। यह जांच सीबीआई चंडीगढ़ शाखा द्वारा की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि श्रीनगर में एक अधिकारी के सरकारी आवास पर भी छापेमारी हुई है।

एक अधिकारी ने बताया कि सीबीआई ने जम्मू-कश्मीर में 22 स्थानों पर व्यापक छापे मारे, जिसमें कश्मीर में 12 स्थान और जम्मू क्षेत्र में 10 स्थान शामिल हैं। अधिकारी ने कहा कि यह छापेमारी 2018 में सीबीआई को सौंपे गए फर्जी बंदूक लाइसेंस मामले के सिलसिले में की गई।

इस मामले की जांच पहले राजस्थान के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने की थी। वहीं गैर-जम्मू-कश्मीर निवासियों को दिए गए फर्जी बंदूक लाइसेंस के बारे में चौंकाने वाले खुलासे के बाद इसे सीबीआई को सौंप दिया गया था। एटीएस ने पाया था कि जाली दस्तावेजों पर उधमपुर, डोडा, रामबन और कुपवाड़ा जिलों में गैर-जम्मू-कश्मीर निवासियों को 40,000 फर्जी बंदूक लाइसेंस जारी किए गए थे।

प्रारंभिक जांच से पता चला था कि एक आईएएस अधिकारी ने गैर-जम्मू-कश्मीर निवासियों को बड़ी संख्या में फर्जी बंदूक लाइसेंस जारी किए थे, जब वह उपायुक्त (डीसी) के रूप में एक जिले में तैनात थे।

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जम्मू-कश्मीर: मनकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर माइन ब्लास्ट, एक जवान शहीद, एक घायल

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मनकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर माइन ब्लास्ट हुआ है। ब्लास्ट में एक जवान शहीद हो गया है है। भारतीय सेना ने यह जानकारी दी है। जानकारी के अनुसार, पुंछ जिले के मनकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास माइन ब्लास्ट हुआ है। इसमें सेना का एक जवान शहीद हो गया है। शहीद जवान की पहचान 27 वर्षीय कमल वैद्य के रूप में हुई है। कमल हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के रहने वाले थे। इस हादसे में एक जवान घायल भी हुआ है। जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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जम्मू-कश्मीर: स्वतंत्रता दिवस पर ड्रोन हमले के खतरे से निपटने के लिए रणनीति तैयार, तैनात की गईं क्यूआरटी टीमें

स्वतंत्रता दिवस पर जम्मू-कश्मीर में ड्रोन के खतरे से निपटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है। जिस तेजी से आतंकी संगठन ड्रोन का इनका इस्तेमाल कर रहे हैं, उससे आशंका है कि अगले 20 दिनों के दौरान ऐसे और भी प्रयास हो सकते हैं। लिहाजा इससे निपटने के लिए पुलिस ने एंटी ड्रोन रणनीति बनाई है।

एडीजीपी मुकेश सिंह का कहना है कि इससे निपटने के लिए कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। किस तरह की तैयारी की गई है, फिलहाल इसकी जानकारी नहीं दे सकते, लेकिन महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर एंटी ड्रोन सिस्टम तैनात किया गया है। पुलिस ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर तैयारी की है। मुकेश सिंह का कहना है कि 15 अगस्त को लेकर तैयारी चल रही है। सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। ड्रोन के संभावित हमलों को रोकने की पूरी तैयारी है। जैश की साजिश की खबर मिली है। जो इनपुट मिले हैं, उन पर काम चल रहा है। आतंकी स्वतंत्रता दिवस पर किसी साजिश को अंजाम देने की फिराक में हैं। जैश और लश्कर दोनों मिलकर ऐसा करना चाहते हैं। हमारे पास इस तरह के इनपुट हैं। 

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