बदलाव: अब काव्य के नए कलेवर के साथ और गहरी होगी कविताओं की बुनियाद

amar ujala kavya in new design
                
                                                             
                            अमर उजाला 'काव्य' अब नए रंग-रूप के साथ आपके सामने प्रस्तुत है। ठीक वैसे कि कविता की किताब पर एक नई जिल्द चढ़ा दी जाए। जबकि कविता से राब्ता तो वही रहता है। इसमें पाठकों के लिए विशेष तौर पर कुछ सेक्शन भी जोड़े गए हैं।
                                                                     
                            

सबसे पहले हलचल है जिसमें साहित्य की दुनिया से जुड़ी तमाम जानकारियां आप तक पहुंचाई जाएंगी, कौन सा साहित्योत्सव कब है, कहां है। काव्य कैफ़े में भाग कैसे लें आदि सवालों के जवाब आपको इस सेक्शन के भीतर मिलेंगे।

आज का शब्द से आप प्रतिदिन हिंदी भाषा का एक अर्थ जानते हैं और ये भी कि हमारे कवियों ने उस शब्द का प्रयोग अपनी कविता में किस तरह किया है।

मेरे अल्फ़ाज़ पाठकों की स्व-रचित कविताओं के लिए है। जहां आप पाठकों की भेजी रचनाएं पढ़ सकते हैं। अगर आप भी कविता लिखते हैं तो इसके लिए आप रचना भेजिए पर क्लिक करें। आपके सामने एक फ़ॉर्म खुलेगा। जिसमें हिंदी शीर्षक और अंग्रेज़ी शीर्षक के बाद आप अगले कॉलम में अपनी पूरी कविता लिख दें। इसमें आप अपनी कविता के बैकग्राउंड के लिए रंग का चुनाव भी कर सकते हैं, साथ ही संबंधित तस्वीर भी जोड़ सकते हैं। 


किताब समीक्षा में किताबों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। 

साहित्य में आप लेखकों के जीवन के क़िस्से पढ़ेंगे साथ ही किताबों के अंश, कथा, कहानी भी इसमें शामिल होंगे। 

कविता के अंतर्गत हिंदी कविता का समूचा संसार शामिल है। आपके पसंदीदा कवियों की पसंदीदा रचनाएं इसमें पढ़ने को मिलेंगी।

उर्दू अदब में उर्दू की नज़्में, ग़ज़लें, शेर आदि आप पढ़ेंगे। 

इस नए कलेवर के साथ आप भी अपनी ताज़ा लिखी कविताएं हम तक पहुंचाएं। 
2 months ago
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