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बहरों को फरियाद सुनाना, अच्छा है पर कभी-कभी: हुल्लड़ मुरादाबादी

बहरों को फरियाद सुनाना, अच्छा है पर कभी-कभी: हुल्लड़ मुरादाबादी
                
                                                                                 
                            बहरों को फरियाद सुनाना, अच्छा है पर कभी-कभी
                                                                                                

अंधों को दर्पण दिखलाना, अच्छा है पर कभी-कभी

ऐसा न हो तेरी कोई उंगली गायब हो जाए
नेताओं से हाथ मिलाना, अच्छा है पर कभी-कभी

बीवी को बंदूक सिखाकर तुमने रिस्की काम किया
अपनी लुटिया आप डुबाना, अच्छा है पर कभी-कभी आगे पढ़ें

6 days ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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