भगवत रावत की कविता: जब इतिहास की तरफ़ लौटते हैं लोग 

भगवत रावत की कविता: जब इतिहास की तरफ़ लौटते हैं लोग
                
                                                             
                            दिन भर की थकान के बाद
                                                                     
                            
घरों की तरफ लौटते हुए लोग 
भले लगते हैं 

दिन भर की उड़ान के बाद
घोंसलों की तरफ लौटती चिड़ियाँ 
सुहानी लगती हैं 

लोकिन जब 
धर्म की तरफ़ लौटते हैं लोग
इतिहास की तरफ़ लौटते हैं लोग 
तो वे ही 
धर्म और इतिहास के 
हत्यारे बन जाते हैं  आगे पढ़ें

1 month ago

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