इतने दिनों के बाद वह इस समय ठीक मेरे सामने है - केदारनाथ सिंह

kedarnath singh hindi kavita itne dinon ke baad vah
                
                                                             
                            इतने दिनों के बाद
                                                                     
                            
वह इस समय ठीक
मेरे सामने है

न कुछ कहना
न सुनना
न पाना
न खोना
सिर्फ़ आँखों के आगे
एक परिचित चेहरे का होना

होना-
इतना ही काफ़ी है

बस इतने से
हल हो जाते हैं
बहुत-से सवाल
बहुत-से शब्दों में
बस इसी से भर आया है लबालब अर्थ
कि वह है

वह है
है
और चकित हूँ मैं
कि इतने बरस बाद
और इस कठिन समय में भी
वह बिल्कुल उसी तरह
हँस रही है

और बस
इतना ही काफ़ी है
3 weeks ago
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