इंदीवर: बड़े अरमान से रखा है बलम तेरी कसम....

इंदीवर: बड़े अरमान से रखा है बलम तेरी कसम....
                
                                                             
                            'बड़े अरमान से रखा है बलम तेरी कसम, 
                                                                     
                            
प्यार की दुनिया में ये पहला क़दम'


भले ही इस खूबसूरत गीत को वजूद में आए 65 साल गुज़र गए हों, लेकिन इसकी तासीर आज भी मोहब्बत बिखेरे हुए है। यह महज़ एक गीत का जन्म ही नहीं था, बल्कि बॉलीवुड में एक ऐसे दौर का आग़ाज़ था, जिसने गीतों में लोक संगीत और मिट्टी की खुशबू भर दी। संगीत की दुनिया में एक ऐसे दिवाकर का उदय हो चुका था, जिसकी रौशनी सतरंगी थी और यह दिवाकर थे मशहूर गीतकार इंदीवर...इंदीवर ने ज़मीन से जुड़े लोगों की आम भाषा के शब्दों को जब गीतों में पिरोकर उन्हें वापस किया, तो श्रोताओं को उसमें एक अपनापन लगा। उस वक्त उर्दू शायरी से भरपूर गीतों का बॉलीवुड में बोल बाला था, बावजूद इसके उन्होंने हल्के-फुल्के शब्दों से वज़नदार नग़मों को लोकप्रिय बनाया। भले ही उनके गीतों में उर्दू के शायराना शब्दों की कमी हो, लेकिन मोहब्बत की नज़ाकत और दर्द का अहसास कहीं से भी कम नहीं होता। उनके गीतों से श्रोता आसानी से राब्ता कायम कर लेता है। क्या गांव, क्या गली, क्या डगर, क्या शहर, जहां भी इंदीवर साहब के गाने गूंजे, फ़िज़ा की रंगत ही बदल गई।  आगे पढ़ें

2 weeks ago
Comments
X