तन्हाई

                
                                                             
                            पतझड़ से दिल को सावन बना दिया,
                                                                     
                            
जब हुई हरियाली फिर तन्हा छोड़ दिया,
हम तो दूर ही थे "ज़ीशान" इस मोहब्बत से
क्यूँ उसने अपना बना के बेगाना कर दिया

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3 years ago

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