गीत - ओ मेरी जश्न ए बहारा

                
                                                             
                            धड़कनों की खबर, देती तिरछी ये नजर, तुम क्या जानो!
                                                                     
                            
उड़ती ये चुनर, कहती सारी उम्र भर, अपना मानो!

कुछ तो है तुमको कहना
कुछ तो है हमको सुनना

मर ही जाएंगे, रह न पाएंगे
कहना तुमको जो है कह दो

ओ मेरी जश्न - ए- बहारा, तू है सहरी का तारा
ओ मेरी जश्न - ए- बहारा, तू है सहरी का तारा

विजय बाराबंकवी
 
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7 months ago

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