आज का शब्द

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                                                                           घोर ध्वनि करने या होने की प्रकिया अथवा बादलों की गड़गड़ाहट को गर्जन कहते हैं। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- गर्जन। प्रस्तुत है बलबीर सिंह 'रंग' की कविता:  मिली अचानक राह बता दो... 

मिली अचानकऔर पढ़ें
24 minutes ago
                                                                           प्रबल यानि बलवान, प्रचंड या तेज। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- प्रबल। प्रस्तुत है हरिवंशराय बच्चन की कविता: विवशता से पर पसारे

प्रबल झंझावात, साथी!

देह पर अधिकार हारे,
विवशता से...और पढ़ें
9 hours ago
                                                                           क्रीड़ा का अर्थ है- केवल मन बहलाने के लिए किया जाने वाला काम, खेल-कूद, आमोद- प्रमोद। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- क्रीड़ा। प्रस्तुत है जयशंकर प्रसाद की कविता: आँखों से अलख जगाने को

आँखों से अलख जगान...और पढ़ें
1 day ago
                                                                           कौशल यानि किसी काम को बहुत अच्छी तरह से करने का ढंग, कुशलता या निपुणता। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- कौशल। प्रस्तुत है विहाग वैभव की कविता: लड़ने के लिए चाहिए 

लड़ने के लिए चाहिए 
थोड़ी-सी सनक...और पढ़ें
2 days ago
                                                                           'गवाक्ष' का अर्थ होता है- छोटी खिड़की या दीवार में बना हुआ झरोखा। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- गवाक्ष। प्रस्तुत है सुमित्रानंदन पंत की कविता: हाय, हिमालय ही पल में हो गया तिरोहित

हाय, हिमालय...और पढ़ें
3 days ago
                                                                           'मर्म' का अर्थ है- स्वरूप, रहस्य, भेद, संधि स्थान। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- मर्म। प्रस्तुत है- सुभद्राकुमारी चौहान की कविता: कर्म के योगी, शक्ति-प्रयोगी

कर्म के योगी, शक्ति-प्रयोगी, ...और पढ़ें
4 days ago
                                                                           हिंदी हैं हम शब्द-श्रृंखला में आज का शब्द है लतिका जिसका मतलब है छोटी लता या बेल। कवि जयशंकर प्रसाद ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है।

बीती विभावरी जाग री!

अम्बर पनघट में डुबो रही
तारा-घट ऊषा नागरी...और पढ़ें
5 days ago
                                                                           'जननी' यानि मां या उत्पन्न करने वाली। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- जननी। प्रस्तुत है गोपालदास 'नीरज' की कविता:  साथी सब सहना पड़ता है...

साथी, सब सहना पड़ता है। 
उर-अंतर के अरऔर पढ़ें
6 days ago
                                                                           हिंदी हैं हम शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है - सोम जिसका अर्थ है 1. सोमवार 2. चंद्रमा 3. एक प्राचीन लता जिसके रस का सेवन वैदित ऋषि करते थे। इस शब्द का प्रयोग कवि रामधारी सिंह दिनकर अपनी कविता में यूं करते हैं। 

वैराग्य छोड़ बांहों की व...और पढ़ें
1 week ago
                                                                           'विभा' का अर्थ होता है-दीप्ति, चमक, प्रकाश या रोशनी, किरण। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- विभा। प्रस्तुत है रामधारी सिंह 'दिनकर' की कविता: आग की भीख

धुँधली हुईं दिशाएँ, छाने लगा कुहासा...और पढ़ें
1 week ago
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