आज का शब्द: बौर और गिरिजा कुमार माथुर की कविता- मेरा जिस्म फिर से नया रूप धर आया है

आज का शब्द
                
                                                             
                            अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- बौर, जिसका अर्थ है- आम की मंजरी। प्रस्तुत है गिरिजा कुमार माथुर की कविता- मेरा जिस्म फिर से नया रूप धर आया है
                                                                     
                            

मेरे युवा-आम में नया बौर आया है
ख़ुशबू बहुत है क्योंकि तुमने लगाया है

आएगी फूल-हवा अलबेली मानिनी
छाएगी कसी-कसी अँबियों की चाँदनी
चमकीले, मँजे अंग चेहरा हँसता मयंक
खनकदार स्वर में तेज गमक-ताल फागुनी

मेरा जिस्म फिर से नया रूप धर आया है
ताज़गी बहुत है क्योंकि तुमने सजाया है। आगे पढ़ें

1 week ago

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