आज का शब्द: धरा और धर्मवीर भारती कविता- थके हुए कलाकार से

आज का शब्द- धरा और धर्मवीर भारती कविता: थके हुए कलाकार से
                
                                                             
                            'धरा' का अर्थ होता है- पृथ्वी, जमीन या संसार। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- धरा। प्रस्तुत है धर्मवीर भारती की कविता: थके हुए कलाकार से....
                                                                     
                            

सृजन की थकन भूल जा देवता! 
अभी तो पड़ी है धरा अधबनी, 
अभी तो पलक में नहीं खिल सकी 
नवल कल्पना की मधुर चाँदनी 
अभी अधखिली ज्योत्सना की कली 
नहीं ज़िंदगी की सुरभि में सनी— 
अभी तो पड़ी है धरा अधबनी, 
अधूरी धरा पर नहीं है कहीं 
अभी स्वर्ग की नींव का भी पता ! 
सृजन की थकन भूल जा देवता !  आगे पढ़ें

1 month ago
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