आज का शब्द: गगन और शिवमंगल सिंह 'सुमन' की सुप्रसिद्ध कविता... हम पंछी उन्मुक्त...

आज का शब्द- गगन और शिवमंगल सिंह ‘सुमन’की सुप्रसिद्ध कविता: हम पंछी उन्मुक्त...
                
                                                             
                            'गगन' का अर्थ होता है आकाश या आसमान। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- गगन। प्रस्तुत है शिवमंगल सिंह 'सुमन' की कविता सुप्रसिद्ध कविता: हम पंछी उन्मुक्त....
                                                                     
                            

हम पंछी उन्मुक्त गगन के
पिंजरबद्ध न गा पाएँगे,
कनक-तीलियों से टकराकर
पुलकित पंख टूट जाऍंगे।

हम बहता जल पीनेवाले
मर जाएँगे भूखे-प्यासे,
कहीं भली है कटुक निबोरी
कनक-कटोरी की मैदा से,

स्वर्ण-श्रृंखला के बंधन में
अपनी गति, उड़ान सब भूले,
बस सपनों में देख रहे हैं
तरू की फुनगी पर के झूले। आगे पढ़ें

3 weeks ago
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