आज का शब्द: गंतव्य और रति सक्सेना की कविता- सपनों की भटकन

आज का शब्द- गंतव्य और रति सक्सेना की कविता: सपनों की भटकन
                
                                                             
                            'गंतव्य' यानि वह स्थान जहां कोई जाना या पहुंचना चाहता हो या कोई अथवा कुछ भेजा जाता हो। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- गंतव्य। प्रस्तुत है रति सक्सेना की कविता: सपनों की भटकन 
                                                                     
                            

हर सुबह 
शुरू हो जाती है, मेरे सपनों की 
भटकन 

वे जानते हैं, कि कहाँ जाना नहीं 
गंतव्य 
उनकी डायरी में दर्ज नहीं  आगे पढ़ें

1 month ago
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