आज का शब्द: निशि और सुमित्रानंदन पंत की कविता- ग्राम श्री 

आज का शब्द
                
                                                             
                            निशि का अर्थ है- रात या रात्रि। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- निशि। प्रस्तुत है सुमित्रानंदन पंत की कविता- ग्राम श्री 
                                                                     
                            

फैली खेतों में दूर तलक 
मखमल की कोमल हरियाली, 
लिपटीं जिससे रवि की किरणें 
चाँदी की सी उजली जाली! 

तिनकों के हरे हरे तन पर 
हिल हरित रुधिर है रहा झलक, 
श्यामल भू तल पर झुका हुआ 
नभ का चिर निर्मल नील फ़लक! 

रोमांचित-सी लगी वसुधा 
आई जौ गेहूँ में बाली, 
अरहर सनई की सोने की 
किंकिणियां हैं शोभाशाली!  आगे पढ़ें

1 month ago

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