आज का शब्द: नियति और श्रीकांत वर्मा की कविता- प्रेम अकेले होने का ही एक और ढंग है

आज का शब्द- नियति और श्रीकांत वर्मा की कविता: प्रेम अकेले होने का ही एक और ढंग है
                
                                                             
                            नियति का अर्थ होता है- नियत होने की क्रिया या भाव अथवा ईश्वरीय या अदृश्य शक्ति के द्वारा पहले से नियत वह बात जो अवश्य होकर रहे, दूसरे शब्दों में इसे 'होनी' या 'भाग्य' भी कह सकते हैं। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- नियति। प्रस्तुत है श्रीकांत वर्मा की कविता: प्रेम अकेले होने का ही एक और ढंग है
                                                                     
                            

भागकर अकेलेपन से अपने 
तुममें मैं गया। 
सुविधा के कई वर्ष 
तुममें व्यतीत किए। 

कैसे? 
कुछ स्मरण नहीं।  आगे पढ़ें

1 month ago
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