आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा: अहमद फ़राज़

जिस से ये तबीअत बड़ी मुश्किल से लगी थी: अहमद फ़राज़
                
                                                             
                            आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा 
                                                                     
                            
वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जाएगा 

इतना मानूस न हो ख़ल्वत-ए-ग़म से अपनी 
तू कभी ख़ुद को भी देखेगा तो डर जाएगा 

डूबते डूबते कश्ती को उछाला दे दूँ 
मैं नहीं कोई तो साहिल पे उतर जाएगा  आगे पढ़ें

1 month ago

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