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Ahmad Faraz Poetry: अहमज फ़राज़ की ग़ज़ल 'दो घड़ी उस से रहो दूर तो यूँ लगता है'

ahmad faraz famous ghazal zindagi se yahi gila hai mujhe tu bahut der se mila hai mujhe
                
                                                                                 
                            

ज़िंदगी से यही गिला है मुझे


तू बहुत देर से मिला है मुझे

तू मोहब्बत से कोई चाल तो चल
हार जाने का हौसला है मुझे

दिल धड़कता नहीं टपकता है
कल जो ख़्वाहिश थी आबला है मुझे

हम-सफ़र चाहिए हुजूम नहीं
इक मुसाफ़िर भी क़ाफ़िला है मुझे

कोहकन हो कि क़ैस हो कि 'फ़राज़'
सब में इक शख़्स ही मिला है मुझे

1 month ago

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