मैं उस की आंखों से छलकी शराब पीता हूं - हसरत जयपुरी

hasrat jaipuri ghazal main uski aankhon se chhalki sharaab peeta hoon
                
                                                             
                            
मैं उस की आंखों से छलकी शराब पीता हूं
ग़रीब हो के भी महंगी शराब पीता हूं

मुझे नशे में बहकते कभी नहीं देखा
वो जानता है मैं कितनी शराब पीता हूं

उसे भी देखूं तो पहचानने में देर लगे
कभी कभी तो मैं इतनी शराब पीता हूं

पुराने चाहने वालों की याद आने लगे
इसी लिए मैं पुरानी शराब पीता हूं
1 month ago
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